बुधवार, 18 मार्च 2026

जब अटल सरकार को गिराया था

जूते में दाल बंट रही है
भाजपा  कॉंग्रेस को उसके स्टाइल में ही जवाब दे रही है

बस उसी जूते से मार रहे हैं जिस जूते से कभी कांग्रेस ने अटल जी को मारा था आज मोदी शाह उसी जूते से कांग्रेस को दाल परोस रहे हैं।

इसे ही कहते हैं'मीयां की जूती मीयां के सर।'

आज कांग्रेसी नेताओं को सुनेंगे तो यह कहेंगे बीजेपी में नैतिकता नहीं है।
बीजेपी विधायक खरीद रही है।
बीजेपी सांसद खरीद रही है।
बीजेपी सरकार गिरा रही है।ब्ला ब्ला प्याँ प्याँ 

अटल जी के साथ इस सोनिया गांधी और उसके सलाहकार अहमद पटेल ने जो कुछ किया था पत्रकार स्वप्नदास गुप्ता के अनुसारः-'अटल जी के आंखों में आंसू आ गए थे और वहां मौजूद कई लोगों ने अटल जी को रोते देखा था।'16 अप्रैल 1999 को अटल जी के सरकार का बहुमत परीक्षण होने वाला था अटल जी आश्वस्त थे कि वह बहुमत साबित कर देंगे।

कांग्रेस ने इतना गंदा खेल खेला की एनडीए में शामिल अकाली दल के सांसद इंद्रकुमार गुजराल को तोड़ा और गुजराल ने ह्विप का उल्लंघन करके अटल जी के खिलाफ वोट डाला।

इसके अलावा उस वक्त फारुख अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस जो NDA में शामिल थी।

उस नेशनल कांफ्रेंस के सैफुद्दीन सोज को अहमद पटेल ने कुरान की कसम देकर अटल जी के सरकार के खिलाफ वोट देने को कहा था। यह सब तो ठीक था ।

उससे भी बढ़कर नीचता देखकर उस वक्त सब चौंक गए कि जब 15 फरवरी को ही उड़ीसा के मुख्यमंत्री का शपथ ले चुके गिरधर गोमांग सदन में आ गये थे।
नैतिकता के अनुसार जब वह मुख्यमंत्री पद का शपथ ले लिए तब उन्हें संसद से इस्तीफा दे देना चाहिए था। लेकिन फरवरी में वह मुख्यमंत्री बने और अप्रैल तक उन्होंने सांसद पद से इस्तीफा नहीं दिया।

यह तो अटल जी की महानता थी कि उन्होंने सदन में खड़े होकर कहा थाः
'मैं सोनिया गांधी और गिरधर गोमांग के विवेक पर छोड़ता हूं कि क्या वह जो कर रहे हैं वह नैतिक रूप से ठीक है और मुझे विश्वास है कि अपनी अंतरात्मा की आवाज मानते हुए गिरधर गोमांग सदन की वोटिंग में हिस्सा नहीं लेंगे क्योंकि वह एक मुख्यमंत्री बने हैं।'

लेकिन उसके बावजूद भी भारत के लोकतंत्र का बलात्कार करते हुए सोनिया गांधी ने गिरधर गोमांग से वोट दिलवाया था और मात्र एक वोट से अटल जी की सरकार गिर गयी थी।बाद में लॉबी में सारे पत्रकार थे और अटल जी की आंखें आंसुओं से भरी हुई थी

क्योंकि अटल जी को विश्वास था की सोनिया गांधी और गिरधर गोमांग देश के लोकतंत्र का सम्मान करेंगे।

एक जमाना था जब बीजेपी में नैतिकता उदारवादी बहुत चलती थी और जिसका फायदा इन कांग्रेसियों ने उठाया।

अब मोदी और अमित शाह कांग्रेस को एक-एक वोट के लिए एक-एक सरकार के लिए तरसा दे रहे हैं। 

जब भी कोई कांग्रेस की सरकार गिरती है तो कसम से मेरे दिल को बड़ा सुकून मिलता है।
   🚩🇮🇳🚩

देश में गद्दार

भारत कभी विकसित या विश्वगुरु नहीं बन सकता क्योंकि भारत में गद्दारों की कमी नहीं है, भारत में देशद्रोही कांग्रेस को सपोर्ट करने वाले गद्हे है,

ये कांग्रेसी LPG गैस सिलेंडर के नाम पर ऐसे रंडी रोना रो रहे है, जैसे सामूहिक शोक हो गया हो

दूसरे देशों में युद्ध छिड़ा है तो भारत के कांग्रेसी सपाई राजद आप और कम्युनिस्टों का गैस के नाम पर रो-रोकर बुरा हाल है
जरा सोचिए कि अगर अपना देश महीने भर के लिए युद्ध में चला जाए तो ये लोग क्या करेंगे ?

अमेरिका, इजरायल, ईरान में युद्ध हो रहा है तो मोदी क्या करे ? सेना लेकर कूद जाए कि हमारे तेल के भेजो, बाद में फिर लड़ लेना क्योंकि हमारे विपक्षीयों को सिलेंडर सुलगाकर उस पर पिछवाड़ा सेंकना है
जरा भी कॉमनसेंस और देश के प्रति वफादारी नहीं है ईन गद्दारों के पास अरे ये समस्या सिर्फ भारत का नहीं है, पुरा विश्व इस संकट से जूझ रहा है,
जब भारत LPG का 60% हिस्सा आयात करता है और खाड़ी देशों में युद्ध छिड़ा है तो थोड़ा बहुत क्राइसिस होगा ही,
फिर गैस एजेंसिया क्राइसिस को बढ़ावा देंगी, फिर विपक्षी नेता इस क्राइसिस को और बढ़ावा देंगे और जनता LPG के नाम पर हाय हाय मोदी मर जा तू कहते हुए दहाड़ें मारकर रोएगी

कुछ वर्ष पूर्व भारत में अफ़वाह उड़ी कि नमक खत्म हो गया तो पुरा भारत किराना की दुकानों पर लाइन में लग गई थी और 50-50 किलो नमक ख़रीदकर घरों में रख लिया था,

हम नमक के लिए रोने लगते हैं, प्याज के नाम पर रोते हैं, LPG के लिए रो रहे हैं और फिर भी कहते हैं कि हम तो विश्वगुरु और विकसित बनेंगे,

भारत कृषि प्रधान देश है लेकिन चूतियों पाकप्रस्त और दोगले सेकुलरों से परेशान है

भारत में दोगले लोग ईरान का समर्थन कर रहे हैं जहां भयानक महंगाई है, जरूरत की कोई वस्तु वहां नहीं मिल रही हैं.
इनको ईरान का समर्थन करना है, जो ईरान ताबड़तोड़ बम और मिसाइलें मार रहा है, भयानक तबाही मची है. लेकिन LPG संकट के नाम पर रंडी रोना भी करना है

भाई, भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के हर देश में ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा पदार्थों का संकट आया है तो इस समय रोने की नहीं धैर्य की जरूरत है



वैसे इसमें एक वर्ग उन लोगों का भी है, जिनके पास 5/7 साल पहले तक गैस सिलेंडर नहीं थे, मोदी जी ने ही इन्हें उज्ज्वला गैस सिलेंडर दिए और मोदी के दिए हुए सिलेंडर ही मोदी पर भारी पड़ रहे हैं,

अरे धैर्य रखो यार सिलेंडर तो मिल ही जायेगा तब तक इंडेक्शन ले लो, नहीं तो चूल्हे पर पका लेना

देश के प्रति कुछ तो दायित्व निभाओ
ये देश सिर्फ उनका ही नहीं है जो सीमा पर लड़कर मर जाते हैं, ये देश आपका भी है और सिर्फ वोट देकर आप अपने दायित्व की इतिश्री नहीं कर सकते,

जब संकट भी घड़ी हो आपको भी सैनिक बनकर किसी युद्ध लड़ना पड़ सकता है,
ऐसा युद्ध वतन की ख़ातिर सबको लड़ना पड़ सकता है
संकट की घड़ियों में सबको सैनिक बनना पड़ता है

सोमवार, 16 मार्च 2026

मोदीजी हैं तो मुमकिन है

......आज से 25-30 साल बाद...जब दुनिया का इतिहास लिखा जाएगा...उस समय के नेता जब  दुनिया मे कूटनीति का उदाहरण देंगे...तब ये बताया और पढाया जाएगा कि....

* जब Strait Of Hormuz के एक तरफ के देश...सऊदी अरब...कुवैत...UAE...बहरीन....दूसरी तरफ के देश...ईरान के साथ युद्ध लड़ रहे थे...और Strait Of Hormuz से कोई जहाज नहीं निकल पा रहा था....तब दुनिया मे एक नेता था....जो अपने देश के लिए...अरब...UAE और कुवैत से तेल और गैस खरीद रहा था....और ईरान उसके जहाज को Strait Of Hormuz से सुरक्षित निकाल रहा था.

* जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा था...तब दुनिया मे एक नेता ऐसा था...जो यूक्रेन से अपने देशवासियों को सुरक्षित निकाल रहा था...और रूस ने सिर्फ उसके लिए युद्ध रोक दिया था.

* जब रूस यूक्रेन युद्ध की वजह से अमेरिका और यूरोप ने रूस पर प्रतिबंध लगा दिए थे.....तब दुनिया मे एक ऐसा नेता था....जो रूस से तेल खरीद रहा था....और यूरोप को बेच रहा था...ताकि उनकी ऊर्जा जरूरतें पूरी हो सकें.

* जब फिलिस्तीन और इजराइल मे युद्ध चल रहा था....तब दुनिया मे एक ऐसा नेता था....जिसे फिलिस्तीन और इजराइल दोनों ने अपना सर्वोच्च सम्मान दिया.

* जब अमेरिका- यूरोप...और...रूस- चीन एक दूसरे के दुश्मन थे...तब दुनिया मे एक ऐसा नेता था...जो रूस से भी मजबूत दोस्ती रखता था...अमेरिका से भी मजबूत दोस्ती रखता था...और यूरोप और चीन से भी व्यापार कर रहा था.

* उस नेता का नाम नरेंद्र मोदी था....और वो भारत के प्रधानमंत्री थे.....जिन्होंने 20 साल (2014-2034) तक भारत की सेवा की...और उनके शासन में भारत दुनिया का सबसे चहेता देश था....जिससे सब दोस्ती करना चाहते थे.

नमो नमः 🙏🚩
Nation First 🇮🇳🚩

रविवार, 1 मार्च 2026

अगर - मगर न होता तो

कांग्रेसी नेता राजीव शुक्ला ने कहा था कि नरेंद्र मोदी ''अगर '' प्रधानमंत्री नहीं होते तो अमेरिका उन्हें अपने यहां कभी नहीं बुलाता....!!

माननीय शुक्ला जी और कांग्रेसियों अब मैं तुम्हे इस   "अगर"   की कहानी सुनाता हूँ...

1)  अगर राहुल गांधी, सोनिया का बेटा नहीं होता तो आज किसी 0ffice में चपरासी होता...!!😂😂

2) अगर सोनिया राजीव की पत्नी नहीं होती तो यूरोप के किसी बार की रिटायर्ड बार बाला होती...!!😂😂

3) अगर राजीव , इंदिरा गांधी का बेटा नहीं होता तो एक ''पायलट'' ही रह कर दिन गुजारता...!!😂😂

4) अगर इंदिरा गांधी , नेहरू की बेटी न होती , तो एक सामान्य गृहिणी बनी रहती...!!😂😂
 5) अगर गांधी - नेहरू ने जिन्ना के साथ मिलकर सत्ता के लालच में भारत की जनता से गद्दारी न की होती आज अखंड भारत एक होता....!!. 😂😂

6) “अगर " नेहरू बेइमानी करके सरदार वल्लभ भाई पटेल की जगह प्रधानमंत्री नहीं बनता तो आज चीन इतना प्रभावी नही होता , और न ही पाकिस्तान का जन्म होता , न ही ये कश्मीर समस्या होती...!!😂😂

   7) और "अगर " ये कांग्रेस ही नहीं होती , तो फिर ये नकली गांधी परिवार भी नहीं होता. पूरा देश इन गद्दारों और घोटालेबाजों के चंगुल में फंसकर भाई-भतीजा वाद और साम्प्रदायिक हिंसा में बर्बाद न हुआ होता. बल्कि भारत विश्व के समस्त देशों का सरताज  होता...!!😂😂

   "राजीव शुक्ला जी...." 
“अगर " नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री नहीं होते तो अमेरिका के प्रमुख की आंखों में आंखें मिला कर बात करने वाला भारत का और कोई प्रधानमंत्री नहीं होता...!! 😂😂

जय हिन्द__जय भारत 🙏🏼🙏🏼

जब अटल सरकार को गिराया था

जूते में दाल बंट रही है भाजपा  कॉंग्रेस को उसके स्टाइल में ही जवाब दे रही है बस उसी जूते से मार रहे हैं जिस जूते से कभी कांग्रेस ने अटल जी क...