शुक्रवार, 5 जून 2026

नालंदा विश्वविद्यालय

सोचा एक बार फिर याद दिला दूँ । आप सब भूल गए होंगे ।

डॉ मनमोहन सिंह ने नोबल पुरस्कार विजेता "डॉ अमर्त्यसेन" को असीमित अधिकारों के साथ नालंदा विश्वविद्यालय का प्रथम चांसलर नियुक्त किया। उन्हें इतनी स्वायत्तता दी गयी कि उन्हें विश्विद्यालय के नाम पर बिना किसी स्वीकृति और जवाबदेही  के कितनी भी धनराशि अपने इच्छानुसार खर्च करने एवं नियुक्तियों आदि का अधिकार था । उनके द्वारा लिए गये निर्णयों एवं व्यय किये गये धन का कोई भी हिसाब-किताब सरकार को नहीं देना था ।

क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि छुपे रुस्तम मनमोहन सिंह और अमर्त्यसेन ने मिलकर किस तरह से जनता की गाढ़ी कमाई और टैक्स के पैसों से भयंकर लूट मचाई ? वो भी तब जबकि अमर्त्यसेन अमेरिका में बैठे बैठे  ही 5 लाख रुपये का मासिक वेतन ले रहे थे जितनी कि संवैधानिक रूप से भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, मुख्य चुनाव आयुक्त, रक्षा सेनाओं के अध्यक्षों, कैबिनेट सचिव या किसी भी नौकरशाह को भी दिए जाने का कोई प्रावधान ही नहीं है ।

इतना ही नहीं अमर्त्यसेन को अनेक भत्तों के साथ साथ असीमित विदेश यात्राओं और उस पर असीमित खर्च करने का भी अधिकार था ।

कहानी का अंत यहीं पर नहीं हुआ बल्कि उन्होंने मनमोहनी कृपा से 2007 से 2014 की सात वर्षों की अवधि में  कुल 2730 करोड बतौर चांसलर नालंदा विश्वविद्यालय खर्च किये.... आपकी आंखें फटी रह गयी न ... विश्वास नहीं हो रहा न कि मनमोहन सिंह ईमानदारी के चोंगे में कितने बड़े छुपे रुस्तम थे ?

चूंकि यूपीए सरकार द्वारा संसद में पारित कानून के तहत अमर्त्यसेन के द्वारा किये गये खर्चों की न तो कोई जवाबदेही  थी और न ही कोई ऑडिट होना था और न ही कोई हिसाब उन्हें देना था इसलिए देश को कभी शायद पता ही न चले कि दो हज़ार सात सौ तीस करोड़ रुपये आखिर गये कहाँ ?

अभी कहानी खत्म नहीं हुई, पिक्चर अभी बाकी है -
अमर्त्यसेन सेन ने जो नियुक्तियां कीं उसपर भी कानूनन कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता । उन्होंने किन किन की नियुक्तियां कीं ... आइये ये भी जान लेते हैं -

प्रथम चार नियुक्तियां जो उन्होंने कीं वो थे -
1. डॉ उपिंदर सिंह
2. अंजना शर्मा 
3. नवजोत लाहिरी
4. गोपा सब्बरवाल

..... कौन थे ये लोग
... ? ?   जानेंगे तो मनमोहन सिंह के चेहरे से नकाब उतर जायेगा ।

डॉ उपिंदर सिंह मनमोहन सिंह की सबसे बड़ी पुत्री हैं और बाकी तीन उनकी करीबी दोस्त और सहयोगी ।
इन चार नियुक्तियों के तुरंत बाद अमर्त्यसेन ने जो अगली दो नियुक्तियां कीं वो गेस्ट फैकल्टी अर्थात अतिथि प्राध्यापक की थी और वो थे -
1. दामन सिंह
2. अमृत सिंह
.....गोया ये कौन थे ? 
पहला नाम डॉ मनमोहन सिंह की मझली पुत्री और दूसरा नाम उनकी सबसे छोटी पुत्री का है ।
 और सबसे अद्वितीय बात जो दामन सिंह और अमृत सिंह के बारे है वो ये कि ये दोनों "मेहमान प्राध्यापक" अपने सात वर्षों के कार्यकाल में कभी भी नालंदा विश्वविद्यालय नहीं आयी ... पर बतौर प्राध्यापक ये अमेरिका में बैठे बैठे ही लगातार सात सालों तक भारी-भरकम वेतन लेती रहीं ।

उस दौर में नालंदा विश्वविद्यालय की संक्षिप्त विशेषता ये थी कि -
विश्विद्यालय का एक ही भवन था, इसके कुल 7 फैकल्टी मेम्बर और कुछ गेस्ट फैकल्टी मेम्बर (जो कभी नालंदा आये ही नहीं ) ही नियुक्त किये गये जो अमर्त्यसेन और मनमोहन सिंह के करीबी और रिश्तेदार थे । विश्विद्यालय में बमुश्किल 100 छात्र भी नहीं थे और न ही कोई वहां कोई बड़ा वैज्ञानिक शोध कार्य ही होता था जिसमे भारी भरकम उपकरण या केमिकल आदि का प्रयोग होता हो ।

फिर वो 2730 करोड़ रुपये गये कहाँ आखिर ?
मोदी जब सत्ता में आये और उन्हें जब इस कानूनी लूट की जानकारी हुई तो अमर्त्यसेन के साथ साथ मनमोहनी पुत्रियों को भी तत्काल बाहर का रास्ता दिखा दिया ।

कहाँ गए वो राफेल राफेल चिल्लाने वाले... लौट आये बैंकॉक से ? कहाँ गयी गरीब किसान की पत्नी जिनके साथ अत्याचार हो रहा है ....अभी गरीब गुरबा के साथ सेल्फी में ही जुटी हैं क्या  ? कहाँ गये वो 49 मॉब लिंचिंग के स्वयम्भू चिंतक जिनके पीठ पर लदा पुरस्कारों का अहसान अभी उतरा नहीं है तो  आंखों में बेहयाई  अभी बाकी है ?
साभार 🙏

बुधवार, 3 जून 2026

कांग्रेस की नीच मानसिकता

कांग्रेस की नीच मानसिकता 
मोदीजी की गर्दन मरोड़ कर 
मार डालने की फोटो पर 
किसी कोंग्रेसी नें विरोध नहीँ किया. 
कोउ विपक्ष का नेता भी नहीँ बोला.
जनता देख रही है. शर्मनाक.

मंगलवार, 2 जून 2026

बहुत बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा है

हमारे देश मैं किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी चल रही है.......?

कुछ दिन पहले हुए NEET पेपर लीक फिर CBSE पुनर्मूल्यांकन एक के बाद एक शिक्षा से जुड़ी समस्या बाहर आ रही है जिसके बाद केंद्र सरकार कड़े कदम उठाकर दोषियों पर कार्यवाही कर रही है लेकिन कार्यवाही के साथ साथ शिक्षा विभाग संभाले धर्मेंद्र प्रधान की भी जिम्मेदारी मानकर उन्हें तत्काल प्रभाव से हटा देना उचित रहेगा,
लेकिन इस मामले मैं अब देश के प्रधानमंत्री खुद मॉनिटरिंग कर रहे है हाई लेवल मीटिंग की जा रही है क्यों कि यह बहुत बड़ा संवेदन शील मुद्दा है,
पर इसी मुद्दे को अपना हथियार बनाकर देश मैं कुछ लोग बड़ी साजिश की तैयारी कर रहे है ?
आपने कुछ दिन पहले देखा होगा कि दिल्ली का पूर्व मुख्यमंत्री ओर आम आदमी पार्टी का संस्थापक अरविंद केजरीवाल के द्वारा देश के युवाओं को नेपाल, बांग्लादेश की युवाओं की तरह सड़क पर उतरने और अराजकता फैलाने के लिए उकसावे जैसे शब्दों का उपयोग किया गया था,
ओर अरविंद केजरीवाल के बाद इसी आम आदमी पार्टी द्वारा पैदा किया गया कॉकरोच जनता पार्टी का फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी 6 जून को दिल्ली आकर युवाओ को इकट्ठा होने के लिए कहा है,
जिसके बाद 2 दिन से सोशल मीडिया पर चर्चित हुआ अभिनय शर्मा जिसने एक महिला पत्रकार को टारगेट करते हुए देश की सरकार को बदनाम करने की कोशिश की है और इसी के वीडियो अब कॉकरोच जनता पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल से शेयर की जा रही है,

यह सभी लोग मिलकर कुछ ना कुछ बड़ा करने की मंशा से अब इकठ्ठे होंगे फिर छात्रों को ढाल बनाकर अराजकता की कोशिश करेंगे जैसे किसान आंदोलन में किसानों को ढाल बनाकर देश विरोधी ताकतों ने लाल किले पर हिंसा फैलाई थी,

लेकिन हमारी देश की सुरक्षा एजेंसी, खुफिया एजेंसी देश की सरकार पुलिस सभी पूरी तरह मुस्तैद है जागृत है इन्होंने कुछ भी ऐसी कोशिश की तो उसका अंजाम क्या होगा यह सोच भी नहीं सकते.......!

"डर मत पाप कर " पुस्तक से

सोमवार, 1 जून 2026

सिर्फ बीजेपी

देश का भविष्य बीजेपी ही है

कंगना को एक  ने थप्पड़ मारा ,तुम सब  खूब खुश हुए थे ,
मोदी जी की गाड़ी पर जूता फेंका तो , तुम सब खूब खुश हुए थे ,
  मोदीजी की गाड़ी को पंजाब में पुल पर घेर लिया था तो तुम सब  खूब खुश हुए थे,
  अर्नब गोस्वामी को कुणाल कुकुर कामरा ने हवाई जहाज में प्रताड़ित किया तो , अर्नब गोस्वामी को घर से अपराधी की तरह घसीट कर पुलिस ले गई तो हँस रहे थे तुम सब , 
  कंगना का घर तोड़ा तो तुम सब खूब खुश हुए,
  ममता बनर्जी ने सीबीआई , ईडी, चुनाव आयोग ,मोदी को गालिया दी तो तुम सब खूब खुश हुए,
  ममता बनर्जी ने इडी,सीबीआई को रोका , टीएमसी के गुंडों ने जजों को बंधक बनाया तुम सब  खूब खुश हुए ,
  कैलाश विजय वर्गीय , रूपा गांगुली , दिलीप घोष , अमित शाह ,जेपी नड्डा पर पथराव हुए तो तुम सब खूब खुश हुए ,
  पालघर में साधु मारे गए तो तुम सब  खूब खुश हुए ,
  नवनीत राणा को जेल भेजा तो तुम सब खूब खुश हुए ,
  2021में बंगाल चुनाव के बाद हिंसा हुई ,भाजपा समर्थकों ,हिंदुओं पर अत्याचार किया तो तुम सब  खूब खुश हुए ,
   2026 बंगाल चुनाव में भाजपा प्रत्याशी  सुवेन्दु सरकार को टीएमसी के गुंडों ने दौड़ा दौड़ा कर पीटा ,तो तुम सब खूब खुश हुए ,
   ममता बनर्जी , अभिषेक बनर्जी ने चुनावी भाषण में  सेंट्रल फोर्स को ,अमित शाह को ,हिंदुओं को ,भाजपा समर्थकों को धमकियां दी , तो तुम सब खूब खुश हुए ,
  योगी ,मायावती से लेकर उत्तरप्रदेश बिहार में सपाई राजद के गुंडों और आजम ,अंसारी ,अतीक,शहाबुद्दीन के गुर्गो ने गुंडई हिंसा की तब तुम सब खूब खुश हुए थे ,
   बंगाल में चुनावों में धमकी और कट मनी ,तोलाबाजी से तुम सब खूब खुश हुए थे ,
  लद्दाख में भाजपा कार्यालय जलाया गया तब खूब खुश हुए थे ,
   राम जी को , हिंदुत्व को , सनातन धर्म , राम मंदिर के विरोध में कोई भी या तुम सब बोलते थे तब बड़े खुश थे तुम सब , 
नरेंद्र मोदीजी  , अमित शाह , साध्वी प्रज्ञा , कर्नल पुरोहित पर फर्जी एफ आई मार मामले दर्ज किए तब बड़े खुश थे तुम सब ,

बंगलादेश ,नेपाल ,श्रीलंका में जेनजी,युवाओं के विद्रोह पर खुश होकर भारत के युवाओं को सड़क पर उतर कर काकरोच बनकर भाजपा के नेताओं पर आक्रमण हेतु उकसाने की रोज अपील करते समय तुम सब बहुत खुश थे -
     बहुत लंबी सूची है जब जब तुम सब खुश हुए थे  राहुल , अखिलेश ,केजरी ,ममता ,तेजस्वी ,उद्धव , लालू , राज , आदित्य , स्टालिन ,उदयनिधि , केरल के वामपंथी , अभिषेक बनर्जी ,महुआ , आरफ़ा ,कुणाल कामरा , राणा अयूब , रवीश ,ध्रुव राठी , मोहम्मद ज़ुबैर , कन्हैया कुमार ,सुप्रिया श्रीनेत ,सिब्बल , प्रशांत भूषण ,योगेंद्र यादव , संजय सिंह ,केजरीवाल और  चेले ,चमचे , चाटुकारों ,फर्जी सेक्युलरों और अलगाववादियों ,  देश द्रोहियों , जिहादियों के समर्थकों ,
      पर अब जब बंगाल की जनता सड़को पर उतर कर अपने पर किए हिंसा , अत्याचार , वसूली, दमन का बदला निकाल अपना गुस्सा जता रही और अंडे टमाटर फेंक रही , 
    बंगाल की जनता हवाई जहाज में  ,कोर्ट में  , तुम्हारे घरों के सामने तुम्हे चोर चोर ,पीसी चोर , भाईपों चोर कह रही , रैलीयो में ,शादियों में पार्टियों में चोर चोर के गीत पर नाच रही तो तुम्हे लोकतंत्र खतरे में दिख रहा !

कितने दोगले और भ्रष्ट लोग हो तुम लोग, हम सब समझते हैं। इसलिए हार रहे हो. अभी भी समय है, जाग जाओ, सिर्फ बीजेपी मोदीजी ही देश का भविष्य हैं यह समझ लो.

रविवार, 31 मई 2026

जैसी करनी वैसी भरनी

बोया पेड़ बबुल का तो आम कहा से होय।
पंद्रह साल कि सत्ता के खनक में जो बीज आप ने बोया हैं अभिषेक बनर्जी साहब वहीं आप काट रहे हैं,
जनता का खुन इतना चुसा कि जनता अपनी पंद्रह साल कि दबाई हुई आक्रोश को अब आप के हि ऊपर उतार रही हैं, 
कि हुई गुनाहो का हिसाब देने तो एक न एक दिन जनता कि अदालत में आना हि था 
सत्ता कि खनक हमेशा नहीं रहती ये आप ने सोच हि नहीं पाया, अगर सोच लेते तो इतनी क्रूरता से सत्ता नहीं चला पाते,
कट मनी, गुंडा टैक्स, आर्जिकल में गुंडों को भेज कर साबुत मिटाना, हिंदु कि बेटी को संदेशखाली में मुसलमानों के सामने परोष कर आप ने जो गुनाह किया हैं उस एक एक गुनाह का हिसाब जनता लेगी, आप गलफत में न रहे, हिन्दू जगता हैं पर थोड़ा देर लगती हैं, अब समय आ गया है आप के एक, एक गुनाह का हिसाब होगा।

नालंदा विश्वविद्यालय

सोचा एक बार फिर याद दिला दूँ । आप सब भूल गए होंगे । डॉ मनमोहन सिंह ने नोबल पुरस्कार विजेता "डॉ अमर्त्यसेन" को असीमित अधिकारों के स...