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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में होने वाले कुल दान का 62% जैन समुदाय से प्राप्त होता है । अर्थात भारत में होने वाले परमार्थ कार्यों को संचालित रखने में जैन समुदाय 62% योगदान देता है । जैन समुदाय , +140 करोड़ भारत की सुख शांति और समृद्धि बनाये रखने लिए सदैव तत्पर सबसे आगे खड़ा रहता है । विज्ञापनों में खर्च नहीं करते । श्रम करते हैं ।
दान ही जिन-मार्गी की सबसे बड़ी ताकत है । भारत को सबसे बड़ी ताकत दान से ही मिलती है । तब भारत चल पाता है । यदि यह 62% दान बंद कर दिया जाए जैन समुदाय की तरफ से तो भारत की रीढ़ हिल जाएगी । भारत में चल रहे अनेक पुण्यार्थ कार्य बंद हो जायेंगे । देश में दो दिन के अंदर ही असर दिखाई देने लग जाएगा । इतना वृहत् रूप से देश के अंदरुनी हिस्से को मजबूत बनाकर रखा हुआ है जैन समुदाय ने। जैनियों के दान भोजन पानी , चिकित्सा, शिक्षा, आश्रय, वस्त्र, रोज़गार जैसी बुनियादी जरूरतें प्रदान करने पर केंद्रित होते हैं। जैन समुदाय जैसे जैसे कमजोर होता जाएगा । देश अंदर से बिखरते जाएगा । देश की आम जनता कमजोर होती जाएगी । आज वही हो रहा है । जैन संस्थानों के अंदर हाथ डालने की कोशिश की जा रही है । विभिन्न प्रकार के षड्यंत्रों से । जैनों को नहीं लूटा जा रहा । यह भारत को कमजोर करने का षड्यंत्र है । जब तक जैन डगमगायेगा नहीं, तब तक भारत अंदर से मजबूत रहेगा । कृषि क्षेत्र और जैन समुदाय, जिसने भारत को कभी भी हाथ फैलाने का मौका नहीं दिया । अनेकों आक्रमण हुए, अनेकों प्राकृतिक प्रकोपों को झेले । फिर खड़े हो गए । यह चमत्कार रहा है भारत की मजबूत रीढ़ का । जैसे जैसे भारत के जैन कमजोर होते जाएंगे, भारत कमजोर होता जाएगा । निस्वार्थ पुण्यार्थ कार्य कम होते चले जाएंगे । भारत के अंदर चल रहे बुनियादी ढांचे बिखर जाएंगे।
टीप: जैन समुदाय चाहे , इसी दान बल से भारत की राजनीति में एक बड़ी भूमिका रख सकता है । दान ताकत है जैन समुदाय की । इसे जानों।
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