शुक्रवार, 28 मार्च 2025

एकल परिवार ठीक नहीं

वसुधैव कुटुंकम वाले भारत में अब संयुक्त परिवार ही खत्म होते जा रहें हैं. सुप्रीम कोर्ट ने भी इस विषय में चिंता व्यक्त की है.
आधुनिक भौतिक युग में एकल परिवार बढ़ते जा रहें हैं. शिक्षा प्राप्त कर युवा पीढ़ी जॉब करने बड़े नगरों में जा रही हैं. जहां से फिर वे वापस आना नहीं चाहते हैं.
आज अधिकांश घरों में बच्चें जॉब पर चले गए घर में बुड्ढा -बुड्ढी रह गए यह हालत है. आने वाले समय में रिश्ते -नाते सब  खत्म हो जायेंगे.
आने वाले समय में ज़ब एक ही बच्चा होगा तो उसे मौसा -मौसी, चाचा -चाची, ताऊ -ताई, मामा- मामी, यहां तक की भाई -बहन तक के रिश्तो और उनकी ममता का अहसास भी नहीं हो पायेगा. ऐसा होना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण होगा.

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