बुधवार, 28 जून 2023

साँप के काटे की दवा

बरसात होने के कारण सांप बाहर आते हैं क्योंकि उनके बिल में पानी भर जाता है । *सांप डसने के बाद इलाज का रामबाण उपाय* आपको मालूम होगा की सांप डसने से उसके दो दांत का निशान दिखाई देते हैं।दो दांतों से वह विष मनुष्य के शरीर में यानि जहर छोड़ता है। वह विष रक्त के द्वारा हृदय तक जाता है। उसके बाद पूरे शरीर में पहुंचता है। सांप शरीर में कहीं भी डसने के बाद वह विष पहले हृदय तक जाता है उसके बाद पूरे शरीर में फैलता है। यह विष पूरे शरीर में पहुंचने के लिए कम से कम तीन घंटे का समय लगता है। यानि कि जिस व्यक्ति को सर्प दंश हुआ है वह व्यक्ति तीन घंटे तक नहीं मरेगा।जब मस्तिष्क के साथ साथ पूरा शरीर में विष पहुंचेगा तभी वह व्यक्ति मरेगा। वह व्यक्ति को बचाने के लिए आपके पास तीन घंटे का समय है,इस तीन घंटे में आप बहुत कुछ कर सकते हो।यह बहुत अच्छा है। आप क्या कर सकते हैं,,,? एक दवाई आप अपने घर पर हमेशा रख सकते हैं *यह औषधि होम्योपैथिक है तथा सस्ती है* उसका नाम है *NAJA २००* यह दवाई है किसी भी होम्योपैथिक दवाई की दुकान पर आसानी से मिल जाती है। इस दवाई से आप कम से कम सौ लोगों की जान बचा सकते हैं। तथा इसकी कीमत सिर्फ *50 रूपये* है। *NAJA* नाजा यह दवाई विश्व का सबसे ख़तरनाक जहरीला सांप का ही जहर से बनाया गया है। उस सांप का नाम है *क्रॅक*. इस सांप का विष सबसे घातक माना गया है, यह विष दूसरे सांप का विष उतारने के लिए काम आता है। इस दवाई का एक बूंद जीभ में रखें, और दस मिनट के बाद फिर दूसरी बूंद रखें। फिर तीसरी बार एक बूंद फिर दस मिनट के बाद रखें।ऐंसा तीन बार करके छोड़ दें। बस इतना करके उस व्यक्ति, प्राणी,जीव, जन्तु, पशु, पक्षी, जानवरों आदि का प्राण बचा सकते हैं। भाईयो अपने गांव के मित्र मंडली नाते रिश्तेदारों तक अवश्य शेयर करें ।। *दवा किसी भी होम्योपेथी की दुकान में मिल जाती है ... .......🙏🏻🙏🏻

शुक्रवार, 23 जून 2023

मोदीजी की अमेरिका यात्रा

मोदीजी की ऐतिहासिक अमेरिका यात्रा मोदीजी की अमेरिका की प्रथम राजकीय यात्रा जिसका बहुत सम्मान और गर्मजोशी से स्वागत किया गया यह अपने आप मे बहुत महत्वपूर्ण है। न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में मोदीजी के नेतृत्व में योग दिवस पर 135 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया एवं 180 देशों में योग दिवस मनाया गया। यह अपने आप मे विश्वकीर्तिमान बन गया। मोदीजी इससे पहले भी अनेको बार अमेरिका जा चुके हैं लेकिन इस बार की यह यात्रा ऐतिहासिक यात्रा कही जाएगी। इस अवसर पर व्हाइट हाउस में मोदीजी का भव्य स्वागत हुआ एवं 21 तोपों से सलामी दी गई। मोदीजी भारत के ऐसे पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं जिनके सम्मान में खुद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने गर्मजोशी से मोदीजी का स्वागत किया। इस ऐतिहासिक यात्रा से दोनों देशों के सम्बंध बहुत प्रगाढ़ होने वाले हैं। दोनों देशों को एक दुसरे की जरूरतों को पूरा करने के साथ - साथ व्यापार, तकनीकी, डिफेंड आदि के अनेक क्षेत्रों में एक दूसरे का सहयोग मिलेगा। इतना ही नहीं साझा अंतरिक्ष अभियान, भारत मे जेट इंजन बनाने की प्रकिर्या, सेमी कंडक्ट चिप पर कार्य से भारत विश्व के अग्रणी देशों में शुमार होने वाला है। पर्यटन के क्षेत्र में भी बहुत बढ़ावा होने वाला है। मोदीजी ने 20 देशों के पर्यटन मंत्रियों के सम्मेलन में सभी से आह्वान किया कि सभी भारत आये और भारतीय लोकतंत्र के उत्सव देंखें। मोदीजी की यह यात्रा बहुत से मायनों में भारत के लिये बहुत उपयोगी सिध्द होने वाली है। विडम्बना की बात यह है की मोदीजी के विरोध में भारत का विपक्ष इस यात्रा से खुश नहीं है। विपक्ष को तो मोदीजी के हर कार्य की आलोचना ही करनी है यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। खासकर कांग्रेस ने तो सोशल मीडिया में अपनी एक प्रवक्ता को इसी कार्य पर लगा रखा है। वह बताती है की इस यात्रा से बेहतर तो 1949 में तत्कालीन पीएम नेहरूजी की यात्रा थी। वह यह भूल जाती हैं की उस समय जब भारतीय जनता बहुत गरीब थी, देश मे ऐसे हवाईजहाज भी नही थे जो अमेरिका तक सीधी उड़ान भर सके ऐसे में नेहरू जी ने इंग्लैंड से हवाईजहाज किराये पर मंगाकर अपने मित्रों आदि को लेकर सीधे अमेरिका पहुंच गए थे। तब वहां के राष्ट्रपति हैरी से सिर्फ 45 मिनट बात कर अमेरिका घूमने निकल गए थे। पौने दो महीने घूमने में बिताये और भारत की सुध भी नहीं ली थी। इस पर समाजवादी नेता लोहियाजी ने कहा था देश की जनता 4 आना रोज पर गुजारा कर रही है और नेहरू 25000 रुपये रोज गरीब जनता का धन खुद पर खर्च कर रहा है। यह सब बातें आज की कांग्रेस भूल जाती है। जबकि मोदीजी की यात्रा का उद्देश्य भारत की तरक्की करना है। मोदीजी भारत को प्रत्येक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना देना चाहते हैं। सुनील जैन राना

मंगलवार, 20 जून 2023

हिंदुत्व विरोधी कांग्रेस

जयराम रमेश के “दिमाग” का टेस्ट करा लेना चाहिए कांग्रेस को - अब लगता है यह व्यक्ति “पागल” हो गया है - गीता प्रेस गोरखपुर को भी गाली देगा यह निर्लज्ज - हिंदुओं और मोदी के लिए यह है “नफरत की दुकान” वर्ष 2021 के लिए गांधी शांति पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली जूरी ने सर्वसम्मति से गीता प्रेस गोरखपुर को देने का फैसला किया है लेकिन इस फैसले को सुनते ही कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश को जैसे एक पागलपन का दौरा सा पड़ गया - रमेश उबल पड़ा और बोला कि गीता प्रेस को यह पुरस्कार देना गोडसे व सावरकर को सम्मानित करने जैसा है - मुझे लगता है अब कांग्रेस को गंभीरता से विचार करके जयराम रमेश के “दिमाग” का टेस्ट करा कर उसके “पागलपन” की जांच करानी चाहिए - कांग्रेस के नेता सच में पागल हो चुके हैं जिन्हें सोते जागते गोडसे और सावरकर दिखाई देते हैं - बेशर्म निर्लज्ज जयराम रमेश को पता भी है गीता प्रेस है क्या जो उसका अपमान करने निकल पड़ा - गीता प्रेस 1923 बनी संस्था, जो दुनिया का सबसे बड़ा प्रकाशन संस्थान है, ने कभी गलत तरीके से पैसा कमाना अपना उद्देश्य नहीं रखा जैसा कांग्रेस के लोग करते रहे हैं और देश को खोखला कर दिया - इस संस्था की आर्थिक हालत कितनी भी ख़राब रही है परंतु फिर भी इसके कर्मचारी समाज की सेवा में लगे रहे और संस्था ने कभी किसी के आगे मदद के लिए हाथ नहीं फैलाया - यह संस्था 14 भाषाओँ में 41.7 करोड़ पुस्तकें प्रकाशित कर चुकी है जिसमें 16.21 करोड़ तो भगवत गीता ही हैं -कहीं यह भी कहा गया है कि 100 वर्ष में गीता प्रेस ने 93 करोड़ पुस्तकें छापी है - प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में निर्णायक मंडल ने “शांति और सामाजिक सद्भाव के गांधीवादी आदर्शों को बढ़ावा देने के लिए गीता प्रेस के अद्वितीय योगदान को मान्यता देते हुए यह पुरस्कार देने का निर्णय लिया है” गीता प्रेस ने कम से कम कीमत पर पुस्तकें छापने और जनमानस तक पहुंचाने का अकल्पनीय कार्य किया है - कोलकाता के सेठ जयदयाल गोयनका जी द्वारा स्थापित गीता प्रेस का उद्देश्य ही जन जन तक धार्मिक पुस्तकें पहुंचाना रहा है - ऐसे संस्थान को “गांधी शांति पुरस्कार” देने पर विधवा विलाप करने वाले जयराम रमेश को पागल ही कहा जा सकता है जिसका टेस्ट कराया जाना चाहिए - कितनी सीमा है कॉग्रेस के लोगों की गिरने की - अरे निकम्मों, हर वक्त सावरकर सावरकर रोते फिरते हो, एक बार सावरकर को मिली कालापानी की 2 आजीवन कारावास की सजा की कल्पना तो करके देखो, 5 मिनट के लिए बैल की जगह खुद कोल्हू में जुताई करा कर देखो - बेशर्मो, तुम अंग्रेज़ों के पिट्ठू थे जो एक भी कांग्रेसी को “कालापानी” की सजा नहीं हुई - जहां तक गोडसे का सवाल है, उसके किए का फल तो तुमने 60 साल सत्ता भोग कर चखा है - क्रांतिकारियों के दम पर मिली देश को आज़ादी का Liberation Dividend और फिर Gandhi murder Dividend खूब भोगते हुए सत्ता से चिपके रहे 55 - 60 साल और देश को गर्त में धकेल दिया पर अपने घर भरते रहे - आज भी जयराम रमेश नहीं बोल रहा, उसके पीछे पार्टी की विदेशी सत्ता बोल रही है जिसके हाथ की कठपुतली हैं आज कांग्रेस के सभी नेता - जयराम रमेश यह विलाप मुस्लिम वोटों को दिमाग में रख कर रहा है और यही हिन्दुओं एवं नरेंद्र मोदी के खिलाफ सबसे बड़ी “नफरत की दुकान’ खोली है कांग्रेस ने - (सुभाष चन्द्र) “मैं वंशज श्री राम का” 19/06/2023