मंदिर, मस्जिद में लूट तो हमेशा से ही हुई है. लेकिन इस बार बीजेपी की सरकार है तो विपक्ष नें इसे मुद्दा बना लिया है. जबकि जाँच जारी है.
मदरसों में चोरी, अजमेर शरीफ में चोरी समेत अनेक विडिओ जो मुस्लिम के ही होते हैं उन पर कांग्रेस समेत विपक्ष चुप रहता है.
कांग्रेस के राज के घोटाले जिनके कारण कांग्रेस को जनता नें ही सत्ता से बाहर कर दिया us पर विपक्ष चुप रहता है.
ठगबंधन वाले अनेक राज्यों में आपस में ही लड़ते हैं, वह सब ठीक है.
बीजेपी, आरएसएस पर इल्जाम लगाना आसान है. लेकिन क्या स्टेट बैंक भी चोर है जबकि उसके कर्मचारी भी लूट में शामिल बताएं जाते हैं. घर घर में ही परिवार के कुछ जन चोरी कर लेते हैं तो क्या परिवार चोर हो जाता है.
बीजेपी,, आरएसएस बहुत बड़े संगठन हैं. चोरी करने वाले को किसी संगठन से जोड़ना ठीक नहीँ होता. सब चोर जेल जाने चाहिए औऱ धन वापस आना चाहिए. यही संभव है. यही हो रहा है.
लेकिन कांग्रेस समेत विपक्ष जो राम मंदिर को कोसते थे, गालिया देते थे आज भगवा धारी बने घूम रहे हैं. ममता बैनर्जी जैसा हाल होना इन सबका. शर्म नहीँ आती इनको अपने पुराने वीडियो देख सुनकर.
चोर का कोई धर्म या पार्टी नहीँ होती. लेकिन भारतीय राजनीती के हारे हुए लंगूर गंदी उछल कूद से बाज़ नहीँ आते. जनता सब देख रही है. इन रंगरूटो को जो अब सनातन का राग अलाप रहे हैं, सब हारेंगे.
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