सुनील जैन राना ब्लॉग स्पॉट
जियो और जीने दो एवं देशहित सर्व प्रथम।
रविवार, 26 जुलाई 2026
साज़िश ही साज़िश
.......वांगचुक ने बिना किसी तिलचट्टे को खबर किए अनशन तोड़ दिया.....पुलिस के लव लेटर अब दंगाइयों के घर पहुंचने शुरू हो गए....बेचारे वीडियो डाल डाल के माफ़ी मांग रहे हैं....तो कुल मिला के किरान्ति की असली शुरुआत अब हुई है....अब पता चलेगा कि पुलिस के लव लेटर का क्या मतलब होता है.....लेकिन.....
......क्या ये जो कुछ भी हुआ उसकी वजह Paper leak था...!!...वो तो पहले भी होते रहे हैं...........असल वजह कुछ और थी...जिसका नाम FCRA है....शुरू से समझते हैं....
......2004 मे जब कॉंग्रेस की सरकार बनी थी तब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने थे....लेकिन सब जानते हैं कि वो सिर्फ एक मुखौटा थे...असली सरकार NAC ( National Advisory Committee) चला रही थी जिसकी मुखिया थी उनकी राजमाता....और इस NAC के पीछे अधिकांश NGO थे जो विदेशों से चंदा लेते थे...बेहिसाब चंदा........और देने वाले उनसे अपना मकसद पूरा कर रहे थे....भारत की तरक्की को रोकने का मकसद....भारत को तोड़ने का मकसद....सनातन को खत्म करने का मकसद....
.....2010 के बाद इन विदेशी दानदाताओं को ये समझ मे आ गया कि कॉंग्रेस के प्रति जनता मे बेहद नाराजगी है और वो सत्ता मे वापस नहीं आने वाली.....मोदी की लोकप्रियता चरम पर है....तब उन्होंने अपने ही कुछ मोहरों को आगे किया......आप याद कीजिए....हैंडसम सिसोदिया और नटवरलाल...NGO वाले हैं....कबीर और परिवर्तन इनके NGO हैं........और यही क्यूँ.....इनकी पूरी पार्टी ही NGO की पार्टी है..........तो मकसद ये था कि.......कॉंग्रेस से नाराज वोटर सीधा मोदी की तरफ ना चला जाए....उसमे से कुछ उसके मोहरों की तरफ shift हो जाए....ताकि मोदी अगर आए भी तो कमजोर सरकार के साथ....जैसे अटलजी आए थे..........लेकिन ऐसा हुआ नहीं.....देश की जनता ने एकतरफा फैसला सुनाया और इनके सारे किए धरे पर पानी फिर गया........यहां से इनके पतन की शुरुआत होती है...........जो 2020 मे FCRA के संशोधन तक पहुंचती है.....
* FCRA कानून इंदिरा गांधी की सरकार ने Emergency के दौरान बनाया था...विदेशी फंडिंग को रोकने के लिए.
* 2020 मे सरकार ने इसमे संशोधन करके...NGO के प्रशासनिक खर्च...यानि उनका खुद का खर्च 50% से घटाकर 20% कर दिया.....सारी विदेशी फंडिंग अब दिल्ली के एक SBI ब्रांच मे ही आएंगी....आधार जरूरी किया.
* इस संशोधन के बाद लगभग 6000 NGO के लाइसेंस रद्द हुए....2019-20 के दौरान भी लगभग 2000 NGO के लाइसेंस रद्द हुए.....और सरकार के सामने एक नई समस्या खड़ी हुई कि जिनके लाइसेंस रद्द हुए हैं...उनकी संपत्ति का क्या करें......ये जो पूरे देश में चर्च...सेंट जेवियर...सेंट मार्टिन जैसे स्कुल-कॉलेज खोल रखे हैं....उनका क्या किया जाए....!!....
* तो अब सरकार एक संशोधन लाना चाहती है कि यदि....यदि किसी NGO का लाइसेंस रद्द हो जाए....तो विदेशी फंड से बनी सारी संपत्ती सरकार द्वारा बनाए गए ट्रस्ट के पास चली जाएंगी.
........सारा फसाद इसी बात का है....अब ना पैसा आ पाएगा और ना यहां जो empire बना रखा है वो बचेगा.........ये तो सड़क पर आ जाएंगे.......आ जाएंगे क्या....आ गए...... सबसे बड़ा नेता मोदी के घर के सामने जमीन पर लोट रहा है.....चमचे बीच चौराहे नाच रहे हैं.....पागलों जैसी हरकते कर रहे हैं.....क्या बोल रहे हैं.....उन्हें खुद नहीं पता....
इतिहास पूछेगा....
"....कितने आदमी थे...."
ज़वाब मिलेगा.....
"....सरदार सिर्फ 2.....और उन दोनों ने ही पूरे के पूरे विपक्ष को पागल बना के सड़क पर नचा दिया था..."
जय श्रीराम 🙏🚩
शुक्रवार, 24 जुलाई 2026
मंगलवार, 21 जुलाई 2026
अराजकता फैलाने की साज़िश
आज दिल्ली मैं जो कुछ भी हुआ नेपाल की तर्ज पर देश की राजधानी मैं अराज कता फैलाने की साजिश हुई उसका पूरा रोडमैप इन चारों के इर्द गिर्द घूमता है,
क्यों कि जिस प्रोटेस्ट मैं रोज के 100 लोग भी नहीं आ रहे थे उस प्रोटेस्ट मैं एक दम से 10 हजार लोग कैसे इक्ट्ठा हो गए ये सोचने वाली बात है,
जिस प्रोटेस्ट का आधार सिर्फ सोनम वांगचुक था उसके हट ते ही ऐसा क्या हुआ जो लोग इनके प्रोटेस्ट मैं शामिल हो गए,
यह अब किसी से छुपा नहीं है कि यह कॉकरोच जनता पार्टी का अस्तित्व केजरीवाल के द्वारा खड़ा किया गया है,
उसी केजरीवाल से सहारा दिया,फंड दिया भीड़ की ताकत दी क्यों कि कुछ सालों पहले चाहे दिल्ली दं गा हो या फिर शाहीन बाग का आन्दोलन पूरी तरह से आम आदमी पार्टी से समर्थित था,
दूसरी तरफ है अखिलेश यादव जो शुरू से इस आंदोलन को समर्थन दे रहे है ओर उनकी धर्मपत्नी डिंपल यादव हो या उनकी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज यह हर दिन जंतर मंतर पर हाजिरी लगा रही थी उससे यही साबित होता है कि 2027 के चुनाव के लिए कॉकरोचों का सहारा ले रहे है,
फिर ये चंद्रशेखर रावण जो कि दलितों के नाम का सहारा लेके हिंदू के खिलाफ दलितों को खड़ा करने का काम करता है,जो खुद एक दलित वाल्मीकि समाज की बेटी की जिंदगी से खिलवाड़ कर चुका है,
फिर ये अभिजीत दीपके जो कि कुछ दिन पहले ही लाइम लाइट मैं आया है जिसे आज से 2 महीने पहले सिर्फ आम आदमी पार्टी के प्रचारक के रूप मैं जानते थे वो कैसे इस प्रोटेस्ट का लीड रोल निभाने लगा ये सोचने वाली बात है,
क्यों कि जिसे बोलने का तरीका नहीं मालूम जिसे थोड़ी सी गर्मी सहन नहीं हो सकती जिसे भूख सहन नहीं हो सकती वो अपने आप को GenZ बता कर मोदी हाय हाय कर रहा है,
कल तो जो अभिनेता,नेता , सेलिब्रिटी,अपना चेहरा चमका रहे थे वो आज लठ्ठ खाने के वक्त नजर नहीं आए यह सभी लोगों का आना एक पैड प्रमोशन था,
क्यों कि मैने एक पहले पोस्ट करी है जिसमे यह बताया गया है कि जितने भी यूट्यूबर्स, सेलिब्रिटी, आज सोशल मीडिया पर इस प्रोटेस्ट को समर्थन दे रहे है वो सिर्फ ओर सिर्फ पैड PR के चलते कर रहे है,
क्यों कि जिन्हें राजनीति का R भी समझ नहीं आता हो वो इतनी जल्दी कैसे राजनीति मैं ज्ञान देने लग गए,
सोमवार, 20 जुलाई 2026
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