मंगलवार, 26 मई 2026

कांग्रेस का जिमखाना

देश बचाने की बात करने वाला राहुल गांधी आज एक शराब खाने को बचाने के लिए अपनी पार्टी मैं पाले हुए वकीलों को काम पर लगा दिया है,

वो भी किस लिए ताकि जनता के टैक्स के पैसे से अपना शौक मौज पूरा कर सके कितनी विचित्र बात है ना,

जिस जगह के साल भर की सदस्यता 7 लाख रुपये हो लेकिन वो देश की सरकार को मात्र एक हजार महिला दे रहे हो तो समझ जाना चाहिए देश की जनता के पैसे के कितने मजे लिए होंगे 2014 के पहले वाली सरकारों ने,

इस जगह के लिए कांग्रेस इतनी उतावली इसलिए हो रही है कि जो राहुल गांधी जो काम करने बैंकाक, मलेशिया,नेपाल जाते थे तो वो फ्री टाइम में इसी Gym खाना चले जाते होंगे,

तो इन चमचों की चिंता करना वाजिब है कुछ भी हो जाए युवराज के मजे ओर शौक के लिए दिन रात चीखे निकालते रहेंगे......!

लगातार डूबना जारी है

लगातार डूबना जारी है 

रविवार, 24 मई 2026

नेहरू की बुधनी?

चमचे मेलोडी पर उछल कूद रहे है....
मेलोनी और बुधनी, दोनों नामों में आख़िर में एक जैसी ध्वनि आती है. 
दोनों का एक साथ ज़िक्र इसलिए क्योंकि जिस तरह आज पीएम मोदी का नाम इटली की पीएम मेलोनी से जोड़ा जा रहा है. 

उसी तरह 1959 में बुधनी का नाम कभी (पंडित.?) नेहरू से जोड़ा गया था. 

मेलोनी ऐसे पद पर हैं कि उनको कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा. लेकिन बुधनी की कहानी बहुत दर्दनाक है.

 नेहरू जी को दामोदर घाटी निगम योजना का शायद उदघाटन करना था. पंडित नेहरू के स्वागत के लिए निगम ने धनबाद की संथाल आदिवासी महिला बुधनी मंजियायिन को चुना. 

उसने नेहरूजी को माला पहनाई, और आदत से ठरकी नेहरू ने भी बुधनी के गले में माला डाल दी. 

आमतौर पर नेता ऐसा करते हैं लेकिन पुरुषों के साथ नेहरू तो नेहरू ठहरे ....ठरकी बादशाह 

उसके बाद नेहरू जी ने बुधनी से ही उद्घाटन करवाया👇 फोटो में देखिए. 

जब बुधनी वापस गाँव पहुँची तो मुखिया ने बुला भेजा, कहा तुम दोनों ने एक दूसरे के गले में माला डाल दी हैं, आज से तुम लोग पति पत्नी हो. और अब इस गाँव में नहीं रहोगी. 

परिवार ने भी उसका बहिष्कार कर दिया. इतना ही नहीं दामोदर घाटी निगम ने भी नौकरी से बर्खास्त कर दिया. लोग उसे नेहरू की आदिवासी पत्नी तक कहने लगे. 

वो धनबाद छोड़कर कहीं और चली गई, कोई कहता है किसी मजदूर से शादी कर ली. 

लेकिन नेहरूजी ने कोई एक्शन नहीं लिया और ना ही दुखियारी की मदद की. 

आज उन्हीं के लोग एक और महिला का मज़ाक़ उड़ा रहे हैं, क्योंकि पीएम ने उसे नाम से मिलती जुलते नाम वाली टॉफ़ी मेलोडी भेंट कर दी..

ओर भाई उन्होंने ठरकी नेहरू की तरह बदनामी नहीं दी
उन्होंने मेलोडी दी है कोई "माला-डी" नहीं

शनिवार, 16 मई 2026

प्राचीन जैन धर्म

👑 दक्षिण भारत का आध्यात्मिक सूर्य: आचार्य भद्रबाहु, जिन्होंने बदल दिया जैन धर्म का इतिहास! 🚩✨

जब भी हम दक्षिण भारत के विशाल जैन मंदिरों और पवित्र तीर्थों को देखते हैं, तो दिल गर्व से भर जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तर भारत (मगध) से निकलकर जैन धर्म दक्षिण के हृदय तक कैसे पहुँचा?

आज "देव दर्शन" में बात उस महान युगपुरुष की, जिन्होंने धर्म और उसके पवित्र ज्ञान की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया— आचार्य भद्रबाहु! 👇

12 साल का अकाल और एक महान फैसला ⛈️🛡️

आचार्य भद्रबाहु जैन धर्म के अंतिम ‘श्रुतकेवली’ थे। अपने दिव्य ज्ञान से उन्होंने भविष्यवाणी की कि मगध साम्राज्य में 12 साल का भयंकर अकाल पड़ने वाला है।

ऐसे समय में साधुओं के लिए ‘कठोर नियमों का पालन करना लगभग असंभव हो जाता।

इसीलिए, धर्म और पवित्र आचरण की रक्षा हेतु उन्होंने 12,000 मुनियों के विशाल संघ के साथ दक्षिण भारत की ओर विहार करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। 🚩

और शायद यही वह क्षण था, जिसने जैन धर्म के इतिहास की दिशा बदल दी।

यह विशाल संघ मगध से निकलकर कर्नाटक के श्रवणबेलगोला (चंद्रगिरि पहाड़ी) पहुँचा। आचार्य भद्रबाहु ने इस पवित्र भूमि को अपनी साधना का केंद्र बनाया और यहीं से दक्षिण भारत में जैन धर्म की सबसे मजबूत नींव रखी गई।

🌟 आचार्य भद्रबाहु के इस प्रस्थान से जैन धर्म को क्या लाभ हुआ? 📈

🛕 दक्षिण में ‘स्वर्णिम युग’ की शुरुआत

इसी विहार के बाद कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में जैन धर्म तेज़ी से फैला।

📚 ज्ञान और परंपरा की रक्षा
यदि आचार्य भद्रबाहु दक्षिण नहीं आते, तो अकाल के कारण प्राचीन जैन आगम, शास्त्र और कठोर आचार-परंपराएँ नष्ट हो सकती थीं।

✍️ साहित्य और मंदिरों की महान विरासत
तमिल और कन्नड़ भाषाओं का प्राचीन एवं श्रेष्ठ साहित्य जैन आचार्यों और मुनियों द्वारा रचा गया। दक्षिण भारत के विशाल जैन मंदिर उसी मजबूत नींव का परिणाम हैं।

धर्म किसी भूमि का मोहताज नहीं होता…
वह ज्ञान, त्याग और तपस्या से जीवित रहता है।

अपने धर्म के इस महान आचार्य पर गर्व करें, और इस पोस्ट को अभी अपने सभी दोस्तों में SHARE करके हमारा सच्चा इतिहास हर घर तक पहुँचाएँ! 🙏🚩

कांग्रेस का जिमखाना

देश बचाने की बात करने वाला राहुल गांधी आज एक शराब खाने को बचाने के लिए अपनी पार्टी मैं पाले हुए वकीलों को काम पर लगा दिया है, वो भी किस लिए ...