शुक्रवार, 23 दिसंबर 2016





            हाइकु
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      अच्छे कर्म भी
    सुफल नहीँ देते
       भाग्यहीन को
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       हो बलशाली
    शरीर और बुद्धि
        दोनों के संग
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मोदीजी हैं तो मुमकिन है

......आज से 25-30 साल बाद...जब दुनिया का इतिहास लिखा जाएगा...उस समय के नेता जब  दुनिया मे कूटनीति का उदाहरण देंगे...तब ये बताया और पढाया जाए...