रविवार, 14 जून 2020

*आत्महत्या करने वालो,सुन लो जरा *मर कर क्या मिलेगा सोचो जरा *नये जीवन में फिर वही परेशानियाँ*
June 14, 2020 • सुनील जैन राना • जनहित
आत्महत्या करने वालो ,सुन लो जरा ,मर कर क्या मिलेगा सोचो जरा ,नये जीवन में फिर वही परेशानियाँ। 
मुश्किल से मिला मानव जीवन यूँ ही बर्बाद न करो। जीवन की परेशानियों से घबराकर यूँ हीं आत्महत्या करने की न सोचो। मानव जीवन मिला है तो कठिनाइयों का सामना तो करना ही पड़ेगा। सफल वही होता है जो हिम्मत नहीं हारता। अच्छाइयों -बुराइयों के बीच रहकर जीवन जीने की कला तो सीखनी ही पड़ेगी। आत्महत्या करना समस्याओं का हल नहीं है। 
*मर कर क्या मिलेगा सोचो जरा *कभी सोचा है की यदि समस्याओं से घबराकर आत्महत्या कर भी ली तो मरकर क्या मिलेगा ?मिलना क्या है ,निश्चित ही नीच गति मिलेगी। यानि नर्क गति या तिर्यंच गति मिलेगी।  शास्त्रों में लिखा है  मृत्यु के समय जैसे भाव होते हैं वैसी ही गति मिलती है। आत्महत्या करना घोर पाप है। आत्महत्या करने से पहले प्राणी के मन में न जाने कैसे -कैसे दूषित भाव आते हैं ,इन्ही भावो के अनुसार अगली गति का बंध हो जाता है अर्थात अगला जन्म हो जाता है। 
* नये जीवन में फिर वही परेशानियाँ * आत्महत्या करने से पहले जरा यह भी सोचो की अब मरे तो फिर कहां जन्मोगे ?नरक में गये तो लम्बे गये। तिर्यंच में गये तो गधा -घोड़ा -कुत्ता से लेकर नाली के कीड़े तक बन सकते हो। इस जीवन में बहुत ही सद्कर्म कर मरे हो और भाग्य से फिर मनुष्य जीवन मिल भी गया तो फिर सोचो क्या होगा ?होना क्या है ,फिर वही माँ के पेट में ९ माह की वेदना ,जन्म होने से बड़े होने तक की फिर वही लिखाई-पढ़ाई। उसके बाद फिर वही काम धंधे की तलाश में फिर वही कठिनाइयाँ जिसके कारण आज आत्महत्या करने की सोच रहे हो। समझ रहे हो न ,फिर से वही जीवन चक्र।  * इसलिए हे मानव ,मुनष्य जीवन मिला है तो परुषार्थ कर ,संतोष धन रख ,परोपकार कर **********सुशान्त सिंह नहीं *** सोनू सूद बन ***    निवेदक - सुनील जैन राना , सहारनपुर 

बुधवार, 10 जून 2020

धोखेबाज़ चीन -चालबाज़ कोरोना -अनपढ़ शिक्षक https://suniljainrana.blogspot.com/
June 10, 2020 • सुनील जैन राना • राजनीति
चीन एक ऐसा देश जिसे अब अधिकांश देश धोखेबाज़ चीन की निगाह से देखते हैं। अपनी विस्तारवादी नीति के कारण चीन विश्व के कई देशो को आँखे दिखाता रहता है। ताइवान,हॉन्कॉन्ग,तिब्बत से लेकर भारत आदि के क्षेत्रों पर अपना अधिकार जमाता रहता है। भारत में अब मोदी सरकार ने चीन को लद्दाख से हटने को मजबूर कर दर्शा दिया है की यह पहले वाला भारत नहीं है। लेकिन चीन विश्वासघात करने से बाज़ नहीं आयेगा। अब समय आ गया है की अमेरिका समेत विश्व के कई देश चीन के खिलाफ रणनीति बनाकर चीन को सबक सिखाने का, तभी चीन बाज़ आयेगा। 
चालबाज़ कोरोना - कोरोना को सस्ते में लो ना। भारत के  राज्यों में कोरोना की गति मंद हो गई है तो कुछ राज्यों में कोरोना और अधिक फैलता जा रहा है। जिन शहरों में कोरोना का प्रकोप कम हो गया है वहां की जनता लापरवाह हो जाने से लगता है फिर से कोरोना अधिक मात्रा में फैलेगा और पुनः लॉक डाउन लगेगा। हम सभी को कोरोना को हल्के में नहीं लेना चाहिए। हम सबको भीड़ से बचना चाहिए ,मास्क आदि का उपयोग करना ही चाहिए ,बहुत जरूरत पर ही घर से निकलना चाहिए  अन्यथा ?
सहायक शिक्षकों की भर्ती - उत्तर प्रदेश में काफी समय से सहायक शिक्षकों की भर्ती का मामला लटका पड़ा था जिसे अब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने संज्ञान में लेकर सुलझाया। जिसमे ६९००० सहायक शिक्षकों की भर्ती में ३७३३९ को छोड़कर बाकि का रास्ता साफ़ हुआ। इनमें कुछ शिक्षामित्र हैं बाकी सामान्य अभ्यर्थी हैं अन्य को १४जुलाई तक रोक लगाई गई है।
इस विषय में जनमानस का कहना है की शिक्षा में योग्यता से समझौता नहीं होना चाहिए। आज अनेको सरकारी स्कूलों में आधा लाख वेतन पाने वाले शिक्षकों को हिंदी -अंग्रेजी खुद पढ़ना -पढ़ना नहीं आता। कुछ जगह शिक्षकों ने अपनी जगह सस्ते में शिक्षक रख लिए और खुद ऐश कर रहे हैं। ऐसे में देश की भावी पीढ़ी को कैसी शिक्षा मिलेगी चिंतनीय बात है। ऐसे मे  कम पढ़े -लिखे का शिक्षक बन जाना सभी के साथ अन्याय ही है। शिक्षा के क्षेत्र में योग्यता से समझौता करना देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण ही होगा।     * सुनील जैन राना *

बुधवार, 3 जून 2020

तेरे टुकड़े -टुकड़े होंगे -जरूर -जरूर https://suniljainrana.blogspot.com/
June 3, 2020 • सुनील जैन राना • राजनीति
भारत में देश विरोधी मानसिकता वाले लोगो की कमी नहीं है। राजनीति में तो यह सब चलता  लेकिन JNU जैसे शिक्षा संस्थानों में देश के टुकड़े -टुकड़े होंगे जैसे नारे लगना कतई देश हित में नहीं है। अब ऐसे गैंग शिकंजे में कसे भी जा रहे हैं। ऐसा लग रहा है की इन देश विरोधी गैंगों की बद्दुआ इनके जैसी सोच वाले पड़ोसी मुल्कों पाकिस्तान और चीन को लगने वाली है। ये दोनों ही देश भारत एवं विश्व से गद्दारी करने में लगे रहते हैं। 
पाकिस्तान जैसा तुच्छ देश जिसकी जनता भूखे मर रही है ,इमरान खान भीख का कटोरा लिए घूमता है कोई भीख भी नहीं देता। जनता त्राहि -त्राहि कर रही है और नेता लोग मज़े कर रहे हैं अब वहां की जनता सरकार के ख़िलाफ़ सड़को पर उतर कर बगावत करने वाली है। लगता है पाकिस्तान खुद ही टूटकर ३ -४ टुकड़ो में बट जाने वाला है। 
चीन विश्व के अग्रणी देशों में शुमार है लेकिन अपनी कूटनीति -चालाकी -धोखेबाज़ी से विश्व के नज़रो से गिरता जा रहा है। कोरोना काल में चीन की विश्वासघाती नीति से अनेक देश स्तब्ध हैं। अमेरिका समेत विश्व के अनेको देश चीन की विस्तारवादी नीति और विश्वासघात करने की नीति से क्षुब्ध होकर चीन के खिलाफ एकत्र होकर उसका बहिष्कार करने और कार्यवाही करने का मन बना चुके हैं। यही नहीं चीन में चीनी लोग भी सरकार दमनकारी नीति, कोरोना पर झूठे बयानों एवं मरने वालो की संख्या में झूठ से से नाराज होकर सड़को पर उतरने की सोच रहे हैं। 
भारत के लद्दाख में ,अरुणाचल में तिब्बत में चीन अपनी मनमानी करता ही रहता है। लेकिन अब भारत अकेला नहीं है। विश्व के अनेको देश चीन के खिलाफ भारत का साथ देने को तैयार हैं। ये सभी देश चीनी सामानों के बहिष्कार कर आपसी सहयोग से सामानों की आपूर्ति करने की योजना बना रहे हैं। हम भारतीयों को भी चीन को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए चीनी सामानों का बहिष्कार करना ही होगा। मोबाईल पर चीनी एप्प की जगह भारतीय एप्प इस्तेमाल करने चाहियें। सैन्य ताकत में भले ही चीन ताकतवर हो लेकिन आर्थिक चोट से चीन बिखर ही जायेगा। विश्व के बहिष्कार और एकत्र होकर लड़ने वाली सैन्य ताकत के आगे चीन टुकड़े -टुकड़े हो ही जाएगा। *सुनील जैन राना *