शनिवार, 6 मई 2017



सरकारी पानी की टंकियाँ
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देश के हर राज्य के हर शहर में जगह -जगह

पीनेके पानी की बड़ी -बड़ी टंकियां बनी हुई हैं।

इनमे से अधिकांश टंकियों का पानी भगवान

भरोसे ही पिया जा रहा है। शायद ही किसी आम

नागरिक ने कभी इन टंकियों की सफाई होते देखी

होगी। जिसने कभी देखी भी होगी तो वही जनता

होगा इनके अंदर का हाल। दशकों में एक बार होने

वाली सफाई के दौरान इन टंकियों में से मरे हुए पक्षी

बंदर आदि तक निकलते हैं ?

सरकार की दो तरफी नीति भी ऐसी है की उद्योगों में

प्रयोग होने वाले पानी की तो बेहताशा चैकिंग होती है।

जरा सी कमी पर पानी का सेम्पल फेल हो जाता है और

खुद सरकारी पानी की दुर्दशा पर कोई जबाबदेही नहीं ?

सरकारी पानी पीने से बहुत बीमारियां हो रही हैं। ऐसे में

स्वास्थ विभाग को पानी की टंकियों की नियमित सफाई

के बारे में भी सोचना चाहिए।

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मोदीजी हैं तो मुमकिन है

......आज से 25-30 साल बाद...जब दुनिया का इतिहास लिखा जाएगा...उस समय के नेता जब  दुनिया मे कूटनीति का उदाहरण देंगे...तब ये बताया और पढाया जाए...