गुरुवार, 27 मार्च 2025

जजों को प्रणाम

माननीय जज महोदय 
जो कहते वह ठीक 
जो करते वह ठीक 
छोटे जज की बात 
काट देता बड़ा जज 
बड़े जज की बात 
काट सके न कोय 
वर्माजी जज जो कहे 
वह भी ठीक 
उनसे ऊपर जो कहे 
वह सबसे ठीक 
इलाहबाद के जज 
राम नोहर राय मिश्रा 
के जजमेंट को 
सभी कहे यह ठीक नहीं
निजी अंग पकड़ना 
नाड़ा खोलने की कोशिश 
दुष्कर्म नहीं होता 
इस पर बोले बड़े जज 
सुप्रीम कोर्ट के गवई 
ऐसा जजमेंट तो 
अमानवीय, संवेदनहीन 
जज की काट करे जज ही 
जनता ख़डी सकुचाय  
प्रणाम करें है सभी जज को 
जाने कब काम पड़ जाये.
🙏🙂🙏🙂🙏🙂🙏

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......आज से 25-30 साल बाद...जब दुनिया का इतिहास लिखा जाएगा...उस समय के नेता जब  दुनिया मे कूटनीति का उदाहरण देंगे...तब ये बताया और पढाया जाए...