सोमवार, 12 जून 2017



सहारनपुर हिंसा
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सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा के कारण

पुनः 5 दिन के लिए नेट बंद कर दिया गया था।

अभी नेट खुला है।

हालांकि अब कोई वारदात नहीं हुई है फिर भी

सतर्कता हेतु नेट बंद कर दिया गया था। 

मंगलवार, 6 जून 2017



पर्यावरण दिवस
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अनेक दिवसों की तरह पर्यावरण दिवस भी आकर चला गया।

अनेक सामाजिक संस्थाओं ने जगह जगह पौधा रोपण किया।

कुछ संस्थाओं के द्वारा पर्यावरण बचाओ पर डिबेट की गई।

सरकारी -गैर सरकारी स्तर पर कार्यक्रम हुए।

लेकिन आज से फिर वही रोजाना का कार्य शुरू। कल जिसने

जो पौधे लगाये थे उनकी देखभाल कौन करेगा पता नहीं ?

पानी बचाओ का नारा भी कल तक का था। पॉलीथीन पर पाबंदी

की बात जिसने कही थी आज वही पॉलीथिन में सामान लिए आता

दिखाई दिया। पेड़ ना काटे जाये कहने वाले नेताजी का टिंबर का

तगड़ा व्यापार है ,जहाँ रोज सैंकड़ो पेड़ के तने उनकी आरा मशीन

में काटे जाते हैं।

नदियों में गंदगी -मल -पॉलीथिन मत डालो यह नारा सरकार का है।

लेकिन पिछले ६५ सालों में गंगा जैसी नदी को ही जनता और सरकार

ने इतना प्रदूषित कर दिया है की अब गंगा को स्वच्छ करना ही कठिन

हो गया है। गंगा में जनता द्वारा कूड़ा -कचरा -पॉलीथिन डाल डाल कर

गंदगी से भर दिया है। वही दूसरी ओर कारखाने -फक्ट्रियों द्वारा गंगा

में इतना प्रदूषित पानी -कैमिकल -गंदगी बहाई जा रही है। सबसे बड़ी

समस्या सीवरेज का मल भी सीधे गंगा में बहाया जा रहा है।

दशकों से गंगा की सफाई के नाम पर करोड़ो रूपये खर्च किये जा रहे

हैं। लेकिन कार्य कुछ होता दिखाई नहीं दे रहा। अब मोदीजी सरकार

में गंगा सफाई अभियान प्राथमिकता पर है। लेकिन तीन साल बीत

जाने के बाद भी अभी तक कुछ सुधार होता दिखाई नहीं दे रहा है।

दरअसल यह सिर्फ गंगा की बात नहीं बल्कि देश की अधिकांश

नदियों का यही हाल है।

जब तक नदियों के किनारे लगे कारखाने -फैक्ट्री और शहरों के

सीवरेज के पानी को बहाने की अलग व्यवस्था नहीं होगी तब तक

कुछ भी सुधार होने वाला नहीं है।

अहम बात यह भी है की पर्यावरण को बचाने का कार्य सिर्फ सरकार

का नहीं है। हम सबको भी इस कार्य में थोड़ा -थोड़ा योगदान जरूर

देना चाहिये। तभी पर्यावरण बचाया जा सकेगा। 

रविवार, 4 जून 2017



भारत बनाम पाकिस्तान क्रिकेट मैच
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आज टीवी पर भारत -पाकिस्तान का क्रिकेट मैच आ रहा है।

भारत खेल चुका  है अब पाकिस्तान खेल रहा है।

समझ में नहीं आ रहा की जिस नापाक देश से भारत में आतंक

फैलाया जा रहा है ,हमारे जवानों के साथ बर्बरता की जा रही है

उसके साथ क्रिकेट मैच क्यों ?

मैच में अभी हार जीत का पता नहीं की कौन जीतेगा ,लेकिन

सवाल तो यह है की हमारा खेल मंत्रालय /क्रिकेट के अधिकारी

और साथ में खिलाड़ी भी इतने निष्ठुर कैसे हो गए की मानवता

भी भूल गए ,सिर्फ धन कमाना ही उद्देश्य रह गया क्या ?

पुरे देश में इन नापाकियों के साथ खेल की भर्तस्ना हो रही है।

यदि ऐसे में भारतीय टीम हार गई तो क्रिकेट प्रेमी किस हद तक

चले जाये कोई सोच भी नहीं सकता।

भारत की खेलनीति ठीक नहीं है। केंद्र सरकार को नापाक के साथ

किसी भी प्रकार के संबन्ध एक हद तक ही रखने चाहिए ?

नेट सेवा बहाल
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सहारनपुर में आज 10 दिनों के बाद नेट सेवा बहाल हुई है।

पिछले महीने सहारनपुर में हुए जातीय दंगो के कारण

सम्पूर्ण नेट सेवा बन्द कर दी गई थी।

अब स्तिथी सामान्य हो जाने के बाद नेट सेवा बहाल कर

दी गई है।