रविवार, 5 मार्च 2017
शनिवार, 4 मार्च 2017
शुक्रवार, 3 मार्च 2017
गुरुवार, 2 मार्च 2017
टवीटर पर ट्रोल
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टीवी चैनलों पर समाचार चल रहा है की टवीटर पर किसी बात को
भड़काने -धमकाने -रीट्वीट कराने के लिए बाकायदा माफ़िया नियुक्त
हैं। कई बार राजनितिक दल अपने विरोधी को पस्त करने के लिए
इनका सहारा लेते हैं। जिसके लिए ये दल भारी भरकम रकम भी देते हैं ?
मेरी समझ में यह कोई नई बात नही है। फेसबुक पर भी अक्सर ऐसे
विज्ञापन आते हैं की अपनी बात इतने लोगो तक पहुँचाने या लाइक
कराने के लिए इतने रूपये दे तो आपको इतने लाइक मिलेंगे ?
दरअसल आम आदमी और नेता में यही फर्क होता है। आम आदमी
कुछ भी कह देता है -लिख देता है ,लेकिन नेता या राजनीतिक दल
इन सबसे घबराता है। विरोधी उनकी किसी भी बात की धज्जियां उड़ाने
को ताक में रहते हैं।
लेकिन बाकायदा किसी की धज्जियां उड़ाने को माफ़िया लोग धनराशि
लेकर गाली गलौज -धमकी देते हैं तो यह अपराध की श्रेणी में आना ही
चाहिये। सरकार अब ऐसे माफियाओं पर नज़र भी रख रही है।
बुधवार, 1 मार्च 2017
उप्र चुनाव -बयानबाज़ी
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उप्र में चुनावों का आखिरी दौर चल रहा है। बढ़ चढ़ कर बयानबाज़ी
हो रही है। मोदी विरोध को दिलजले भी दिल मिला रहे हैं। सपा-बसपा
के बयान विकास की बात कम, बीजेपी को रोकने के लिए ज्यादा हैं।
27 साल जंगलराज का नारा देने वाली कांग्रेस ,जंगलराज वालो से ही
जा मिली। कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी के बयान तो सिर्फ मोदीजी
की आलोचना से ही प्रेरित होते हैं।
युवराज कह रहे हैं की मोदीजी ने सिर्फ अमीरों का विकास किया है।
गरीबो के कल्याण के लिए उन्होंने कुछ नही किया। वे खुद यह भूल
जाते हैं की अमीर -गरीब की खाई तो पिछले 65 सालों में कांग्रेस के
राज में ही बढ़ी है। कांग्रेस के राज में ही देश में एक चौथाई
जनता भूखे पेट क्यों रही ?
मोदीजी भी अपने 5 साल का लेखा जोखा देंगे। तभी उसपर कुछ कहना
न्याय संगत होगा। 60 साल के गड्ढे 3 साल में भरने आसान नही हैं। सबसे
बड़ी बात यह है की ऊपरी स्तर पर बिना भ्र्ष्टाचार बड़ी -बड़ी योजनाये
बन रही हैं और कार्य हो रहा है। अगले 10 साल में देश काफी आगे बढ़
जाएगा ,ऐसा दिखाई दे रहा है।
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