सोमवार, 14 अगस्त 2023

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उत्तम विचार

*चार वेदो का अर्थ ना जानो तो कोई बात नहीं!* *परंतु* *"समझदारी, जवाबदारी, वफ़ादारी, और ईमानदारी,* *ये चार शब्दों का मर्म जानों तो भी जीवन सार्थक हो जाये!!* 🌼🌼 *गुस्सा भी उस पर किया जाता है* *जिस पर अपना हक हो* *वरना गैरो से कौन नाराज होता है!!*

रविवार, 13 अगस्त 2023

जेनेरिक दवाई जरूरी

जेनेरिक दवाएं लिखना होगा अनिवार्य देश मे दवाओं की बढ़ती कीमतों के कारण गरीब आदमी अक्सर झोला छाप डॉक्टरों से ईलाज कराने को मजबूर रहता है। बड़े प्राइवेट डॉक्टर तो बड़ी कम्पनियों की महंगी दवाइयां ही लिखते हैं जो आम आदमी का बजट बिगाड़ देती हैं। सरकार ने इस समस्या का निदान सस्ती जेनेरिक दवाइयों के जरिये जनता को राहत देने का लिये प्रत्येक नगर, शहर में जेनेरिक दवा की दुकानें खुलवा दी हैं। लेकिन फिर भी डॉक्टरों ने कभी भी जेनेरिक दवाओं को प्राथमिकता नहीं दी। हमेशा महंगी ब्रांडेड दवाएं लिखते रहे हैं। इतना ही नहीं अनेको डॉक्टर तो ब्रांडेड दवाओं के साल्ट जैसी दूसरे नाम से अपनी दवाइयां मनमाने प्रिंट पर बनवाकर पेशेंट को दे रहे हैं। कोई उन्हें कहने सुनने वाला नहीं है। इन सब बातों की रोकथाम के लिये ही अब सरकार ने सभी चिकित्सको को जेनेरिक दवाएं लिखने को अनिवार्य कर दिया है। यदि कोई चिकित्सक ऐसा नहीं करता तो उसे दण्डित करने का प्रावधान किया है। चिकित्सक का लाइसेंस तक कैंसिल हो सकता है। जनहित में यह बहुत अच्छा सरकार का निर्णय है। बस जरूरी यह है की सभी दवाएं जेनेरिक में भी उपलब्ध होनी चाहिये और उनकी गुणवत्ता ब्रांडेड दवाई जैसी ही होनी चाहिये। तभी सरकार का यह कदम मील का पत्थर साबित होगा। आम गरीब जन को बहुत राहत मिलेगी। सुनील जैन राना

शुक्रवार, 4 अगस्त 2023

कैसा गठबन्धन?

राजस्थान में हैवानियत, लाल डायरी गायब देश भर में बलात्कार और मर्डर के मामले बढ़ रहे हैं। मणिपुर में हिंसा और जघन्य अपराध अभी थमे भी नहीं है कि राजस्थान के उदयपुर में एक लड़की का सामूहिक बलात्कार कर उसे भट्टी में जला दिया एवं दूसरी लड़की से सामूहिक बलात्कार कर उसे सुनसान जगह पर छोड़ दिया। मणिपुर घटना पर गठबन्धन के चिंता व्यक्त करने वाले किसी भी नेता ने राजस्थान की कांग्रेस गहलोत सरकार पर हल्ला नहीं मचाया। यह कैसे नेतागण हैं? क्या इनका एकमात्र लक्ष्य सत्ता प्राप्त कर बीजेपी को बाहर करना ही है। बीजेपी शासित राज्यों की घटना को तूल देना अन्य राज्यों की घटना पर चुप रहना। राजस्थान में कांग्रेस की गहलोत सरकार के गलत कार्यों को देख उनके एक मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने विरोध किया तो तत्काल प्रभाव से उन्हें बर्खास्त कर दिया। यही नहीं उनके बंगले पर दबिश दी गई। इस पर भी ईडी के दुरुपयोग का इल्जाम लगाने वाले गठबन्धन के सभी नेता चुप हैं। यही नहीं बर्खास्त मंत्रीजी की लाल डायरी भी छीन ली गई जिसमें गहलोत सरकार के काले कारनामों का लेखजोखा बताया जा रहा है। इन सब बातों को देखकर यही दिखाई दे रहा है की गठबंधन सिर्फ सत्ता प्राप्ति को बना है। देश की समस्या या विकास का कोई रास्ता इनके पास नहीं है। सिर्फ साम-दाम-दंड से बीजेपी को सत्ता से बाहर कर खुद सत्ता हथियाना ही उद्देश्य है। सुनील जैन राना