सोमवार, 27 अप्रैल 2020
शनिवार, 25 अप्रैल 2020
बंद है कारोबार तो सेलरी कहां से दें ? https://suniljainrana.blogspot.com/
April 25, 2020 • सुनील जैन राना • जनहित
प्राकृतिक आपदा कोरोना बचने को लम्बे लॉक डाउन के कारण उद्योग -व्यापार धंधे सभी प्रभावित हो रहे हैं। अभी पता नहीं कब तक चलेगा लॉक डाउन? ऐसे में व्यापारी बिना कार्य कब तक अपने कर्मचारियों को सेलरी दे और कहां से दे?कार्यरत कर्मचारी को सेलरी न देना भी मानवता नहीं है लेकिन जिसका व्यापार पूर्ण रूप से बंद है ,जिसके नियमित खर्चे ज्यों के त्यों हैं वह कब तक बर्दास्त कर पायेगा यह लॉक डाउन ?
यह तो कार्यरत कर्मचारी की बात है लेकिन रोज कमाकर खाने वाला मज़दूर -रिक्शा ठेले वाला -सड़क किनारे फल-सब्ज़ी -खाद्य पदार्थ बेचकर अपना पेट भरने वाले के सामने तो संकट ही संकट है। मध्यम वर्ग तो हमेशा से ही समस्याओ से ग्रस्त रहता ही है ,ऐसे समय में वह अपनी परेशानी किसी को बयां भी नहीं कर सकता है। बड़े कारोबारियों की बड़ी समस्याएं ,छोटे कारोबारियों की भी बड़ी समस्या। बेरोजगारों की अपनी समस्या,रोज कमाकर खाने वालो की अपनी समस्या। सरकार किस -किस के लिए क्या -क्या सुविधा उपलब्ध करा पायेगी अभी पता नहीं। लेकिन सरकार जैसे किसानों के लिए फ़सल राहत -आपदा राहत योजनाएं बनाती है उसी तर्ज पर उपरोक्त लिए भी राहत देनी चाहिए।
पूर्ण बंद कारोबार के लिए कारोबारी को आधी सेलरी देने की राहत मिले। आपदा में कारोबारी और कर्मचारी दोनों सहयोगी बनें। बेहताशा सेलरी वालो की सेलरी का कुछ अंश पीएम केयर फण्ड में जाना जरूरी बनें। पेंशन आदि फंडों कटौती हो। राजकीय सेवा में कार्यरत माननीय एवं विधायक -सांसद आदि सयंम आगे बढ़कर योगदान करना ही चाहिए। इस आपदा के समय हम सभी सक्षम देश वासियों को तन -मन -धन से सरकार का सहयोग करना ही चाहिए। *सुनील जैन राना *
यह तो कार्यरत कर्मचारी की बात है लेकिन रोज कमाकर खाने वाला मज़दूर -रिक्शा ठेले वाला -सड़क किनारे फल-सब्ज़ी -खाद्य पदार्थ बेचकर अपना पेट भरने वाले के सामने तो संकट ही संकट है। मध्यम वर्ग तो हमेशा से ही समस्याओ से ग्रस्त रहता ही है ,ऐसे समय में वह अपनी परेशानी किसी को बयां भी नहीं कर सकता है। बड़े कारोबारियों की बड़ी समस्याएं ,छोटे कारोबारियों की भी बड़ी समस्या। बेरोजगारों की अपनी समस्या,रोज कमाकर खाने वालो की अपनी समस्या। सरकार किस -किस के लिए क्या -क्या सुविधा उपलब्ध करा पायेगी अभी पता नहीं। लेकिन सरकार जैसे किसानों के लिए फ़सल राहत -आपदा राहत योजनाएं बनाती है उसी तर्ज पर उपरोक्त लिए भी राहत देनी चाहिए।
पूर्ण बंद कारोबार के लिए कारोबारी को आधी सेलरी देने की राहत मिले। आपदा में कारोबारी और कर्मचारी दोनों सहयोगी बनें। बेहताशा सेलरी वालो की सेलरी का कुछ अंश पीएम केयर फण्ड में जाना जरूरी बनें। पेंशन आदि फंडों कटौती हो। राजकीय सेवा में कार्यरत माननीय एवं विधायक -सांसद आदि सयंम आगे बढ़कर योगदान करना ही चाहिए। इस आपदा के समय हम सभी सक्षम देश वासियों को तन -मन -धन से सरकार का सहयोग करना ही चाहिए। *सुनील जैन राना *
मंगलवार, 21 अप्रैल 2020
फ्री में पाओ ऑनलाइन कोरोना ? https://suniljainrana.blogspot.com/
April 21, 2020 • सुनील जैन राना • जनहित
भारत में कोरोना का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है जो चिंता की बात है। अभी हाल ही में एक पिज़्ज़ा डिलीवरी बॉय के संक्रमित होने की खबर से सभी सकते में हैं। सिर्फ उसके संक्रमण से लगभग ७० परिवार जहां उसने खाद्य पदार्थ की डिलीवरी दी थी सभी कोरोना के संदेह के घेरे में शामिल हो गए।
जनता में भय है की सरकार कुछ जरूरी बस्तुओं की पूर्ति को ऑनलाइन मंजूरी दे सकती है। ऐसे में एक और भयभीत करने वाला भय यह है की यदि ऐसा हुआ तो कम्पनियों से भेजा जाने वाला डिलीवरी बॉय कोरोना से संक्रमित नहीं होगा इसकी क्या गारंटी होगी ?
कोरोना महामारी के समय देश की गरीब जनता को सहयोग करने वाला व्यापारी वर्ग भी विदेशी कम्पनियों अमेज़ॉन -फिलिपकार्ट आदि को दी जाने वाली इस छूट का विरोध कर रहे हैं। इन विदेशी कम्पनियों ने भारतीय जनता के लिए कुछ सहयोग नहीं किया फिर क्यों इन्हे छूट दी जाए ?बात तो बिलकुल सही है, तो फिर क्यों फ्री में पाओ ऑनलाइन कोरोना ?
यही नहीं बल्कि मोबाईल पर टिकटॉक जैसी कंपनियों का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। ध्यान रहे की इनमें ज्यादातर कंपनियां चीनी हैं।अब समय आ गया है की चीनी कंपनियों का बहिष्कार कर देश में मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन देकर देश में नये रोजगार के अवसर पैदा किये जाएं। सरकारी स्तर पर कोरोना के चलते ऑनलाइन बिक्री पर पूर्ण पाबंदी रहनी ही चाहिए। *सुनील जैन राना *
जनता में भय है की सरकार कुछ जरूरी बस्तुओं की पूर्ति को ऑनलाइन मंजूरी दे सकती है। ऐसे में एक और भयभीत करने वाला भय यह है की यदि ऐसा हुआ तो कम्पनियों से भेजा जाने वाला डिलीवरी बॉय कोरोना से संक्रमित नहीं होगा इसकी क्या गारंटी होगी ?
कोरोना महामारी के समय देश की गरीब जनता को सहयोग करने वाला व्यापारी वर्ग भी विदेशी कम्पनियों अमेज़ॉन -फिलिपकार्ट आदि को दी जाने वाली इस छूट का विरोध कर रहे हैं। इन विदेशी कम्पनियों ने भारतीय जनता के लिए कुछ सहयोग नहीं किया फिर क्यों इन्हे छूट दी जाए ?बात तो बिलकुल सही है, तो फिर क्यों फ्री में पाओ ऑनलाइन कोरोना ?
यही नहीं बल्कि मोबाईल पर टिकटॉक जैसी कंपनियों का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। ध्यान रहे की इनमें ज्यादातर कंपनियां चीनी हैं।अब समय आ गया है की चीनी कंपनियों का बहिष्कार कर देश में मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन देकर देश में नये रोजगार के अवसर पैदा किये जाएं। सरकारी स्तर पर कोरोना के चलते ऑनलाइन बिक्री पर पूर्ण पाबंदी रहनी ही चाहिए। *सुनील जैन राना *
सोमवार, 20 अप्रैल 2020
मंगलवार, 14 अप्रैल 2020
कल्याणकारी भारत / विश्वासघाती -विनाशकारी चीन https://suniljainrana.blogspot.com/
April 14, 2020 • सुनील जैन राना • राजनीति
कोरोना माहामारी ने सम्पूर्ण विश्व को हिलाकर रख दिया है। विश्व के विकसित देशों में कोरोना का रौद्र रूप भयानक होता जा रहा है। महाशक्ति अमेरिका सबसे ज्यादा कोरोना की चपेट में हैं। ऐसे में भारत एक कल्याणकारी देश के रूप में उभर रहा है। मोदीजी के नेत्तृव में देश की १३० करोड़ जनता अन्य विकसित देशों के मुकाबले बहुत राहत महसूस कर रही है। समय रहते कोरोना से लड़ने को उठाये कदमों के कारण आज देश में अन्य देशों जैसा दुष्कर संकट नहीं दिखाई दे रहा है। लेकिन सावधानी हटी -दुर्घटना घटी ,ऐसा न हो इसके लिए मोदीजी ने एक बार फिर लोक डाउन की अवधि ३ मई तक बढ़ा दी है।
ऐसे समय में भारत सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि अन्य देशों के लिए भी योग्यतानुसार सहयोग कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ कोरोना के पालक चीन को पूरी दुनिया विश्वासघाती और विनाशकारी बताने से नहीं चूक रही है। विश्व के अनेक नेताओं के बयानों से यह स्पष्ट हो रहा है की चीन द्वारा अपने को विश्व महाशक्ति बनाने को प्रकृति का दुरूपयोग किया है। चीन यह भूल गया है की प्रकृति से कोई जीत नहीं सकता, लेकिन आधुनिकता और विकास के नशे में चीन सम्पूर्ण विश्व पर कब्जा करना चाह रहा है।
आने वाला समय सम्पूर्ण विश्व के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होगा। सभी देशों की अर्थव्यवस्था डगमगाने वाली है। ऐसे में चीन इसका फायदा उठाने की फ़िराक में रहेगा। विश्व के सभी देशों को चीन से सावधान रहने की जरूरत है।
मोदीजी ने लोक डाउन बढ़ाने के अपने सम्बोधन में सभी से सहयोग की अपील की है। सभी सबका ध्यान रखें ,यथा सम्भव सहयोग करें। आर्थिक रूप से कमजोरों की मदद करें। कोरोना का पता लगाने को आरोग्य सेतु एप का प्रयोग करें। डॉक्टर -नर्स -सफाईकर्मी -पुलिस -प्रसाशन -सामाजिक संगठन आदि जो भी सहयोग में लगे हों उन सबका उत्साहवर्धन और सहयोग करना हम सब का फ़र्ज़ है। * सुनील जैन राना *
ऐसे समय में भारत सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि अन्य देशों के लिए भी योग्यतानुसार सहयोग कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ कोरोना के पालक चीन को पूरी दुनिया विश्वासघाती और विनाशकारी बताने से नहीं चूक रही है। विश्व के अनेक नेताओं के बयानों से यह स्पष्ट हो रहा है की चीन द्वारा अपने को विश्व महाशक्ति बनाने को प्रकृति का दुरूपयोग किया है। चीन यह भूल गया है की प्रकृति से कोई जीत नहीं सकता, लेकिन आधुनिकता और विकास के नशे में चीन सम्पूर्ण विश्व पर कब्जा करना चाह रहा है।
आने वाला समय सम्पूर्ण विश्व के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होगा। सभी देशों की अर्थव्यवस्था डगमगाने वाली है। ऐसे में चीन इसका फायदा उठाने की फ़िराक में रहेगा। विश्व के सभी देशों को चीन से सावधान रहने की जरूरत है।
मोदीजी ने लोक डाउन बढ़ाने के अपने सम्बोधन में सभी से सहयोग की अपील की है। सभी सबका ध्यान रखें ,यथा सम्भव सहयोग करें। आर्थिक रूप से कमजोरों की मदद करें। कोरोना का पता लगाने को आरोग्य सेतु एप का प्रयोग करें। डॉक्टर -नर्स -सफाईकर्मी -पुलिस -प्रसाशन -सामाजिक संगठन आदि जो भी सहयोग में लगे हों उन सबका उत्साहवर्धन और सहयोग करना हम सब का फ़र्ज़ है। * सुनील जैन राना *
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