सुनील जैन राना ब्लॉग स्पॉट
जियो और जीने दो एवं देशहित सर्व प्रथम।
बुधवार, 15 जुलाई 2026
इतिहास में दुर्दशा
इतिहास में दुर्दशा?
मैं बहुत सोचता हूं पर उत्तर नहीं मिलता...🤔🤔
आप भी इन प्रश्नों पर गौर करना कि...👇👇
१. जिस सम्राट के नाम के साथ संसार भर के इतिहासकार “महान” शब्द लगाते हैं...
२. जिस सम्राट का राज चिन्ह #अशोकचक्र भारत देश अपने झंडे में लगाता है...
३. जिस सम्राट का राज चिन्ह चारमुखी शेर को भारत देश राष्ट्रीय प्रतीक मानकर सरकार चलाती है और सत्यमेव जयते को अपनाया गया है...
४. जिस देश में सेना का सबसे बड़ा युद्ध सम्मान सम्राट अशोक के नाम पर अशोक चक्र दिया जाता है...
५. जिस सम्राट से पहले या बाद में कभी कोई ऐसा राजा या सम्राट नहीं हुआ, जिसने अखंड भारत (आज का नेपाल, बांग्लादेश, पूरा भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान) जितने बड़े भूभाग पर एकछत्र राज किया हो...
६. जिस सम्राट के शासन काल को विश्व के बुद्धिजीवी और इतिहासकार भारतीय इतिहास का सबसे स्वर्णिम काल मानते हैं...
७. जिस सम्राट के शासन काल में भारत विश्व गुरु था, सोने की चिड़िया था, जनता खुशहाल और भेदभाव रहित थी...
८. जिस सम्राट के शासन काल जी टी रोड जैसे कई हाईवे रोड बने, पूरे रोड पर पेड़ लगाये गए, सराये बनायीं गईं इंसान तो इंसान जानवरों के लिए भी प्रथम बार हॉस्पिटल खोले गए, जानवरों को मारना बंद कर दिया गया...
ऐसे महान #सम्राटअशोक की जयंती उनके अपने देश भारत में क्यों नहीं मनायी जाती? न कि कोई छुट्टी घोषित कि गई है अफ़सोस जिन लोगों को ये जयंती मनानी चाहिए, वो लोग अपना इतिहास ही नहीं जानते और जो जानते हैं वो मानना नहीं चाहते...
1. जो जीता वही चंद्रगुप्त ना होकर जो जीता वही सिकन्दर “कैसे” हो गया…? (जबकि ये बात सभी जानते हैं कि सिकंदर की सेना ने #चन्द्रगुप्तमौर्य के प्रभाव को देखते हुये ही लड़ने से मना कर दिया था बहुत
ही बुरी तरह मनोबल टूट गया था जिस कारण , सिकंदर ने मित्रता के तौर पर अपने सेनापति सेल्युकश कि बेटी की शादी चन्द्रगुप्त से की थी)
2. #महाराणाप्रताप ”महान” ना होकर ... अकबर ”महान” कैसे हो गया…? (जबकि, अकबर अपने हरम में हजारों लड़कियों को रखैल के तौर पर रखता था यहाँ तक कि उसने अपनी बेटियो और बहनोँ की शादी तक पर प्रतिबँध लगा दिया था जबकि महाराणा प्रताप ने अकेले दम पर उस अकबर के लाखों की सेना को घुटनों पर ला दिया था)
3. #सवाईजयसिंह को “महान वास्तुप्रिय” राजा ना कहकर शाहजहाँ को यह उपाधि किस आधार मिली...? जबकि साक्ष्य बताते हैं कि #जयपुर के हवा महल से लेकर तेजोमहालय {ताजमहल} तक, महाराजा जय सिंह ने ही बनवाया था...!
4. जो स्थान महान मराठा #क्षत्रियवीरशिवाजी को मिलना चाहिये वो क्रूर और आतंकी औरंगजेब को क्यों और कैसे मिल गया...?
5. स्वामी विवेकानंद और आचार्य
चाणक्य की जगह… विदेशियों को हिंदुस्तान पर क्यों थोप दिया गया…?
6. तेजोमहालय- ताजमहल, लालकोट- लाल किला, फतेहपुर सीकरी का देव महल- बुलन्द दरवाजा एवं सुप्रसिद्ध गणितज्ञ वराह मिहिर की मिहिरावली(महरौली) स्थित वेधशाला- कुतुबमीनार, क्यों और कैसे हो गया...?
7. यहाँ तक कि राष्ट्रीय गान भी… संस्कृत के वन्दे मातरम की जगह गुलामी का प्रतीक जन-गण-मन हो गया है कैसे और क्यों हो गया...?
8. और तो और हमारे आराध्य भगवान् राम व कृष्ण तो इतिहास से कहाँ और कब गायब हो गये...? पता ही नहीं चला, आखिर कैसे...?
9. यहाँ तक कि हमारे आराध्य भगवान राम की जन्मभूमि पावन अयोध्या भी कब और कैसे विवादित बना दी गयी…? हमें पता तक नहीं चला…
कहने का मतलब ये है कि हमारे दुश्मन सिर्फ बाबर, गजनवी, तैमूरलंग ही नहीं हैं बल्कि आज के सफेदपोश तथाकथित सेक्यूलर भी हमारे उतने ही बड़े दुश्मन हैं।
#धर्मो_रक्षति_रक्षितः #viralpost
रविवार, 12 जुलाई 2026
शुक्रवार, 10 जुलाई 2026
विपक्ष का हंगामा
मंदिर, मस्जिद में लूट तो हमेशा से ही हुई है. लेकिन इस बार बीजेपी की सरकार है तो विपक्ष नें इसे मुद्दा बना लिया है. जबकि जाँच जारी है.
मदरसों में चोरी, अजमेर शरीफ में चोरी समेत अनेक विडिओ जो मुस्लिम के ही होते हैं उन पर कांग्रेस समेत विपक्ष चुप रहता है.
कांग्रेस के राज के घोटाले जिनके कारण कांग्रेस को जनता नें ही सत्ता से बाहर कर दिया us पर विपक्ष चुप रहता है.
ठगबंधन वाले अनेक राज्यों में आपस में ही लड़ते हैं, वह सब ठीक है.
बीजेपी, आरएसएस पर इल्जाम लगाना आसान है. लेकिन क्या स्टेट बैंक भी चोर है जबकि उसके कर्मचारी भी लूट में शामिल बताएं जाते हैं. घर घर में ही परिवार के कुछ जन चोरी कर लेते हैं तो क्या परिवार चोर हो जाता है.
बीजेपी,, आरएसएस बहुत बड़े संगठन हैं. चोरी करने वाले को किसी संगठन से जोड़ना ठीक नहीँ होता. सब चोर जेल जाने चाहिए औऱ धन वापस आना चाहिए. यही संभव है. यही हो रहा है.
लेकिन कांग्रेस समेत विपक्ष जो राम मंदिर को कोसते थे, गालिया देते थे आज भगवा धारी बने घूम रहे हैं. ममता बैनर्जी जैसा हाल होना इन सबका. शर्म नहीँ आती इनको अपने पुराने वीडियो देख सुनकर.
चोर का कोई धर्म या पार्टी नहीँ होती. लेकिन भारतीय राजनीती के हारे हुए लंगूर गंदी उछल कूद से बाज़ नहीँ आते. जनता सब देख रही है. इन रंगरूटो को जो अब सनातन का राग अलाप रहे हैं, सब हारेंगे.
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