शनिवार, 17 दिसंबर 2016





         हाइकु
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     निराशावादी
   सब कुछ पाकर
      निराश रहा
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      परेशान था
   कर्जदार भी रहा
     ख़ुदकुशी की
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मोदीजी हैं तो मुमकिन है

......आज से 25-30 साल बाद...जब दुनिया का इतिहास लिखा जाएगा...उस समय के नेता जब  दुनिया मे कूटनीति का उदाहरण देंगे...तब ये बताया और पढाया जाए...