शनिवार, 30 मई 2026

जल है तो कल है

💧 *पानी की एक्सपायरी डेट क्या है?* 🤔

अक्सर हम पानी की 'एक्सपायरी डेट' अपनी सुविधा और सोच के हिसाब से तय कर लेते हैं, जिसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। जरा इस विरोधाभास पर विचार कीजिए:
- 🚰 *शहरों में:* जहाँ नल का पानी रोज आता है, वहाँ कल का पानी 'बासी' मानकर बहा दिया जाता है। *(एक्सपायरी डेट: 1 दिन)*
- ⏳ *जहाँ पानी दो या आठ दिन में आता है:* वहाँ वही पानी दो या आठ दिनों तक बिल्कुल ताजा और पीने योग्य रहता है।
- 🍾 *शादी-समारोहों में:* जैसे ही हाथ में बिसलरी की नई बोतल आती है, पुरानी आधी भरी बोतल को तुरंत 'बेकार' समझकर फेंक दिया जाता है।

🏜️ दूसरी तरफ की सच्चाई...

- 🌵 *रेगिस्तान में:* यात्रा करते समय पानी की एक-एक बूंद तब तक अमृत और ताजी रहती है, जब तक कि अगला जलस्रोत न मिल जाए।
- 🌧️ *प्रकृति में:* बांधों और तालाबों का पानी अगले मानसून तक (और सूखे की स्थिति में 2-3 साल तक) पूरी तरह उपयोगी रहता है।
- 🕳️ *बोरवेल में:* 50 से 500 फीट नीचे से जो पानी हम निकालते हैं, वह जमीन के अंदर सैकड़ों-हजारों साल पुराना होता है, फिर भी वह सेहत के लिए सबसे सुरक्षित और शुद्ध होता है।

💡 *निष्कर्ष (सोचने वाली बात)*
> कुल मिलाकर, पानी की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती। पानी की एक्सपायरी केवल हमारी *सोच और उसकी उपलब्धता* के आधार पर तय होती है। जब पानी आसानी से मिलता है, तो हम उसे बासी कह देते हैं; जब किल्लत होती है, तो वही पानी अनमोल हो जाता है।
अतः पानी का उपयोग *विवेकशीलता, जिम्मेदारी और संयम* से करें। अन्यथा, पानी खत्म होने से पहले हमारी यह लापरवाह सोच ही हमें प्यासा मार डालेगी।

🙏 *एक विनम्र अनुरोध:*
यह केवल एक मैसेज नहीं, बल्कि आने वाले कल को बचाने की एक पुकार है। कृपया इसे पढ़कर डिलीट न करें, बल्कि अपने सभी प्रियजनों, रिश्तेदारों और ग्रुप्स में शेयर करके जागरूकता फैलाएं।

💧 *जल ही जीवन है...*
🌱 *जल है तो कल है!*
*👍 स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें और पानी बचाएं 👍*

शुक्रवार, 29 मई 2026

मोदीजी हैं तो मुमकिन है

बी जे पी से जलने वालो आखे खोल कर पड लेना(कृपया पूरा लेख अवश्य पढ़ें) 
■ • मोदी ने महँगाई बढ़ा रखी है,
■ • व्यापार में दिक़्क़त है,
■• GST रिटर्न भरने दिक़्क़त है,
■• पेट्रोल महँगा कर रखा है,
■• आरक्षण खत्म नहीं किया
■• राम मंदिर नहीं बनवाया
■• 15 लाख नहीं दिया
■• अच्छे दिन नहीं आए
■● नोटबन्दी की वजह से जनता मरी 
■• फलाना , ढेकाना इत्यादि

इसलिए अब हम मोदी की दूकान बंद कराएँगे, इस चुनाव में वोट नहीं देंगे, आदि आदि।

बंधुओं
रही मोदी की दूकान बंद कराने की बात, तो आपको बता दें कि मोदी की उम्र अब 74 वर्ष है और उनके पीछे ना परिवार है और बीवी-बच्चे।

उन्होंने ज़िंदगी में जो पाना था वो पा लिया है।

अब अगर आप वोट नहीं भी देंगे और वो हार भी जाएँगे, तब भी वो “पूर्व प्रधानमंत्री” कहलाएँगे,

👍 आजीवन दिल्ली में घर, गाड़ी, पेंशन, 👍 एसपीजी सुरक्षा, कार्यालय मिलता रहेगा।

👍 दस-पंद्रह साल जीकर चले जाएँगे।

लेकिन सवाल ये उठता है कि आप क्या करेंगे?

 जब कांग्रेस+लालू+मुलायम+मायावती+ममता+केजरीवाल मिलकर

★• इस देश का इस्लामीकरण और ईसाईकरण करेगी,!!

★• रोहिंग्याओं को बसाएगी,!!

★• अंधी लूट करेगी,

★• कोयला घोटाले होंगे,

★• भगवा आतंकवाद जैसे नए नए शब्द बनेंगे और

★• आतंकवादी सरकारी मेहमान बनेंगे!!

★• हिंदुओं का खतना करवाएगी

★• मुसलमानो को आरक्षण देगी !

★  लव जिहाद को बढ़ावा देगी ।

★• महंगाई आसमान छुएगी

★• पप्पू देश लूट कर इटली घूमने जायेगा

★• सैनिक रोज मारे जाएंगे

★• पाकिस्तान , चीन सर पर बैठ जाएगा

मोदी पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग़ है क्या??

मोदी तो संतोष के साथ मरेंगे कि मैंने एक कोशिश तो की अपना देश बचाने की,

लेकिन आप लोग तो हर दिन मरेंगे, और अंतिम साँस कैसे लेंगे?

●अपने बच्चों के लिए कैसा भारत छोड़ कर मरेंगे???

●ज़रा विचार कीजिए और तब निर्णय लीजिए। 
और

मोदी जी की इमानदारी पर शक करनेवाले....

👍 🔥 11 साल में मोदी सरकार ने क्या किया इस देश के लिए , जानना चाहोगे ?

■  1 लाख करोड़ रू पेट्रोल में कमाया ....
उसमें 46 हज़ार करोड़ ईरान को देकर भारत का कर्जा उतरवा लिया....

■ बाकी बचे 54 हजार करोड़ में राफेल फाइटर जेट खरीद कर सेना को मजबूती दी

■ बताओ एक रूपया भी दामाद के लिए नहीं रखा.... बेटी बेटा तो है नहीं तो दामाद कहा होंगे ,

■ अमेरिका जाकर अपने पूरे खानदान का इलाज भी नहीं करवाया .....

■ स्विसबैंक में खाता बनवाया नहीं , नाच गाने सुनने कहीं जाते नहीं ,

■ दिग्विजय , अहमद , गुलाम नबी , जैसा चापलूस रखे नहीं........

■ पप्पू जैसी अय्याशी कभी की नही ...

■  १ रुपया का आज तक घोटाला किया नही ...और बन गए हैं प्रधानमंत्री ...

लेकिन ये सब आपको बताने से क्या फायदा , आपकी समझ मे नही आने वाला 
आप तो मुफ्तखोरी की लत से ग्रस्त बीमारी से जूझ रहे हो । आपकी नजर में तो

■ सरकार आपके बैंक खातों में 15 लाख रु खैरात रूपी जमा करा दे तो मोदी सरकार बहुत अच्छी है ।
■  सरकार सभी कर्जदारों का ऋण माफ करा दे तो सरकार बहुत अच्छी है
■ सरकार सभी को सरकारी नौकरी दिला दी तो बहुत अच्छी है
■ सरकार मुफ्त भोजन , मुफ्त यात्राएं , मुफ्त शिक्षा , मुफ्त आवास दिलाती रहे तो बहुत अच्छी है 
■ सरकार घर के सभी सदस्यों को पेंसन देती रहे कोई काम करने को न कहे , कोई अपने सरकारी काम काज पर न जाये घर बैठे सैलरी आती रहे , जी भर के घूसखोरी करती रहे , भरस्टाचार पर कोई अंकुश न हो ,!!
  ऐसी सरकार बहुत अच्छी है 

हमे तो आज भी अपनी सरकार पर भरोसा है और गर्व है अपने प्रधानमंत्री पर जिनके अथक प्रयास से भारत को विश्व में श्रेष्ठ तीसरी जीडीपी दिलाई ।

                            ऐसे

         👌 ईमानदार , कर्मठ और देश के मान सम्मान को बढ़ाने वाले नेता को प्रधानमंत्री बने रहने के लिए मेरा तन मन और धन (महंगा डीजल पेट्रोल व् इनकम टैक्स दे कर) पूरा समर्थन है । 

नमो नमो 🇮🇳 जय श्री राम  🚩 
🔴

गुरुवार, 28 मई 2026

दीवान टोडर मल जैन

विश्व की सबसे महंगी जमीन दीवान टोडरमल जैन व्यापारी ने खरीदी जो मात्र 4 गज की थी सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह जी के साहब जादों के अंतिम संस्कार के लिए और 78000 स्वर्ण मुद्राएं खड़े करके सोने के सिक्कों को यह जमीन खरीदी गई

जरूरी हैं

जरूरी हैं

मंगलवार, 26 मई 2026

कांग्रेस का जिमखाना

देश बचाने की बात करने वाला राहुल गांधी आज एक शराब खाने को बचाने के लिए अपनी पार्टी मैं पाले हुए वकीलों को काम पर लगा दिया है,

वो भी किस लिए ताकि जनता के टैक्स के पैसे से अपना शौक मौज पूरा कर सके कितनी विचित्र बात है ना,

जिस जगह के साल भर की सदस्यता 7 लाख रुपये हो लेकिन वो देश की सरकार को मात्र एक हजार महिला दे रहे हो तो समझ जाना चाहिए देश की जनता के पैसे के कितने मजे लिए होंगे 2014 के पहले वाली सरकारों ने,

इस जगह के लिए कांग्रेस इतनी उतावली इसलिए हो रही है कि जो राहुल गांधी जो काम करने बैंकाक, मलेशिया,नेपाल जाते थे तो वो फ्री टाइम में इसी Gym खाना चले जाते होंगे,

तो इन चमचों की चिंता करना वाजिब है कुछ भी हो जाए युवराज के मजे ओर शौक के लिए दिन रात चीखे निकालते रहेंगे......!

लगातार डूबना जारी है

लगातार डूबना जारी है 

रविवार, 24 मई 2026

नेहरू की बुधनी?

चमचे मेलोडी पर उछल कूद रहे है....
मेलोनी और बुधनी, दोनों नामों में आख़िर में एक जैसी ध्वनि आती है. 
दोनों का एक साथ ज़िक्र इसलिए क्योंकि जिस तरह आज पीएम मोदी का नाम इटली की पीएम मेलोनी से जोड़ा जा रहा है. 

उसी तरह 1959 में बुधनी का नाम कभी (पंडित.?) नेहरू से जोड़ा गया था. 

मेलोनी ऐसे पद पर हैं कि उनको कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा. लेकिन बुधनी की कहानी बहुत दर्दनाक है.

 नेहरू जी को दामोदर घाटी निगम योजना का शायद उदघाटन करना था. पंडित नेहरू के स्वागत के लिए निगम ने धनबाद की संथाल आदिवासी महिला बुधनी मंजियायिन को चुना. 

उसने नेहरूजी को माला पहनाई, और आदत से ठरकी नेहरू ने भी बुधनी के गले में माला डाल दी. 

आमतौर पर नेता ऐसा करते हैं लेकिन पुरुषों के साथ नेहरू तो नेहरू ठहरे ....ठरकी बादशाह 

उसके बाद नेहरू जी ने बुधनी से ही उद्घाटन करवाया👇 फोटो में देखिए. 

जब बुधनी वापस गाँव पहुँची तो मुखिया ने बुला भेजा, कहा तुम दोनों ने एक दूसरे के गले में माला डाल दी हैं, आज से तुम लोग पति पत्नी हो. और अब इस गाँव में नहीं रहोगी. 

परिवार ने भी उसका बहिष्कार कर दिया. इतना ही नहीं दामोदर घाटी निगम ने भी नौकरी से बर्खास्त कर दिया. लोग उसे नेहरू की आदिवासी पत्नी तक कहने लगे. 

वो धनबाद छोड़कर कहीं और चली गई, कोई कहता है किसी मजदूर से शादी कर ली. 

लेकिन नेहरूजी ने कोई एक्शन नहीं लिया और ना ही दुखियारी की मदद की. 

आज उन्हीं के लोग एक और महिला का मज़ाक़ उड़ा रहे हैं, क्योंकि पीएम ने उसे नाम से मिलती जुलते नाम वाली टॉफ़ी मेलोडी भेंट कर दी..

ओर भाई उन्होंने ठरकी नेहरू की तरह बदनामी नहीं दी
उन्होंने मेलोडी दी है कोई "माला-डी" नहीं

शनिवार, 16 मई 2026

प्राचीन जैन धर्म

👑 दक्षिण भारत का आध्यात्मिक सूर्य: आचार्य भद्रबाहु, जिन्होंने बदल दिया जैन धर्म का इतिहास! 🚩✨

जब भी हम दक्षिण भारत के विशाल जैन मंदिरों और पवित्र तीर्थों को देखते हैं, तो दिल गर्व से भर जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तर भारत (मगध) से निकलकर जैन धर्म दक्षिण के हृदय तक कैसे पहुँचा?

आज "देव दर्शन" में बात उस महान युगपुरुष की, जिन्होंने धर्म और उसके पवित्र ज्ञान की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया— आचार्य भद्रबाहु! 👇

12 साल का अकाल और एक महान फैसला ⛈️🛡️

आचार्य भद्रबाहु जैन धर्म के अंतिम ‘श्रुतकेवली’ थे। अपने दिव्य ज्ञान से उन्होंने भविष्यवाणी की कि मगध साम्राज्य में 12 साल का भयंकर अकाल पड़ने वाला है।

ऐसे समय में साधुओं के लिए ‘कठोर नियमों का पालन करना लगभग असंभव हो जाता।

इसीलिए, धर्म और पवित्र आचरण की रक्षा हेतु उन्होंने 12,000 मुनियों के विशाल संघ के साथ दक्षिण भारत की ओर विहार करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। 🚩

और शायद यही वह क्षण था, जिसने जैन धर्म के इतिहास की दिशा बदल दी।

यह विशाल संघ मगध से निकलकर कर्नाटक के श्रवणबेलगोला (चंद्रगिरि पहाड़ी) पहुँचा। आचार्य भद्रबाहु ने इस पवित्र भूमि को अपनी साधना का केंद्र बनाया और यहीं से दक्षिण भारत में जैन धर्म की सबसे मजबूत नींव रखी गई।

🌟 आचार्य भद्रबाहु के इस प्रस्थान से जैन धर्म को क्या लाभ हुआ? 📈

🛕 दक्षिण में ‘स्वर्णिम युग’ की शुरुआत

इसी विहार के बाद कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में जैन धर्म तेज़ी से फैला।

📚 ज्ञान और परंपरा की रक्षा
यदि आचार्य भद्रबाहु दक्षिण नहीं आते, तो अकाल के कारण प्राचीन जैन आगम, शास्त्र और कठोर आचार-परंपराएँ नष्ट हो सकती थीं।

✍️ साहित्य और मंदिरों की महान विरासत
तमिल और कन्नड़ भाषाओं का प्राचीन एवं श्रेष्ठ साहित्य जैन आचार्यों और मुनियों द्वारा रचा गया। दक्षिण भारत के विशाल जैन मंदिर उसी मजबूत नींव का परिणाम हैं।

धर्म किसी भूमि का मोहताज नहीं होता…
वह ज्ञान, त्याग और तपस्या से जीवित रहता है।

अपने धर्म के इस महान आचार्य पर गर्व करें, और इस पोस्ट को अभी अपने सभी दोस्तों में SHARE करके हमारा सच्चा इतिहास हर घर तक पहुँचाएँ! 🙏🚩

सोमवार, 11 मई 2026

देश विरोधी ताकतें

🙄😔ममता बनर्जी, कांग्रेस, सोरोस, डीपस्टेट, पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश के बीच जैसे किसी समझौते के अनुसार, 2026 के चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल को अलग किया जाना था और ममता बनर्जी को 'ग्रेट बांग्लादेश' की प्रधानमंत्री बनना था। 

कलकत्ता के पास दो महत्वपूर्ण अमेरिकी जासूस पकड़े गए। इसलिए मोदी, शाह, डोवाल, आरएसएस, भाजपा, चुनाव आयोग, सर्वोच्च न्यायालय आदि ने पश्चिम बंगाल में दिन-रात काम किया और पश्चिम बंगाल को बचाया।

🙄😔तो, अमेरिका ने कुछ ऐसा किया जो दुनिया में किसी और ने नहीं किया। यानी, ट्रंप ने दुखी मन से मोदीजी को बधाई दी। दरअसल, दुनिया का कोई भी देश किसी राज्य में चुनाव जीतने मात्र से उस देश के प्रधानमंत्री को 'बधाई' नहीं देता।🙄😔

आपने भी देखा होगा 2 दिन पहले बांग्लादेश जमाते इस्लामी के प्रमुख ने कहा कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल के मुसलमानो को इकट्ठा करके पश्चिम बंगाल को भारत से अलग करने का आंदोलन करें बांग्लादेश के 27 करोड़ मुसलमान ममता बनर्जी को बांग्लादेश को भारत से अलग करने में पूरी मदद करेंगे
पोस्ट साभार 🙏🏻

रविवार, 10 मई 2026

इंद्रा की नाकामी

1973 में पर्सनल लॉ बोर्ड बना इंदिरा गांधी की सरकार में,,
 बाकी आप देख लो,,,,,
✍️ ध्यान से पढ़ें...

नीचे दिए गए वह योद्धा है जो 1971 में युद्ध बंदी के दौरान पाकिस्तान के जेलों में बंद थे वह आज तक नहीं आए

 पढ़िए ये नाम..⤵️
विंग कमांडर हरसरण सिंह डंडोस
स्क्वाड्रन लीडर मोहिंदर  जैन
स्क्वाड्रन लीडर जे एम मिस्त्री
स्क्वाड्रन लीडर जे डी कुमार
स्क्वाड्रन लीडर देव प्रशाद चटर्जी
फ्लाइट लेफ्टिनेंट सुधीर गोस्वामी
फ्लाइट लेफ्टिनेंट वी वी तांबे
फ्लाइट लेफ्टिंनेंट नागास्वामी शंकर
फ्लाइट लेफ्टिंनेंट राम एम आडवाणी 
फ्लाइट लेफ्टिनेंट  मनोहर पुरोहित
फ्लाइट लेफ्टिंनेंट तन्मय सिंह डंडोस
फ्लाइट लेफ्टिनेंट बाबुल गुहा
फ्लाइट लेफ्टिनेंट  सुरेश चंद्र संदल
फ्लाइट लेफ्टिनेंट  हरविंदर सिंह
फ्लाइट लेफ्टिनेंट एल एम सासून
फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पी एस नंदा
फ्लाइट लेफ्टिनेंट  अशोक धवळे
फ्लाइट लेफ्टिंनेंट श्रीकांत महाजन
फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुरदेव सिंह राय
फ्लाइट लेफ्टिनेंट रमेश कदम
फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रदीप वी आप्टे
फ्लाइंग ऑफिसर कृष्ण मलकानी
फ्लाइंग ऑफिसर के पी मुरलीधरन
फ्लाइंग ऑफिसर सुधीर त्यागी
फ्लाइंग ऑफिसर  तेजिंदर सेठी

यह भारतीय वायुसेना के वे योद्धा थे, जो 1971 की जंग में पाकिस्तान में युद्ध बंदी बने, और कभी वापस नहीं आए।
कांग्रेस सरकार ने कभी इनकी खोज नहीं की!
इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान से समझौते में 93 हज़ार पाकिस्तानी युद्धबंदी छोड़ दिए, पर अपने सैनिक वापस मांगने याद नहीं रहे!
देश के लोगों से इनकी खबर छुपा ली, न समाचारपत्रों ने फोटो छापे!
मरने के लिए, पाकिस्तानी जेलों में  छोड़ दिया, और हमारे यह सैनिक गुमनाम मृ#त्यु म#र गए!
यही सच रहा है इन सत्ता लोलुप नेहरू, इंदिरा का!
यह पोस्ट नेहरू-गांधी परिवार के चाटुकारों के लिए पीड़ादायक होगी, लेकिन देश के आम नागरिक की आँखे अवश्य खुल जाएंगी!  इस ऐतिहासिक तथ्य की जांच कराए वर्तमान सरकार दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा 
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इसी तरह की इतिहास से जुड़ी पोस्ट पढ़ने के लिए हमें फॉलो जरूर करें। धन्यवाद,,,,
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अनसुलझी पहेली

मुस्लिम लीग

प्रिय मित्रों
आज जो कांग्रेस ओर गांधी परिवार के सदस्य असुद्दीन ओवैसी को भाजपा की B टीम कहते है कृपया वो अपनी दादी का इतिहास भी बताए.....?

क्या आप जानते हैं कि इंदिरा गांधी भारत की एकमात्र ऐसी प्रधानमंत्री थी जो ओवैसी की पार्टी ए आई एम आई एम यानी ऑल इंडिया मजलिस ए मुत्ताहिदा मुस्लिमीन के दफ्तर में गई थी,

इतना ही नहीं उन्होंने उस वक्त ओवैसी के पिता और सलाहुद्दीन ओवैसी के साथ खाना भी खाया था,

👉🏿 आंध्र प्रदेश में जब फिल्म अभिनेता एन टी रामा राव का उदय हुआ और उन्होंने आंध्र प्रदेश में कांग्रेस को बिल्कुल खत्म कर दिया तब इंदिरा गांधी को लगा कि एन टी रामा राव के विजय रथ को रोकने के लिए उन्हें सलाहुद्दीन ओवैसी की पार्टी के साथ गठबंधन करना चाहिए और फिर इंदिरा गांधी ने आंध्र प्रदेश के विधानसभा और लोकसभा चुनाव में ओवैसी के पिता सलाहुद्दीन ओवैसी के साथ गठबंधन किया,

👉🏿 इंदिरा गांधी उस वक्त प्रधानमंत्री पद पर थी उसके बावजूद उन्होंने एक देश विरोधी पार्टी के मुख्यालय गई वहां पार्टी प्रमुख सलाहुद्दीन ओवैसी के साथ खाना खाया और ओवैसी की पार्टी के साथ गठबंधन किया,

👉🏿 इस गठबंधन से कांग्रेस को तो कोई फायदा नहीं हुआ लेकिन सलाहुद्दीन ओवैसी की पार्टी ए आई एम आई एम को बंपर फायदा हुआ उसे आंध्र प्रदेश विधानसभा में पहली बार 4 सीटें मिली और एक सांसद भी बन गया इस तरह से कांग्रेस ने अपने कुकर्मों और अपने निजी स्वार्थ की वजह से एक मरी हुई पार्टी को जिंदा कर दिया,

पोस्ट सोर्स इंटरनेट

जल है तो कल है

💧 *पानी की एक्सपायरी डेट क्या है?* 🤔 अक्सर हम पानी की 'एक्सपायरी डेट' अपनी सुविधा और सोच के हिसाब से तय कर लेते हैं, जिसका कोई वैज...