रविवार, 23 मार्च 2025

DMK हिंदी विरोधी

राजयसभा में ग्रहमंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु कि द्रमुक सरकार पर हमला बोलते हुए कहा की ये सरकार अपने भ्र्ष्टाचार को छुपाने के लिए हिंदी भाषा का विरोध कर रही है. 
मोदी सरकार ने भारतीय भाषा विभाग की स्थापना की. जिसका उदेश्य सभी भारतीय भाषाओं के प्रचलन को बढ़ाना एवं सभी भाषाओं का समान रूप से सम्मान करना है. अब सभी मुख्यमंत्री और सांसदों के साथ उनकी ही भाषा में पत्र व्यवहार किया जा रहा है. 
ग्रह मंत्री अमित शाह ने बताया की मोदी सरकार में मेडिकल और इंजिनियर की पढ़ाई भी भारतीय भाषाओं में कराई जा रही है. लेकिन तमिलनाडु सरकार हिंदी के विरोध में तो लगी रहती है पर मेडिकल और इंजिनियर की पढ़ाई तमिल में क्यों नहीं करवा रही है. अमित शाह ने कहा की ज़ब हमारी सरकार तमिलनाडु मे सत्ता में आएगीबतो हम तमिल भाषा में मेडिकल और इंजिनियर की पढ़ाई तमिल में कराएंगे.

गुरुवार, 20 मार्च 2025

हिंदी विरोध क्यों?

तमिलनाडु की सरकार के द्वारा हिंदी विरोध को बढ़ावा दिया जा रहा है. ऐसा सिर्फ कटुता का माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है. 
दक्षिण में कभी -कभी ऐसे आंदोलनों को गति दी जाती रही है. यह सिर्फ अपनी राजनीती चमकाने को और अपने राज्य में हिंदी भाषियों का विरोध करने के लिए ऐसा किया जाता है. जबकि सभी जानते हैं की हिंदी के बिना उनका गुजारा नहीं है. दक्षिण वाले सभी राज्यों की जनता हिंदी समझ लेती है और बोल भी लेती है लेकिन कभी -कभी हिंदी विरोध पर भी उतर आती है. 
भारत में हिंदी एक सर्वमान्य भाषा है. अन्य सभी भाषाओं की माँ जैसी. हिंदी बोलने में सहज है, सरल है. हिंदी अन्य सभी भाषाओं के माथे की बिंदी है. सभी भारतीयों को सभी भाषाओं का सम्मान करना चाहिए.

बुधवार, 19 मार्च 2025

संयुक्त राष्ट्र की आलोचना

विदेशमंत्री जयशंकर ने नई दिल्ली me चल रहें रायसीना डायलॉग में अपने अभिभाषण में POK पर संयुक्त राष्ट्र की भूमिका की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए कहा की पाकिस्तान द्वारा अनाधिकृत कब्जायें हुए कश्मीर पर गैर जिम्मेदाराना व्यवस्था किया गया. 
भारत कश्मीर पर पाकिस्तान द्वारा किये गए हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र गया था लेकिन यहाँ इस मसले को सुलझाने के बजाय विवाद का रूप देकर भारत के साथ अन्याय किया गया. POK भारत का हिस्सा है, इसे पाकिस्तान को वापस देना ही पड़ेगा. जयशंकर ने एक निष्पक्ष और मजबूत संयुक्त राष्ट्र की वकालत की. साथ ही पश्चिमी देशों की दोहरी नीति की आलोचना भी की.

मंगलवार, 18 मार्च 2025

जागना पड़ रहा है हिन्दुओं को

*RSS की स्थापना भारत की आजादी से पहले 1925 में हुई देश में हिन्दू तब भी थे*

*लेकिन वो RSS के साथ नहीं, महात्मा गाँधी के साथ चले।*
 
*इस साथ के बदले गाँधी ने हिंदुओं की जमीन काट कर मुसलमानों को दे दी, वो जमीन जो हज़ारों साल से हिंदुओं की थी।*

 *क्षणिक आवेश के बाद शांत हुआ देश का हिन्दू तब भी गोडसे के साथ नहीं गया, नेहरू के साथ गया।*

*चार दशक बाद,1980 में भाजपा बनी लेकिन देश का हिन्दू तब भी भाजपा के साथ नही था, इंदिरा के साथ था, राजीव के साथ था।* 

*तब संसद भवन/ राष्ट्रपति भवन में रोजा इफ्तार  होता था,हिन्दू ने कोई ऐतराज नहीं किया।*

*हिन्दू तो अपने घर में माता को चूनर चढ़ा कर खुश था।* 
*हज के लिए सब्सिडी दी जा रही थी, हिन्दू तब अमरनाथ वैष्णो देवी की यात्रा में आतंकियों की गोली खा कर भी खुश था।*

*ट्रेनों में, पार्कों में, बसों में, सड़कों को घेर कर नमाज होती थी।*
*बेचारा हिन्दू खुद को बचा के कच्ची पगडंडी से घर-ऑफिस निकल जाता था।* 

*( दिल्ली में CAA,NRC के विरोध में महीनों धरना चला, हिन्दू १५-२० किमी चक्कर लगाकर घर आफिस जाता था लेकिन फ्री के चक्कर में केजरीवाल को जिताया। भीषण  दंगों का दंश झेला*

*पूरे देश मे वक्फ की आड़ में अनगिनत मस्जिदें बन रही थीं, हिन्दू को कोई ऐतराज नहीं था।*

*वो तो तब अस्पताल मांग रहा था।* 

*जगह जगह मज़ारें बना कर जमीन कब्जाई जा रही थी, हिन्दू उन्हीं मज़ारों पर माथा टेककर अपने बच्चों के लिए स्कूल मांग रहा था।*

*फिर एक दिन हिंदुओं ने अपने आराध्य श्रीराम जी का अपना एक मंदिर वापस मांग लिया।*

*लेकिन कुछ लोग रावण की तरह अभिमान में डूबे थे।* 
*रावण ने कहा था सीता वापस नहीं करूँगा, ये राम और इसकी वानर सेना क्या ही कर लेगी।* 

*कलयुग के रावणों को भी लगा, मन्दिर वापस नहीं करेंगे, ये काल्पनिक राम और इसकी वानर सेना क्या ही कर लेगी।* 
                                                                                                                                                                                    *बाबर न तो अयोध्या में पैदा हुआ था और न अयोध्या में मरा था।*
*उसके नाम से मस्ज़िद देश में कहीं भी बन सकती थी।* 
*देश में हज़ारों लाखों मस्जिदों के बनने पर भी हिन्दू को ऐतराज नहीं था।* 

*उसे चाहिए था तो बस एक मंदिर, लेकिन उसे मिला क्या?* 
*माथे पर लगाने के लिए रामभक्तों के रक्त से सनी अयोध्या की मिट्टी, अर्चन के लिए खून से लाल सरयू का जल, अर्पण के लिए ट्रेन की बोगी में जली हुई रामभक्तों की लाशें।*

*अभी तक स्कूल अस्पताल नौकरी के सपनों में खोया बहुसंख्यक हिन्दू जिद पर अड़ गया।*                                                                                                                                                                      *उसका स्वाभिमान जाग गया।*                                                                                                                                                        *वो उठ खड़ा हुआ, एकजुट हुआ और अपने ही देश में दोयम दर्जे का नागरिक बने रहने का अभिशाप एक झटके में उखाड़ फेंका।* 

*बात सिर्फ एक मंदिर की थी, आज वो अपना हर मन्दिर वापस लेने की जिद पकड़ बैठा है।* 

*हिंदुओं ने वो कर दिखाया है, जो संसार की कोई भी सभ्यता नहीं कर पाई।*

       *न यहूदी अपने धार्मिक स्थल वापस ले पाए, न ईसाई और न पारसी।* 
*और ना ही मुसलमान यहूदियों या ईसाइयों से अपने धार्मिक स्थल वापस ले पाए* 

*लेकिन हिंदुओं ने इनके जबड़े में हाथ डाल कर अपने आराध्य का घर वापस ले लिया।*      
                       साभार 

रविवार, 16 मार्च 2025

लालू का जंगलराज

बिहार में जंगलराज वालों की जंगली होली. लालू की बदज़ुबान की तर्ज पर तेज़ प्रताप भी बत्ताम्मीजी पर उतरे.  खुद के गाने पर पुलिस वाले को ठुमका मारने को कहा, वरना तुम्हें सस्पेंड कर देंगे.
ये हाल तो तब है जबकि ये सत्ता में नहीं हैं. लालू ज़ब सत्ता में रहते थे तब बताया जाता हैं की पुलिस वालों से तम्बाकू भरवाते थे. किसी को कुछ नहीं समझते थे. बिहार को जंगलराज बना दिया था. आज वही कार्य इनकी औलाद कर रही है.

शुक्रवार, 14 मार्च 2025

देशविरोधी कृत्य

राष्ट्रीयता की भावना को खत्म करने की साज़िस. तमिलनाडु की दरुमुक सरकार कुछ न कुछ उलझन उलझाती ही रहती हैं. कभी हिंदी भाषा का विरोध, कभी हिंदीभासियों का विरोध. 
अब की बार मुख्यमंत्री स्टालीन ने एक नया प्रस्ताव रखा है जिसमे बज़ट में उन्होंने ₹ की जगह तमिल में बनाया गया लोबो जो उनके बेटे ने बनाया है उसे इस्तेमाल किया जायेगा. बीजेपी की केंद्र सरकार ने इसे मूर्खता पूर्ण कृत्य करार दिया है.

देशविरोधी कृत्य

राष्ट्रीयता की भावना को खत्म करने की साज़िस. तमिलनाडु की दरुमुक सरकार कुछ न कुछ उलझन उलझाती ही रहती हैं. कभी हिंदी भाषा का विरोध, कभी हिंदीभासियों का विरोध. 
अब की बार मुख्यमंत्री स्टालीन ने एक नया प्रस्ताव रखा है जिसमे बज़ट में उन्होंने ₹ की जगह तमिल में बनाया गया लोबो जो उनके बेटे ने बनाया है उसे इस्तेमाल किया जायेगा. बीजेपी की केंद्र सरकार ने इसे मूर्खता पूर्ण कृत्य करार दिया है.