बुधवार, 30 नवंबर 2016





          हाइकु
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      अमावस थी
  निकला न चन्द्रमा
       अँधेरी रात
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      परिन्दे भागे
  अपने घोसलों में
       छुपा सूरज
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मोदीजी हैं तो मुमकिन है

......आज से 25-30 साल बाद...जब दुनिया का इतिहास लिखा जाएगा...उस समय के नेता जब  दुनिया मे कूटनीति का उदाहरण देंगे...तब ये बताया और पढाया जाए...