शनिवार, 19 नवंबर 2016





          हाइकु
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     दगा दे गया
   गरीब का कम्बल
      ठिठुरन में
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     फल मिलेगा
   कर्मों के अनुसार
      सुकर्म कर
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मोदीजी हैं तो मुमकिन है

......आज से 25-30 साल बाद...जब दुनिया का इतिहास लिखा जाएगा...उस समय के नेता जब  दुनिया मे कूटनीति का उदाहरण देंगे...तब ये बताया और पढाया जाए...