रविवार, 7 सितंबर 2025

हमारा ब्रह्मान्ड

ब्रह्मांड का 95% भाग अदृश्य क्यों है? 

हम रात के आकाश में असंख्य तारे,ग्रह और आकाशगंगाएँ देखते हैं। आधुनिक टेलिस्कोप हमें अरबों प्रकाश-वर्ष दूर तक झाँकने की क्षमता देते हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि जो कुछ हम देख सकते हैं,वह सिर्फ 5% है। बाकी 95% ब्रह्मांड पूरी तरह अदृश्य है। आखिर ऐसा क्यों है? 

1. दृश्य ब्रह्मांड कितना है?
हमारे चारों ओर जितने तारे,ग्रह,निहारिकाएँ और आकाशगंगाएँ हैं,ये सब साधारण पदार्थ यानी प्रोटॉन,न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन से बने हैं। यही पदार्थ प्रकाश के साथ क्रिया करता है इसलिए हमें दिखाई देता है,लेकिन इसका योगदान पूरे ब्रह्मांड में मात्र 5% है। 

2. डार्क मैटर लगभग 27%
* डार्क मैटर ऐसा पदार्थ है जिसे हम सीधे देख नहीं सकते,क्योंकि यह प्रकाश को न तो उत्सर्जित करता है और न ही अवशोषित।
* फिर भी यह गुरुत्वाकर्षण बल डालता है।
* वैज्ञानिकों ने आकाशगंगाओं के घूमने की गति का अध्ययन करके पाया कि वहाँ जितना दृश्य पदार्थ है,उससे कहीं ज्यादा द्रव्यमान होना चाहिए।
* यही “अदृश्य द्रव्यमान” डार्क मैटर कहलाता है।
* यही डार्क मैटर गैलेक्सियों को एक साथ बांधे रखता है और ब्रह्मांड की संरचना को स्थिर बनाए रखता है। 

3. डार्क एनर्जी लगभग 68%
* 1990 के दशक में वैज्ञानिकों ने खोजा कि ब्रह्मांड का विस्तार सिर्फ जारी नहीं है बल्कि वह लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है।
* गुरुत्वाकर्षण तो वस्तुओं को पास लाने का काम करता है तो फिर ब्रह्मांड तेज़ी से क्यों फैल रहा है?
* इसका मतलब है कि कोई अदृश्य शक्ति काम कर रही है जो अंतरिक्ष को फैलाने पर मजबूर कर रही है।
* इस रहस्यमयी शक्ति को वैज्ञानिकों ने नाम दिया,डार्क एनर्जी।
* डार्क एनर्जी ब्रह्मांड की कुल ऊर्जा का सबसे बड़ा हिस्सा है और आज भी विज्ञान की सबसे बड़ी पहेली बनी हुई है। 

4. अदृश्य क्यों है यह सब?
* हमारी आँखें और टेलिस्कोप प्रकाश पर निर्भर करते हैं।
* लेकिन डार्क मैटर और डार्क एनर्जी प्रकाश के साथ कोई क्रिया नहीं करते।
* वे न तो चमकते हैं,न रोशनी को रोकते हैं।
* इसलिए हम इन्हें सीधे नहीं देख सकते,बस इनके गुरुत्वाकर्षण और विस्तार पर असर से इनके अस्तित्व का अंदाज़ा लगाते हैं। 

5. वैज्ञानिक चुनौती
आज तक वैज्ञानिकों ने न तो डार्क मैटर के कणों को पकड़ा है और न ही डार्क एनर्जी की सही प्रकृति को समझ पाए हैं।
लेकिन टेलिस्कोप,पार्टिकल एक्सपेरिमेंट और कॉस्मिक सर्वे लगातार इस रहस्य को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
संभव है आने वाले दशकों में हमें पता चले कि असल में यह “अदृश्य ब्रह्मांड” क्या है। 

निष्कर्ष
ब्रह्मांड का 95% हिस्सा हमें दिखाई नहीं देता क्योंकि यह डार्क मैटर और डार्क एनर्जी से बना है जो प्रकाश के साथ क्रिया नहीं करते। हम इन्हें केवल उनके प्रभावों से महसूस कर सकते हैं गैलेक्सियों की गति और ब्रह्मांड के विस्तार में। यह अदृश्य ब्रह्मांड हमारे लिए सबसे बड़ी खगोलीय पहेलियों में से एक है और इसे समझना आने वाले विज्ञान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाएगा।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

राजीव गाँधी?

राजीव गांधी को भूल कर भी मत भूलिएगा भगवान का शुक्र है कि उस दौर में सोशल मीडिया नहीं था नहीं तो राहुल गांधी से भी बड़े थे राजीव गांधी। आज कु...