रविवार, 28 दिसंबर 2025

दो कान की व्यथा

*👂 कान की आत्मकथा👂* 

 *एक बार आवश्य पढ़े... मन में गुदगुदी होने लगेगी...😊* 

*मैं कान हूँ........👂*
*हम दो हैं...*👂👂 
*दोनों जुड़वां भाई...*

*लेकिन...........*
*हमारी किस्मत ही ऐसी है....*

*कि आज तक हमने एक दूसरे को देखा तक नहीं 😪*


*पता नहीं..* 
*कौन से श्राप के कारण हमें विपरित दिशा में चिपका कर भेजा गया है 😠...*



*दु:ख सिर्फ इतना ही नहीं है...*
 
*हमें जिम्मेदारी सिर्फ सुनने की मिली है......*

*गालियाँ हों या तालियाँ..,*
*अच्छा हो या बुरा..*,
*सब* 
*हम ही सुनते हैं...*


*धीरे धीरे हमें खूंटी समझा जाने लगा...*

*चश्मे का बोझ डाला गया,*

*फ्रेम की डण्डी को हम पर फँसाया गया...*

*ये दर्द सहा हमने...*

*क्यों भाई..???*

*चश्मे का मामला आंखो का है*
*तो हमें बीच में घसीटने का* 
*मतलब क्या है...???*

*हम बोलते नहीं* 

*तो क्या हुआ,* 

*सुनते तो हैं ना...*

*हर जगह बोलने वाले ही क्यों आगे रहते है....???*

*बचपन में पढ़ाई में* 
*किसी का दिमाग*
*काम न करे तो*
*मास्टर जी हमें ही मरोड़ते हैं 😡...* 



*जवान हुए तो*
*आदमी,औरतें सबने सुन्दर सुन्दर लौंग,बालियाँ, झुमके आदि बनवाकर हम पर ही लटकाये...!!!*


 *छेदन हमारा हुआ,*
*और तारीफ चेहरे की ...!*

*और तो और...*
*श्रृंगार देखो...* 
*आँखों के लिए काजल...*
*मुँह के लिए क्रीमें...*
*होठों के लिए लिपस्टिक...*
*हमने आज तक कुछ माँगा हो तो बताओ...*

*कभी किसी कवि ने,* 
*शायर ने* 
*कान की कोई तारीफ की हो तो बताओ...*

*इनकी नजर में आँखे, होंठ, गाल,ये ही सब कुछ है...*


*हम तो जैसे किसी मृत्युभोज की*
*बची खुची दो पूड़ियाँ हैं..,* 

*जिसे उठाकर चेहरे के साइड में  चिपका दिया बस...*

*और तो और,*

*कई बार बालों के चक्कर में हम पर भी कट लगते हैं* ... 

*हमें डिटाॅल लगाकर पुचकार दिया जाता है...*


*बातें बहुत सी हैं,* 
*किससे कहें...???*

*कहते है दर्द बाँटने से मन हल्का* 
*हो जाता है...*

*आँख से कहूँ तो वे आँसू टपकाती हैं..*
*नाक से कहूँ तो वो बहती है...*

*मुँह से कहूँ तो वो हाय हाय करके रोता है...*

*और बताऊँ...*

*पण्डित जी का जनेऊ,* 
*टेलर मास्टर की पेंसिल,* 
*मिस्त्री की बची हुई बीड़ी*
*मोबाइल का ईयरफोन सब हम ही सम्भालते हैं...*


*और* 

*कोरोना के टाईम मास्क का झंझट भी हम दोनों ने मिलकर ही झेला है...*

*कान नहीं जैसे पक्की खूँटियाँ हैं हम...और भी कुछ टाँगना, लटकाना हो तो ले आओ भाई...*

*तैयार हैं हम दोनों भाई...!¡!*

 *थोड़ा थोड़ा हँसते रहिये* 
 *हमेशा स्वस्थ रहिए।*
😊🌹🌹😊💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
   😂😜😍😛😍😜😂😜

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