रविवार, 5 दिसंबर 2021
प्रायोजित किसान आंदोलन
प्रायोजित किसान आंदोलन दुर्भाग्यपूर्ण
देश मे चल रहा किसान आंदोलन वास्तव में कथित किसानों और विपक्ष द्वारा प्रायोजित किसान आंदोलन लगता है। देश का अधिकांश किसान इस आंदोलन से दूर रहकर खेती में मशगूल रहा। इस वर्ष रिकार्ड तोड़ उपज हुई। जो यह दर्शाता है की इस आंदोलन में अधिकांश फर्जी किसान शामिल रहे।
मोदी सरकाए द्वारा बनाये कृषि कानून अंततः वापस ले लिये गए फिर भी आंदोलन खत्म न करना कथित किसानों की गलत मंशा को दर्शाता है जो देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करना चाहते हैं।
बताया जा रहा है कि इस आंदोलन में 700 किसान मर गए। बहुत चिंताजनक बात है यह कि इतना बड़ा आंकड़ा जिसका पता सरकार को एवम जनता को नही चला। इतने किसान कैसे मरे इसका जबाब टिकैत को देना पड़ेगा। धरना स्थल पर सभी सुविधाएं मौजूद थी। बढ़िया खाना, शानदार टैंट, गर्मी में एसी एवम सर्दी में हीटर लगे थे। फिर भी यदि किसान मरा है तो उसके जिम्मेदार आन्दोलनजीवी ही कहे जाएंगे।
किसान आंदोलन के बीच मे यह खबर जरूर आई थी की किसी किसान ने बलात्कार किया एवं कुछ किसानों ने किसी किसान के हाथ पैर काटकर उसे मार डाला। इसकी वीडियो भी वायरल हुई है।
कुल मिलाकर ऐसा लगता है जैसे यह किसान आंदोलन टिकैत द्वारा अपने को चमकाने एवं विपक्ष द्वारा प्रेरित होने ,मोदी विरोध करने एवं भारतीय अर्थव्यवस्था को बाधित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
सुनील जैन राना
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