शनिवार, 5 नवंबर 2016





             हाइकु
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         बदी न कर
      नेकी करता रह
         कुँए में डाल
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         बेटा ही होता
     बुढ़ापे का सहारा
          संस्कारवान
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मोदीजी हैं तो मुमकिन है

......आज से 25-30 साल बाद...जब दुनिया का इतिहास लिखा जाएगा...उस समय के नेता जब  दुनिया मे कूटनीति का उदाहरण देंगे...तब ये बताया और पढाया जाए...