शनिवार, 21 सितंबर 2019



बरसात का पानी जाये धरती में
September 21, 2019 • सुनील जैन राना
देश में पहली बार कोई सरकार जल संग्रह के प्रति जागरूक हुई है। मोदीजी जल संरक्षण के लिए दूरगामी योजनाएं बना रहे हैं। देश में पानी की कमी अनेको राज्य में हो रही है। ऐसे में भविष्य में पीने का साफ़ पानी मिलना तो दूभर है काम चलाने लायक पानी भी मुश्किल से ही मिलेगा ऐसा प्रतीत हो रहा है।
देश में जनता को जल संग्रह के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस विषय में मेरा यह मानना है की यदि बरसात का पानी धरती में वापस पहुंचा सके तो भी बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। यह कार्य सरकारी स्तर ही सम्भव हो सकता है। बरसात का पानी सभी घरों से नाली में बहकर नाले में जाता है फिर आगे कहां जाता है इसके लिए प्रयास करने होंगे। आगे जाने से पहले ही यदि पानी को धरती में जाने के रास्ते बनाये जाए तो पानी आगे व्यर्थ न होकर धरती में समाकर जल स्तर ऊपर आ सकता है। यह कार्य छोटे स्तर पर प्रत्येक जगह किया जा सकता है।
दूसरी बात यह की मनरेगा का पूर्ण इस्तेमाल नहरे बनाने में ही होना चाहिए। जिससे बाढ़ के पानी को नहरों के जरिये नदियों में छोड़ा जा सके और जहां पानी की अधिकता है उसे कम पानी की जगह मोड़ा जा सके। सरकार की जल संरक्षण योजना में उपरोक्त सुझाव यदि अच्छे लगे तो शामिल करने चाहिए।                                                               *सुनील जैन राना *

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