दूल्हे को पान क्यो खिलाते हैं?
पान के पत्ते में कत्था चुना सुपारी आदि लपेटकर जो व्यंजन तैयार होता है उसे बीड़ा कहते हैं।पुराने समय मे जब राजा महाराजा हुआ करते थे तब एक प्रथा प्रचलित थी,जब भी राज्य को किसी कार्य विशेष को करना होता था तो राजसभा में एक प्लेट में बीड़ा रख दिया जाता था और सभा मे ये एलान कर दिया जाता था कि वो कौन सा वीर है जो इस कार्य को सम्पन्न करेगा।जो भी वीर इस कार्य की जिम्मेदारी लेने चाहता हो वो इस बीड़े को उठा ले। पान के इस बीड़े को उठाने का मतलब था कि अबसे इस कार्य की सम्पूर्ण जिम्मेदारी उस व्यक्ति की रहेगी।तभी से बीड़ा उठाना एक कहावत के रूप में प्रचलित हुई है।
अब आते हैं दूल्हे को पान क्यो खिलाया जाता है इस पर।
उसका सम्बन्ध भी इसी कहावत से जुड़ा है।पान की बीड़ा दूल्हे को देने का अर्थ है कि अब से दुल्हन के शेष जीवन के निर्वहन की तथा दुल्हन के साथ मिलकर पारिवारिक, सामाजिक जिम्मेदारी अब से आपकी है आपको इस जिम्मेदारी का बीड़ा दिया जाता है।और दूल्हा उस बीड़े को स्वीकार कर अपनी स्वीकृति प्रदान करता है।
लेकिन अफसोस अधिकतर लोग इस प्रथा से अनभिज्ञ है और बस इसे एक प्रथा समझकर ढो रहे हैं।
अनोखा जी
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