सुनील जैन राना ब्लॉग स्पॉट
जियो और जीने दो एवं देशहित सर्व प्रथम।
शनिवार, 17 दिसंबर 2016
हाइकु
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निराशावादी
सब कुछ पाकर
निराश रहा
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परेशान था
कर्जदार भी रहा
ख़ुदकुशी की
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