बुधवार, 4 जून 2025

अशांति वाहक ट्रम्प

लाशों पर राजनीती 
रूस - यूक्रेन में समझौते के कोई आसार नहीं हैं। एक तरफ रूस नें यूक्रेन पर बम्बारी कर कहर बरसा रखा है वहीं दूसरी ओर यूक्रेन नें भी रूस पर गोपनीय तरीके से जो हमला किया है वह रूस को बहुत भारी पड़ गया है।

बहुत दुर्भाग्य पूर्ण बात यह है की दोनों देशों में अपने - अपने छ -छ हज़ार सैनिकों के शवों की अदला - बदली पर सहमति बन गई है। पुतिन और जैलेंसकी के लिए ये सिर्फ सैनिकों के शव हो सकते हैं लेकिन जिन परिवारों के ये शव होंगे उनका क्या हाल होगा?

अहंकारी पुतिन और नासमझ जैलेंसकी जो अपनी सनक में सैनिकों को मरवा रहें हैं और अपने देश को खंडर बनवा रहें हैं। यूक्रेन तो वास्तव में खंडर ही बन गया है। लेकिन अभी भी जैलेंसकी खैरात के हथियारों पर बाकी बचे यूक्रेन को खंडर बनवा कर ही दम लेंगें। आखिरकार एक कॉमेडियन की स्टेज वाली बुद्धि देश को कैसे चला सकती है यह दिखाई दे रहा है।

यही हाल अमेरिका का है, एक बड़ा व्यापारी हर कार्य में अपना फायदा या देश का फायदा ही देखता रहता है। ट्रम्प भी ऐसा ही कर रहें हैं। लेकिन उन्हें यह सोचना चाहिए की यदि वे दुनिया पर हुकूमत कर रहें हैं या करना चाहते हैं तो अनेकों निर्णय फायदे या नुकसान से परे होती हैं। अपने निर्णयों से ट्रम्प की दुनिया भर में आलोचना हो रही है। ज़ब ट्रम्प अमेरिका के राष्ट्रपति बने तब उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की आलोचना करते हुए कहा था की यूक्रेन को लाखों करोड़ के हथियार यूक्रेन को देकर हमें क्या फायदा हुआ? अब ट्रम्प भी जो बाइडन वाला कार्य कर रहें हैं। जबकि ट्रम्प नें कहा था की मै सत्ता प्राप्त करते ही कुछ ही दिनों में रूस - यूक्रेन युद्ध रुकवा दूंगा लेकिन शान्ति का संदेश देने वाले ट्रम्प दुनिया में अशांति ही फैला रहें हैं।

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