सुनील जैन राना ब्लॉग स्पॉट
जियो और जीने दो एवं देशहित सर्व प्रथम।
शनिवार, 20 जून 2026
शुक्रवार, 19 जून 2026
कांग्रेस के समय में सब डीऍम होता थे
राहुल गांधी के कार्यक्रम में एक लड़की ने कहा: "बहुत लेंदी पेपर दिया जाता है। UPSC के लिए 15 लाख लोग परीक्षा देते हैं। 1,000 लोग चुने जाते हैं। — बाकी 14 लाख लोगों के लिए सरकार क्या कर रही है? उनके लिए प्लान-B क्या है?"
बहन कांग्रेस के जमाने में जो लोग IAS में सेलेक्ट नहीं हो पाए थे उन्हें कांग्रेस सरकार डिप्टी कलेक्टर बना देती थी
और जो लोग डिप्टी कलेक्टर में सेलेक्ट नहीं हो पाए थे उन्हें कांग्रेस सरकार नायब तहसीलदार बना देती थी
जो लोग प्रोफेसर में सेलेक्ट नहीं हो पाए थे उन्हें कांग्रेस सरकार रीडर बना देती थी और जो रीडर नहीं सेलेक्ट हो पाए थे उन्हें कांग्रेस सरकार लेक्चर बना देती थी 🤣🤣🤣😂
वैसे यह बहन यह भी पूछ सकती थी
20 लाख लोग लॉटरी का टिकट खरीदते हैं और सिर्फ़ एक जीतता है।
बाकी 19,99,999 लोगों के लिए मोदी क्या कर रहे हैं?
यह इनका आईक्यू लेवल है
बहन परीक्षा का सिद्धांत ही है कि यह टफ होना चाहिए कठिन होना चाहिए क्योंकि इसमें सर्वोत्तम का चुनाव होता है ना कि अच्छे का चुनाव होता है
वीडियो कमेन्ट में 👇👇
गुरुवार, 18 जून 2026
बुधवार, 17 जून 2026
रविवार, 14 जून 2026
ब्रह्माकुमारी आश्रम
*ब्रह्मकुमारीज़ जैसे हाइब्रिड मतों से सावधान ब्रह्मकुमारीज़ के कारण हिंदुओं को होने वाले 16 नुकसान* 👇
1. बिंदी/तिलक नहीं लगाने को कहते हैं (सिर मुंडवाकर रहने जैसा).
2. केवल सफ़ेद साड़ियाँ पहनने को कहते हैं (विधवा की तरह).
3. मंदिरों का प्रसाद नहीं खाने को कहते हैं।
4. हिंदू देवी-देवताओं को साधारण इंसान बताने की सोच।
5. शादी नहीं करने को प्रेरित करते हैं।
6. शादी होने पर भी संतान न पैदा करने की शिक्षा।
7. अगर बच्चे हों तो उन्हें शादी न करके संस्था का सदस्य बनाने का दबाव।
8. शिवलिंग पर LED बल्ब लगाकर केवल बल्ब की पूजा करने जैसी विचित्र प्रथाएँ।
9. पति-पत्नी को भाई-बहन की तरह संबोधित करने को कहना; कुछ लोग राखी तक बाँधते हैं।
10. यह प्रचार करना कि श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश नहीं दिया।
11. मंदिरों में स्टॉल लगाकर “सबका भगवान एक ही है” कहना और हिंदुओं को अज्ञानी बताना।
12. चर्च और मस्जिद जाने वालों को ज्ञान न देने की बात, यह कहकर कि उनके पास पहले से ज्ञान है।
13. व्यास, वशिष्ठ जैसे ऋषियों को अज्ञानी कहना।
14. यीशु और मोहम्मद जैसे पैग़म्बरों को धर्मात्मा बताना।
15. इस्लाम की तरह “सृष्टि नहीं, सृष्टिकर्ता की पूजा करो” का प्रचार।
16. सबसे बढ़कर – बिना किसी प्रमाणिक ग्रंथ या शास्त्र के मनगढ़ंत व्याख्याएँ और उपदेश देना इनका एजेंडा है।
यही हैं → ब्रह्मकुमारीज़ नाम की हिंदू-विरोधी संस्था, जो हमारे हिंदू समाज में ज़हर घोलने का काम कर रही है।
सच्चाई कड़वी ही होती है।
फिर दोहरा रहा हूँ — हिंदुओं को निर्बल बनाकर पाखंडी मतों की मदद करने वाली कई व्यवस्थाओं में ये भी एक हैं।
शनिवार, 13 जून 2026
शुक्रवार, 12 जून 2026
मेरा भारत महान
कई पश्चिमी देश भारत की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से ईर्ष्या क्यों करते हैं?
क्योंकि जो चीज़ अमेरिका या यूरोप में विलासिता मानी जाती है, वह भारत में बुनियादी, किफ़ायती और आसानी से उपलब्ध है।
1. सुबह 7 बजे तक आपके दरवाज़े पर रोज़ाना अख़बार — यह कोई महँगी विलासिता नहीं, बल्कि एक आम बात है।
2. सिर्फ़ ₹500/- महीने में 300 से ज़्यादा TV चैनल + कम क़ीमत वाले OTT — मनोरंजन के लिए जेब खाली करने की ज़रूरत नहीं।
3. पूरे देश में तेज़ रफ़्तार 5G इंटरनेट सिर्फ़ ~₹300/- महीने में — दुनिया का सबसे सस्ता डेटा, बड़े पैमाने पर उपलब्ध।
4. बड़े शहरों में विश्व-स्तरीय हवाई अड्डे — साफ़-सुथरे, आधुनिक और तेज़ी से विकसित होते हुए।
5. किराने का सामान और ज़रूरी चीज़ें 10-20 मिनट में आपके दरवाज़े पर — दुनिया में कहीं और ऐसी सुविधा नहीं।
6. बिना लंबी वेटिंग लिस्ट के डॉक्टर उपलब्ध — उसी दिन सलाह लें, अक्सर बिना अपॉइंटमेंट के भी।
7. घर पर ही सैंपल कलेक्शन और डायग्नोस्टिक टेस्ट, कम क़ीमत पर — स्वास्थ्य सेवाएँ सभी की पहुँच में।
8. कपड़े धोने/इस्त्री करने की सेवाएँ आपके दरवाज़े पर, जेब के अनुकूल दरों पर — विदेशों में यह विलासिता है, यहाँ एक आम बात।
9. किफ़ायती घरेलू मदद — नौकरानी, रसोइया, ड्राइवर और बच्चों की देखभाल के लिए सहायक — जो ज़िंदगी को आसान बनाते हैं।
10. हर सुबह 5 बजे ताज़ा दूध की डिलीवरी — सीधे आपके दरवाज़े पर।
11. रेस्टोरेंट में मुफ़्त पानी + हर जगह सस्ती बोतलबंद पानी — बुनियादी चीज़ों के लिए कोई शुल्क नहीं।
12. कहीं भी UPI से पेमेंट, यहाँ तक कि ₹5 के लिए भी — तुरंत, हर जगह मान्य, डिजिटल-फ़र्स्ट अर्थव्यवस्था।
13. मुक़दमेबाज़ी के डर वाला माहौल नहीं — रिश्तेदार छोटी-मोटी बातों पर एक-दूसरे पर मुक़दमा नहीं करते।
14. अगर आप भौतिक चीज़ों की अंधी दौड़ से दूर रहें, तो ज़िंदगी ज़्यादा शांत होती है — गला-काट प्रतिस्पर्धा के बजाय आपसी मेलजोल और अपनापन।
15. बच्चों के लिए किफ़ायती स्कूली शिक्षा और अंधाधुंध गोलीबारी (गन वायलेंस) का कोई डर नहीं।
16. मौसम आमतौर पर सुहावना रहता है; भूकंप, तूफ़ान या लू लगने का डर बहुत कम होता है।
17. ट्रेन, ऑटो/टैक्सी और अन्य परिवहन के साधन बहुत सस्ते हैं, साथ ही कनेक्टिविटी भी बेहतरीन है।
18. डाकघर की सेवाएँ भी किफ़ायती दरों पर उपलब्ध हैं।
19. मुंबई मेट्रो में 'डब्बावालों' की सटीक और भरोसेमंद सेवा।
20. पूरे साल कई रंग-बिरंगे त्योहार और धार्मिक उत्सव मनाए जाते हैं।
भारत शायद हर जगह पूरी तरह साफ़-सुथरा न हो — यह शायद हर तरह से 'परफ़ेक्ट' न हो — लेकिन यहाँ ज़िंदगी बिताना बेहद सुखद और शानदार है।
किफ़ायती, सुविधाजनक, आपस में जुड़ा हुआ और मानवीय!
भारत सिर्फ़ एक देश नहीं है — यह एक आरामदायक जीवनशैली है। आप आध्यात्मिक रूप से विकसित होते हैं।
देश का विशाल आकार और विविधता घूमने के लिए ढेरों जगहें प्रदान करती है।
यह हमारा अपना देश है — हमारी धरती।
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