कॉकरोच पार्टी में थोड़े बहुत लोग अच्छे भी है या फिर सब के सब मीठे और समलैंगिक ही भरे पड़े है ? मेरी मोदी सरकार से हाथ जोड़कर अनुरोध है कि इन मानसिक बीमार लोगों का दिल्ली के किसी अच्छे हॉस्पिटल में भर्ती करवाये ये हमारे जैसे ही शस्त्रधारी लोग है बस रास्ता भटक गए है
ये किसी इल्यूजन (भ्रम ) में फंसे हुए है इन्हें बढ़िया से ट्रीटमेंट दिलवाए और किसी के घर का चिराग़ बुझने से बचाए यही राष्ट्र हित होगा अब देश को बचाने के लिए मीठे लोग आ रहे है तब देश तो क्या ही बचना है हमे उन लोगों को बचाना है जो इनके संपर्क में आकर संक्रमित हो सकते है
एक कॉकरोच हाथ में डायरी लेकर कहा रहा था ये हमारा संविधान है जब पत्रकार ने खोलकर दिखाने के लिए कहा तो कुछ नोट बनाकर घूम रहा है मतलब ये अपना ही संविधान बनकर घूम रहे है और बाबा साहब के संविधान को कचरे में फेंकना चाहते है
एक कॉकरोच तो सीधे हाई कोर्ट से आया हुआ था जब पत्रकार ने कहा आप तो कानून के रक्षक है फिर आप संविधान बचाने कैसे आए हुए थे तब कॉकरोच ने कहा आगे की बात ये भाईसाहब बताएंगे पत्रकार ने कहा नहीं आप ही बताइए तो
कहने लगा कि मुझे ज्यादा कुछ पता नहीं है बताओ अब ऐसे वकीलों बाला कोर्ट पहन कर फर्जी वकील बनकर जनता को गुमराह कर रहे है वकीलों को इस पर संज्ञान लेकर कार्यवाही करवानी चाहिएं इस तरह तो ये कॉकरोच वकीलों का नाम ही खराब कर के रख देंगे
एक कॉकरोच ने तो सीधे सीधे व्यपारियों से ही अपील कर डाली कि सरकार को टैक्स मत भरो सरकार अपने आप दबाव में आ जाएगी मतलब कॉकरोच पार्टी के नाम पर कुछ भी चल रहा है इनके पास कोई नया विजन नहीं है ये सब वही लोग है जो हर आंदोलन में अपना खर्चा पानी लेकर निकल जाते है महीने दो महीने इनका भी रोजगार चल निकलता है
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें