1968 का वो खतरनाक फोटो सामने आया…
ISRO के अंदर इटली की महिला को भारत का सबसे गुप्त उपग्रह प्रोजेक्ट दिखा रहे थे विक्रम साराभाई!
अप्रैल 1968… अहमदाबाद का ISRO सेंटर।
वैज्ञानिक विक्रम साराभाई एक विदेशी महिला को अत्यंत संवेदनशील सैटेलाइट प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी दे रहे हैं।
ये कोई साधारण महिला नहीं…
इटली की एंटोनियो एडवीज अल्बिना मायनो –
जिसने महज दो महीने पहले फरवरी 1968 में भारत के प्रधानमंत्री के बेटे राजीव गांधी से शादी कर ली थी।
नागरिकता बदली?
नहीं बदली!
फिर भी विदेशी नागरिक को ISRO जैसे टॉप-सीक्रेट रिसर्च सेंटर में घुसने की इजाजत?
नियमों का सीधा उल्लंघन!इटली की ये 8वीं पास महिला अचानक सैटेलाइट और अंतरिक्ष विज्ञान की दीवानी हो गई…
हैरान करने वाली बात!
रुकिए… अब शुरू होता है असली सनसनीखेज राज!
जैसे ही ये इटालियन महिला गांधी परिवार में घुसी, परिवार के बाकी 4 सदस्य थे –
इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, संजय गांधी और मेनका गांधी।
फिर एक-एक करके शुरू हुईं रहस्यमय मौतों की बाढ़…
इंदिरा गांधी – अपने ही घर में अपने बॉडीगार्ड्स द्वारा गोली मार दी गई।
संजय गांधी – प्लेन क्रैश में मारे गए।
राजीव गांधी – बम ब्लास्ट में टुकड़े-टुकड़े हो गए।
और राजीव के सबसे करीबी दोस्त?
राजेश पायलट – कार दुर्घटना में मारे गए।
माधवराव सिंधिया – प्लेन क्रैश में मारे गए।
संजय गांधी के ससुर लेफ्टिनेंट कर्नल टी.एस. आनंद –
दिल्ली के फार्महाउस के पास मृत पाए गए।
विक्रम साराभाई – दिसंबर 1971 में केरल के कोवलम रिजॉर्ट के कमरे में रहस्यमय ढंग से मृत पाए गए।
बिना पोस्टमार्टम के बस हार्ट अटैक बता दिया गया!
मेनका गांधी – परिवार, सत्ता और दिल्ली की राजनीति से बाहर फेंक दी गईं।
प्रियंका गांधी की सास-ससुर की साइड:
राजेंद्र वाड्रा – गेस्ट हाउस में मृत पाए गए।
ननद – जयपुर-दिल्ली हाईवे पर कार दुर्घटना में मारी गई।
देवर – मुरादाबाद के होटल में मृत पाए गए।
सारे “संयोग”… एक-एक करके सब खत्म!
आस-पास कोई नहीं बचा… सब मारे गए,
दुर्घटना में मरे, गोली खाकर मरे, बम से उड़ गए…
बस एक इटालियन महिला बची रही – एंटोनियो एडवीज अल्बिना मायनो उर्फ सोनिया गांधी!
ये संयोग हैं… या साजिश का सबसे बड़ा राज?
अब खुद सोचिए… इतने सारे “संयोग” एक इटालियन महिला के आने के बाद क्यों?
सनसनीखेज सच… जो छुपाया नहीं जा सकता!
साभार
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