शनिवार, 29 जुलाई 2017



पाकिस्तान में सियासी भूचाल 
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भारत के बिहार की तर्ज पर पाकिस्तान में तो 

सियासी भूचाल ही आ गया। 

पाकिस्तान के पीएम नवाज़ शरीफ़ जो शरीफ़ 

नहीं हैं उनपर भ्र्ष्टाचार के मुकदमें चल रहे हैं। 

उन्ही में से एक मुकदमा पैनामा लीक्स के फैसले 

में पाकिस्तान की कोर्ट ने नवाज़ को दोषी पाते हुए 

पद के अयोग्य घोषित कर दिया, अर्थात तत्काल 

प्रभाव से बर्खास्त। 

पाकिस्तान की नियति ही ऐसी है की सत्ता के लिए 

मरना -मारना -भ्र्ष्टाचार करना आम बात है। अब 

कौन बनेगा प्रधानमंत्री ?पता नहीं। 

दरअसल कुत्ते के नक्शे जैसा ,कुत्ते की दुम जैसा 

टेहड़ा पाकिस्तान कभी नहीं सुधरेगा। सत्ता की 

लोलुपता ,सेना का दख़ल ,आतंकवादियों का 

समर्थन ,कश्मीर का राग। यह पाकिस्तान की 

विशेषताएँ हैं। पाकिस्तान के आकाओं से अपना 

देश तो सम्भलता नहीं। अपने आवाम को बरगलाने 

के लिए कश्मीर राग गाये रहते हैं। 

यदि भारत के दो पड़ोसी देश पाकिस्तान और चीन 

समता -संयम से काम लेकर भारत से दोस्ती करें 

तो तीनों देश का विकास हो साथ ही विश्व में इनका 

डंका बजेगा। भगवान इन्हें सतबुद्धि दे। 










शुक्रवार, 28 जुलाई 2017


बिहार में बहार
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शायद भारत की राजनीति में ऐसा पहली बार

हुआ होगा की किसी राज्य के मुख्यमंत्री ने

स्तीफा देकर मात्र १५ घंटो में दोबारा मुख्यमंत्री

पद की शपथ ले ली हो।

बिहार में ऐसा ही हुआ। नितीश कुमार ने लालू

परिवार के कारनामों और भ्र्ष्टाचार से परेशान

हो लालू परिवार को छोड़ अपनी पुरानी पार्टी

बीजेपी का साथ ले फिर से मुख्यमंत्री बन गये।

सत्ता का नशा अजीब ही होता है। जिसे हो गया

वह अपने आपे में नहीं रहता। ऐसा ही लालू के

पुत्रो के साथ हुआ। अपने पिता के काले कारनामों

और जेल जाने से सबक ना लेकर खुद उसी राह

पर चल पड़े। ऊपर से अहंकार ने उन्हें आज

सत्ता से तो बेदखल किया ही अब उनपर लगे

भ्र्ष्टाचार के मुकदमों को भी झेलना पड़ेगा।

लालू पुत्र तेजस्वी यादव को अब यह समझ नहीं
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आ रहा की स्तीफा नितीश कुमार ने दिया या
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उनसे दिलवाया गया।
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राजनीति में नए नवेले लालू पुत्र यदि अपने पिता

की सलाह मानकर स्तीफा दे देते तो आज उनका

यह हाल नहीं होता। लेकिन सत्ता का नशा ऐसा की

विनाशकाले विपरीत बुद्धि।
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बिहार में जो कुछ भी हुआ लगता है बिहार की जनता

के लिए अच्छा ही हुआ। मोदीजी की बीजेपी बेदाग़ है

नितीश कुमार ने पहले भी बिहार में जितना विकास

किया बीजेपी के साथ मिलकर ही किया। अब फिर से

बिहार की जनता को सुसाशन मिला है।
  

बुधवार, 26 जुलाई 2017


नितीश कुमार का CM पद से स्तीफा
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बिहार की राजनीति में एक बार फिर से भूचाल आ गया।

लालू परिवार की हरकतों से परेशान हो नितीश कुमार ने

मुख्यमंत्री पद से स्तीफा दे दिया।

राजनीति में कहते हैं की कुछ भी असम्भव नहीं। ये वही

नितीश कुमार हैं जिन्होंने वर्षो तक लालू के विरुद्ध लड़ाई

लड़ी और बीजेपी के साथ रहे। फिर  वही नितीश कुमार

ने बीजेपी को साम्प्रदायिक करार दे चुनाव के बाद लालू

के साथ मिलकर सरकार बना ली। अब एक बार फिर

कुमार ने लालू परिवार के कारनामों से परेशान हो CM

पद से स्तीफा दे दिया।

लालू परिवार अपनी हेकड़ी पर है। नितीश के स्तीफा

देते ही लालू ने ढाई दशक पुराने हत्या के मामले को

उजागर कर दिया जिसमे संभवतः कुमार को दोषी

बताया गया।

अब देखना है की बिहार की राजनीति का ऊँट किस

करवट बैठता है। क्या नितीश कुमार बीजेपी के समर्थन

से सरकार बनायेंगे या बिहार में राष्ट्रपति शासन लगेगा।


मंगलवार, 25 जुलाई 2017



टमा -टमा लोगे ,टमा टमा लोगे टमा
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ऐसा एक गाना बहुत प्रचलित हुआ था।

तब इसके मायने लोगो को पता नहीं चल

पाये थे। आज पता चल रहे हैं।

गाने में पूछा जा रहा था की टमा यानि

टमाटर लोगे क्या ?आज जब लोगो को

टमाटर की जरूरत है तो कोई पूछ नहीं

रहा। टमाटर के भाव आम के भाव से भी

दुगने हुए जा रहे हैं।

अभी कुछ सप्ताह पूर्व ही टमाटर के दाम

धरती पर थे। आज आसमान में हैं। बेचारा

किसान है परेशान। थोड़े दिन पहले उसके

टमाटर २ से ५ रूपये किलो बिक रहे थे

तब नुक्सान में था। आज इतने महंगे बिक

रहे हैं तो भी उसका फायदा किसान को

नहीं बल्कि बिचौलियों को मिल रहा है।

कुछ मिडिया को जरूर गला साफ़ करने

का मसाला मिल गया है.

बेचारे टमाटर की यही नियति है शायद।