टेरिज्म बनाम टूरिज्म
आतंकवादियों के नापाक मंसूबो नें एक बार फिर कश्मीर की जन्नत को नर्क बना दिया। कश्मीर अपने पैरो पर खड़ा होकर मज़बूती से चलने लगा था। कश्मीर की आवाम बढ़ते पर्यटन से खुश थी। क्योंकि अब सभी को रोजगार मिल रहा था, सभी के बच्चें स्कूल जा रहें थे। लेकिन एक ही दिन में सब उल्टा - पुल्टा हो गया।
हालांकि कश्मीर में जगह -जगह सेना के जवान तैनात रहते हैं, लेकिन फिर भी इतने बड़े कश्मीर में चप्पे -चप्पे पर जवानों की तैनाती संभव नहीं है। इसी का फायदा उठाकर आतंकियों नें 28 लोगों को गोलियों से भून दिया। सिर्फ यही नहीं आतंकियों नें लोगों से नाम पूछा फिर उनमे से जो हिंदू थे उन्हें गोली मार दी। कश्मीर में हिन्दुओं को टारगेट कर पहले भी मारा जाता रहा है लेकिन इस बार पर्यटकों पर इस प्रकार का हमला शायद पहली बार हुआ है। इसका खामियाजा कश्मीर को उठाना पड़ेगा, क्योंकि कश्मीर में अब पर्यटन पर असर पड़ेगा। दूसरी तरफ पाकिस्तान स्मृथित आतंकियों की तो अब खैर नहीं। अब इसका बहुत बड़ा खामियाजा पाकिस्तान को भी उठाना पड़ेगा। पाकिस्तान स्तिथ लशकर ऐ ताईबा से जुड़े संगठन TRF नें इस घटना की जिम्मेदारी लिए है। ऐसे अनेकों आतंकी संगठन पीओके में पल - बढ़ रहें हैं। पीओके की जनता भी इनसे परेशान रहती है। कुछ मुट्ठी भर आतंकियों और कटटरपंथियो के कारण सम्पूर्ण मुस्लिम जगत आहत है। पहलगांव में गोलिबारी के बीच ही एक घोड़े वाला जिसका नाम आदिल था उसने आतंकियों से पर्यटकों को गोली न मारने को कहा। लेकिन आतंकियों नें उसकी न सुनी और उसको भी गोली मार दी। उसकी भलमानस हमेशा याद की जायेगी।
पाकिस्तान आज अपने ही जाल में उलझता जा रहा है। जिस आतंकवाद को उसने पाला अब वहीं आतंकवाद उसके गले की हड्डी बन गया है। लादेन, कसाब उसी के पाले आतंकी थे जिन्हें जहन्नुम पहुंचा दिया गया है। अब बाकियों का नंबर है। किसी को भी बख्शi नहीं जायेगा। पहलगांव के सभी दिवंगत आत्माओं को नमन करते हैं। 🙏
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