रविवार, 18 जून 2017
गुरुवार, 15 जून 2017
बुधवार, 14 जून 2017
सबसे बड़ा घोटाला
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कांग्रेस के UPA 2 को घोटालों के राज के रूप में पाया गया।
एक के बाद एक लाखों करोड़ के घोटाले सामने आये।
लेकिन मेरी नज़र में सबसे बड़ा घोटाला बैंक घोटाला कहा
जाए तो कोई अतिश्योक्ति न होगी।
पिछले कई दशकों से कॉर्पोरेट जगत और बैंक अधिकारियों
की मिलीभगत ने भारतीय अर्थ व्यवस्था को घुन की तरह से
अंदर ही अंदर खा डाला है।
जहाँ एक आम आदमी -किसान -मजदूर को छोटा सा लोन
भी नहीं मिल पाता था वहीं इन बड़े लोगो ने जनता का धन
बिना सुरक्षा कर्ज ले देकर उसे बट्टे खाते में डाल दिया।
यह सब बड़े घरानों -बड़े नेताओं -बड़े अधिकारियों की
सांठ -गाँठ के बिना सम्भव नहीं है।
अब मोदीजी की सरकार के आने के बाद इतनी भारी भरकम
धनराशि को वापस आता न देख वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक
के साथ मिलकर बसूलने का प्लान बनाया है।
इस वित्तीय वर्ष के प्रारम्भ में रिजर्व बैंक ने बताया की लगभग
7 लाख करोड़ से अधिक की धनराशि देश के बड़े औद्योगिक
घरानों या बड़ी कम्पनियों के पास बकाया है। यह भी बताया की
अब इस पूरी धनराशि को बसूलना लगभग नामुमकिन ही है।
ऐसे लोन को बैड लोन -एनपीए आदि नामो से जाना जाता है।
अभी तक बैंक लोन ना चुकाने वाली बड़ी कम्पनियों के नाम
भी नहीं बताये जाते थे, पता नहीं क्यों ?अब वित्त मंत्री अरुण
जेटली ने पहली बार 12 कम्पनियों के नाम लोन सही उजागर
किये हैं जिन पर लगभग पौने दो लाख करोड़ रुपया बकाया है
और जिसकी बसूली की प्रकिर्या तेज कर दी गई है।
उपरोक्त कथन और भी अधिक लम्बा और दहलाने वाला है।
हम यदि एक आम आदमी के नजरिये से सोचे तो भी हम यह
नहीं सोच सकते हैं की इस धनराशि से देश की 125 करोड़
जनता के लिए क्या -क्या नहीं हो सकता था ?
एक आम आदमी जानता है की यदि उसे बैंक से अपनी जरूरत
के लिए छोटा सा लोन भी चाहिए तो बैंक उसके घर तक के कागज
अपने पास बतौर गिरवी रखवा लेता है। आज वही किसान आत्महत्या
कर रहा है जिसने बैंक से लोन लिया और उसे चुका नहीं पाया।
बैंक अधिकारी इन छोटे लोन वाले आम आदमी या किसान को
लोन ना चूका पाने पर इतना प्रताड़ित कर देते हैं जिसकी पूर्ति
आत्महत्या से होती है ?कितना भयाभय और शर्मनाक है यह ?
एक तरफ एसी कमरों में बैठ फर्जी कंपनियाँ बना करोड़ो -
अरबों का लोन दिया जा रहा है ,दूसरी तरफ आम आदमी -
किसान बेहाल है।
यह कोई छोटी बात नहीं है। अब सरकार को इन बड़े लोगो ,
फर्जी कम्पनियों के बर्तन तक बेच बसूली करनी चाहिए।
लेकिन इससे भी ज्यादा इन सबको लोन देने वाले अधिकारियों
को भी नहीं छोड़ना चाहिए जिन्होंने अपनी रिश्वत के बदले
जनता का धन बेगैरतों को बाट दिया।
लगभग 7 लाख करोड़ का बैंक npa कोई साधारण बात नहीं है।
मंगलवार, 13 जून 2017
कांग्रेस पतन की ओर ?
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देश के कई राज्यों में किसान आंदोलन हो रहे हैं और कई जगह कराये जा रहे हैं।
मोदीजी ने नेत्तृव में देश आगे बढ़ना चाहता है लेकिन एक के बाद एक समस्याएं
आ खड़ी होती हैं या उन्हें जानबूझ कर खड़ा किया जा रहा है।
आज़ादी के बाद से किसानों के लिए कांग्रेस ने क्या किया ?मध्य प्रदेश जैसे राज्य
जो पिछड़ों में गिने जाते थे आज शिवराज सरकार में प्रगति की राह पर चल पड़े
हैं। किसानों की फसल अब पहले से कई गुनी पैदावार में बदल गई है।
अब यही ज्यादा पैदावार परेशानी का सबब रही है। दाम कम मिल रहे हैं। भंडारण
करने की छमता नहीं है। अब इस कारण किसान परेशान है। इसी परेशानी को
हवा देने का कार्य कांग्रेस और विरोधी कर रहे हैं।
किसानों का कर्ज माफ़ कर देने से समस्या का कोई समाधान नहीं है। छोटे किसान
का कर्ज माफ़ किया भी जाये तो अमीर -बड़े किसान का कर्ज क्यों माफ़ हो ?सिर्फ
कर्ज माफ़ी से किसानों का भला नहीं हो सकता है। उन्हें चाहिए अपनी फ़सल के
सही दाम। लेकिन इस कार्य में बिचौलिये अपनी कमीशन से बाज़ नहीं आते। सरकार
कोई दाम तय करे तो दुकानदार वह दाम देने को तैयार है लेकिन गुणवत्ता के साथ।
तातपर्य यह है की एक के साथ एक अनेक समस्याएं आपस में जुडी हैं। ऐसे में सरकार
क्या करे ?
सरकार कुछ करे या ना करे लेकिन कांग्रेस समेत विरोधी दलों ने किसानों को बरगलाना
शुरू कर दिया है। जो किसान पहले कभी तोड़ फोड़ नहीं करता था अब असामाजिक
तत्वों के साथ मिलकर आगजनी कर रहा है। जबकि इससे कुछ भी हासिल होने वाला
नहीं है।
देश की जनता सब देख रही है। विरोधी अब अन्य राज्यों में भी किसानों को बरगलाकर
हिंसा करवाने पर उतारू हो रहे हैं। किसान हो या जवान ,कांग्रेस दोनों को कमजोर करने
पर तुली है। कांग्रेस ने अपने 65 साल के राज में क्या किया ?क्यों आज भी किसान इतना
कमज़ोर है ?क्यों कांग्रेस के नेता सेनाध्यक्ष को सड़क का गुंडा बता रहे है ?क्यों कांग्रेस
के नेता अलगाववादियों से मिलीभगत रखते हैं ?क्यों कांग्रेस के नेता पाकिस्तान जाकर
मोदीजी सरकार को हटाने की बातकरति है ?क्यों JNU में देश विरोधी वक्तव्यों को
कांग्रेस साथ देती है ?
यह सब सिर्फ इसलिए की आज मोदीजी राज में देश बिना घोटालों के विकास की राह
पर चल पड़ा है। आज भी कांग्रेस के नए नए घोटाले उजागर हो रहे हैं। बिना किसी भेद
भाव के सबका साथ सबका विकास का प्रयास हो रहा है।
कांग्रेस अपने ही कार्यो से पतन की ओर जा रही है। अभी भले ही अराजकता फैला ले
लेकिन आने वाले समय में जनता खुद ही कांग्रेस मुक्त भारत का निर्णय ले लेगी ?
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