आज दिल्ली मैं जो कुछ भी हुआ नेपाल की तर्ज पर देश की राजधानी मैं अराज कता फैलाने की साजिश हुई उसका पूरा रोडमैप इन चारों के इर्द गिर्द घूमता है,
क्यों कि जिस प्रोटेस्ट मैं रोज के 100 लोग भी नहीं आ रहे थे उस प्रोटेस्ट मैं एक दम से 10 हजार लोग कैसे इक्ट्ठा हो गए ये सोचने वाली बात है,
जिस प्रोटेस्ट का आधार सिर्फ सोनम वांगचुक था उसके हट ते ही ऐसा क्या हुआ जो लोग इनके प्रोटेस्ट मैं शामिल हो गए,
यह अब किसी से छुपा नहीं है कि यह कॉकरोच जनता पार्टी का अस्तित्व केजरीवाल के द्वारा खड़ा किया गया है,
उसी केजरीवाल से सहारा दिया,फंड दिया भीड़ की ताकत दी क्यों कि कुछ सालों पहले चाहे दिल्ली दं गा हो या फिर शाहीन बाग का आन्दोलन पूरी तरह से आम आदमी पार्टी से समर्थित था,
दूसरी तरफ है अखिलेश यादव जो शुरू से इस आंदोलन को समर्थन दे रहे है ओर उनकी धर्मपत्नी डिंपल यादव हो या उनकी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज यह हर दिन जंतर मंतर पर हाजिरी लगा रही थी उससे यही साबित होता है कि 2027 के चुनाव के लिए कॉकरोचों का सहारा ले रहे है,
फिर ये चंद्रशेखर रावण जो कि दलितों के नाम का सहारा लेके हिंदू के खिलाफ दलितों को खड़ा करने का काम करता है,जो खुद एक दलित वाल्मीकि समाज की बेटी की जिंदगी से खिलवाड़ कर चुका है,
फिर ये अभिजीत दीपके जो कि कुछ दिन पहले ही लाइम लाइट मैं आया है जिसे आज से 2 महीने पहले सिर्फ आम आदमी पार्टी के प्रचारक के रूप मैं जानते थे वो कैसे इस प्रोटेस्ट का लीड रोल निभाने लगा ये सोचने वाली बात है,
क्यों कि जिसे बोलने का तरीका नहीं मालूम जिसे थोड़ी सी गर्मी सहन नहीं हो सकती जिसे भूख सहन नहीं हो सकती वो अपने आप को GenZ बता कर मोदी हाय हाय कर रहा है,
कल तो जो अभिनेता,नेता , सेलिब्रिटी,अपना चेहरा चमका रहे थे वो आज लठ्ठ खाने के वक्त नजर नहीं आए यह सभी लोगों का आना एक पैड प्रमोशन था,
क्यों कि मैने एक पहले पोस्ट करी है जिसमे यह बताया गया है कि जितने भी यूट्यूबर्स, सेलिब्रिटी, आज सोशल मीडिया पर इस प्रोटेस्ट को समर्थन दे रहे है वो सिर्फ ओर सिर्फ पैड PR के चलते कर रहे है,
क्यों कि जिन्हें राजनीति का R भी समझ नहीं आता हो वो इतनी जल्दी कैसे राजनीति मैं ज्ञान देने लग गए,
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