बुधवार, 25 फ़रवरी 2026

राजीव गाँधी?

राजीव गांधी को भूल कर भी मत भूलिएगा

भगवान का शुक्र है कि उस दौर में सोशल मीडिया नहीं था नहीं तो राहुल गांधी से भी बड़े थे राजीव गांधी।

आज कुछ किस्से मै आपको बताने जा रहा हूं जिसे पढ़कर आप दंग रह जाएंगे कि राजीव गांधी जैसे लोग भी इतने बड़े देश के प्रधानमंत्री बन गए!!!

राजीव गांधी के पास सिर्फ एक ही योग्यता थी कि वो फिरोज गांधी के बेटे थे... और उससे भी ज्यादा जरूरी... वो पंडित नेहरू के नाती थे।

राजीव गांधी पढ़ाई लिखाई में फिसड्डी थे। 5 Star Doon School से स्कूलिंग के बाद 1961 में उन्हें इंजियनीरिंग पढ़ने लन्दन के ट्रिनिटी कॉलेज कैब्रिज भेजा गया।

यहीं पर राजीव से एडवीज अंतोनियो अल्बिना माइनो जिन्हें आज हम सोनिया गांधी के नाम से जानते हैं के सम्पर्क में आये।

1965 तक वो Antonio Mayno के प्यार में डूबे रहे और निरंतर फेल होते रहे और पास नहीं हो सके जिसके बाद कॉलेज ने राजीव को निकाल दिया।

फिर राजीव ने 1966 में लन्दन स्थित इम्पीरियल कॉलेज में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया, किन्तु वहां भी फेल हुए।

उसी वर्ष राजीव की मां इंदिरा प्रधानमंत्री बनी और राजीव भारत आ गए, 1966 में दिल्ली फ्लाइंग क्लब ज्वाइन किया और प्लेन उड़ाना सीखने लगे।

अब 1970 में प्रधानमंत्री इंदिरा ने जुगाड़ लगवा कर राजीव को सरकारी एयरलाइंस एयर इंडिया में कमर्शियल पायलट के तौर पर नौकरी में लगवा दिया।

1971 में भारत पाक युद्ध हुआ भारतीय सेना व् वायु सेना को लाजिस्टिक स्पोर्ट के लिए पायलट्स की आवश्यकता थी और एयर इंडिया के कमर्शियल पायलट्स को रसद एवं हथियार एयर ड्राप करने हेतु बुलाया गया।

सारे के सारे पायलट्स तुरन्त युद्ध क्षेत्र में सेवाएं देने को आ गये सिवाय एक के और वो राजीव गांधी थे जो डर के मारे सोनिया गांधी संग दिल्ली में इटली के दूतावास में जा छिपे थे।

1980 में संजय गांधी की मृत्यु के बाद राजीव राजनीती में आये।

1984 में इंदिरा गांधी को उनके अंगरक्षकों ने दोपहर में गोली मार दी। राजीव गांधी ने मां की मृत्यु के शोक संताप में समय लगाने के बजाय उसी दिन शाम को भारत के प्रधानमंत्री की कुर्सी पर अपनी तशरीफ़ रख दी।

और कांग्रेसियों को सिखों का नरसंहार करने का आदेश दे डाला, कांग्रेसियों ने स्कूलों के रजिस्टरों और वोटर लिस्ट निकाल निकाल कर सिखों के घर खोजे और घरों में घुसकर हजारों सिखों को काटा। सिख महिलाओं से दुष्कर्म किया।

कई गर्भवती महिलाओं को जीवित ही जला दिया।

सिखों को और उनके बच्चो को, उनकी सम्पत्तियों को फूंकने हेतु कांग्रेस नेताओं के पेट्रोल पंपों से पेट्रोल सप्पलाई किया गया। सड़क चलते सिखों के गले में टायर डालकर जला दिया गया।

यहाँ तक कि तत्कालीन राष्ट्रपति जैल सिंह को भी नहीं बख्शा गया और जब वो गाड़ी में थे तो उनपर भी कांग्रेसियों ने हमला किया। गाड़ी के कांच तोड़ दिए गए।

दिल्ली में कांग्रेसियों का हिंसा का तांडव शुरू हुआ और शीघ्र ही ये देश के कोने कोने में फ़ैल गया।

और राजीव गांधी ने इंदिरा की मृत्यु का बदला देश भर में हजारों निर्दोष सिखों को मौत के घाट उतरवाकर लिया।

और बाद में राजीव गांधी ने उसे “बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है” वाला ब्यान देकर उसे न्यायोचित ठहरा दिया।

खैर अगले चुनाव हुए और जनता ने राजीव द्वारा करवाये सिख नरसंहार को महत्व दिए बिना राजीव को इंदिरा की सहानुभूति के नाम पर 411 सीटें देकर असीम शक्ति दे दी..

और राजीव ने निरंकुश होकर उस बहुमत का दुरूपयोग किया,

1985 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा शाहबानो को न्याय देकर मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक से बचने और गुजारे भत्ते का जो मार्ग खोला था उसपर आतातायी राजीव ने अपनी अक्ल पर पड़ा बड़ा वाला भीमकाय पत्थर दे मारा।

और अपुर्व बहुमत का प्रयोग कर मुस्लिम तुष्टिकरण का नया अध्याय लिखा और सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पलटकर मुस्लिम महिलाओं को पुनः गुलाम बना दिया।

भोपाल गैस कांड हुआ हजारों निर्दोष लोगों के हत्यारे यूनियन कार्बाइड के मालिक वारेन एंडरसन को राजीव ने अमेरिकी सरकार से सौदेबाजी कर सुरक्षित अमरीका भेज दिया।

राजीव में न वैश्विक कूटनीति की समझ थी, न सैन्य शक्ति के सदुपयोग की समझ थी। अतः अपने सीमित विवेक क्षमता से ग्रस्त राजीव गांधी ने श्रीलंका में LTTE से लड़ने भारतीय सेना जबर्दस्ती भेज दी। और इंडियन पीस कीपिंग फोर्सेस के 1400 सैनिक मरवाये और 3000 सैनिक घायल करवाये

हलांकि बाद में राजीव को थूककर चाटना पड़ा और सैनिकों को वापस बुलाना पड़ा। राजीव को अपनी उस गलती के कारण ही श्रीलंका दौरे पर श्रीलंकाई सैनिक द्वारा हमला किया गया था।

वो पहले व् एकमात्र प्रधानमंत्री बने जिन्हें विदेशी धरती पर विदेशी सैनिक द्वारा अपमानित होना पडा!

1989 में बोफोर्स का घोटाला खुला जिसमे पता चला की राजीव गांधी ने सोनिया के “करीबी” जिसे सोनिया अपने संग इटली से दहेज़ में लायी थी और जो सोनिया राजीव के घर में ही रहता था उस ओटावियो कवात्रोची के द्वारा बोफोर्स सौदे में राजीव ने दलाली खायी थी।

1991 में Schweizer Illustrierte नामक स्विस मैगज़ीन ने काले धन वाले उन लोगों के नाम का खुलासा किया जिनका अवैध धन स्विट्ज़रलैंड के बैंकों में जमा था।

और उसमें राजीव गांधी का भी नाम था। मैगज़ीन ने खुलासा किया कि राजीव गांधी के 2.5 बिलियन स्विस फ्रैंक स्विट्ज़रलैंड के बैंक के एक अकाउंट में जमा हैं

1992 में टाइम्स ऑफ़ इंडिया और द हिन्दू ने खबरें छापीं की राजीव गांधी को सोवियत ख़ुफ़िया एजेंसी KGB से निरंतर धन मिलता था। रूस ने इस खबर की पुष्टि भी की थी और सफाई में कहा था कि सोवियत विचारधारा के हितों की रक्षा हेतु ये पैसे दिए जाते रहे हैं।

1994 में येवगिनिया अल्बट्स और कैथरीन फिट्ज़पेट्रिक ने KGB प्रमुख विक्टोर चेब्रिकोव के हस्ताक्षर युक्त पत्र प्रस्तुत कर ये खुलासा किया कि राजीव के बाद राजीव के परिवार, सोनिया और राहुल को KGB की ओर से धन उपलब्ध करवाया जाता रहा और KGB गांधी परिवार से निरन्तर संपर्क में रहती थी।

अब यदि आप पूरा आकलन करें तो पाएंगे कि राजीव एक औसत से कम समझदार वो व्यक्ति थे जिसने

निर्दोष सिख मरवाये,

भोपाल गैस कांड में हजारों निर्दोषों के हत्यारे को भगाया।

मुस्लिमों महिलाओं का जीवन नर्क बनाया।

रक्षा सौदों में दलाली खायी।

KGB जैसी एजेंसी के वो खुद एजेंट थे और उससे पैसे लेते थे, कूटनीति की समझ नहीं थी।

और मूर्खतावश श्रीलंका में 1400 भारतीय सैनिकों की बलि चढ़वाई और देश का नाम कलंकित किया।# #viralreelsシ #foryouシpage #viralvideoシ #ViralStoryTime #foryoupageシ #foryouシ #reels #stories #story #storytime

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