शनिवार, 31 जनवरी 2026

कठोर नियम बनें

BHU हों jNU या AMU 
सभी में सब्सिडी से पढ़ाई रहे छात्र  यदि एक बार से ज्यादा बार फेल होते हैं तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए. ऐसे छात्र ही बार बार फेल होकर राजनीती करने लगते हैं. मुफ्त पढ़ाई, मुफ्त कमरा लेकर वर्षो तक अड्डा जमाये रखते हैं. ऐसे छात्र ही कैम्पस में हंगामा मचाये रखते हैं. गुंडों को आमंत्रण देते हैं. 
सरकार को नियमों में परिवर्तन कर कड़े नियम बनाने चाहिए.

राजनीती

बुधवार, 28 जनवरी 2026

कांग्रेस की चलबाज़ी

तब कांग्रेस का जगद्गुरु प्रेम और सम्मान कहां विलुप्त हो गया था...!!

कांग्रेसियों अपना कलंकित इतिहास देखो....!!

नवम्बर 2004 दिल्ली में मनमोहन सिंह की कठपुतली सरकार डोर सोनिया गांधी के साथ में तमिलनाडु में जयललिता की सरकार डोर सोनिया के हाथ में और सोनिया की डोर वेटिकन सिटी के साथ में और वेटिकन का लक्ष्य भारत का ईसाई करण करना और तमिलनाडु में ईसाई धर्म में धर्मांतरण के विरोधी कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य स्वामी जितेन्द्र सरस्वती....!!

11 नवम्बर 2004 दीपावली का दिन हिन्दुओं का महत्वपूर्ण पर्व था त्रिकाल पूजा का अनुष्ठान चल रहा था रात्रि 11:35 पर तमिलनाडु की पुलिस शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती को अश्लील वीडियो देखने और हत्या का षड़यंत्र रचने के झूठे आरोप में अपमान जनक तरीके से गिरफ्तार करती है...!!

तब कांग्रेस का जगद्गुरु प्रेम एवम् सम्मान कहां विलुप्त हो गया था और वहीं जामा मस्जिद के इमाम के खिलाफ देश की कई अदालतों द्वारा गैर-जमानती वारंट के बावजूद उसे कभी हाथ नहीं लगाया गया....!!

यह है कांग्रेस की दोहरी चरित्र और ओछी मानसिकता ये सिर्फ संत के सम्मान का दिखावा कर रहे है और हिंदुओ को भड़का रहे हैं....!!

शनिवार, 24 जनवरी 2026

देश में जयचंद

ऐ हिन्दु सेकुलुरो तुमसे बेशर्म कोई जाति नही....!!
 
गजनवी के बारे मेँ पढकर ऐसा लगने लग गया कि ये कैसा धर्म है जो अपनी रक्षा स्वंय नही कर सकता, दोस्तो बुरा मत मानना हिन्दु धर्म कभी भी गलत का विरोध नही करता और न कभी किया भगवान और भाग्य के भरोसे बैठे रहते है, चंद वीर हिन्दु योद्धाओ को छोङकर किसी ने वीरता का कोई कार्य नही किया क्योकि दुसरो पर भरोसा करने वाला सदा रोया है...!!
 
आज जो हिन्दु सेकुलर है वो एक बार अफगानीस्तान जाये और अफगानिस्तान मेँ गजनी नामक स्थान पर जरुर जाये जहां हिन्दु औरतो की नीलाम हुंई थी, उस स्थान पर मुस्मानो ने एक स्तम्भ बना रखा है, जिस पर लिखा है दुख्तरे हिन्दोस्तान, नीलामे दो दीनार अर्थात इस जगह हिन्दुस्तानी औरते दो दो दीनार मेँ नीलामी हुंई अगर तब भी सेकुलरपन का कीङा नही नीकलता तो गजनवी का इतिहास पढ लेना जिसने हिन्दुओ को अपमानित करने के लिये सत्रह हमलो मेँ लगभग चार लाख हिन्दु औरते चंद सैनिको के बल पर पकङ कर गजनी ले गया, जो औरते अपने पतियो, भांईयो, पिता से बिलख बिलख कर अपनी रक्षा के लिए निवेदन कर रही थी लेकिन करोङो हिन्दुओ के बीच से मुठ्रठी भर मुस्लिम सैनिक भेङ बकरियो की तरह उठा कर ले गये, उनको बचाने न पति न भाई और न ही इस विशाल भारत के करोङो हिन्दु उनकी रक्षा के लिए आये नहीं....!!

महमुद गजनवी ने इन लङकियो औरतो को ले जाकर गजनवी के बाजार मे सामान की तरह बेँच डाला, विश्व के किसी वर्ग के साथ ऐसा अपमान नही हुआ जो हिन्दु वर्ग के साथ हुआ, अब इतिहास से सबक लेते हुए ये सोचना बंद कर दो कि जब अत्याचार बढेगा तब भगवान स्वंय उन्हे बचाने आयेँगे, क्योकि भगवान भी अव्यवहारिक अहिँसा का समर्थन करने वालो को नपुसंकता करार देते है क्योकि भगवान ने सभी अवतारो मेँ यही संदेश दिया है अपनी रक्षा स्वयं करो मैँ तुम्हारे साथ हूँ, तुम्हे नेत्र दिए है गलत का विरोध करो मै सदैव तुम्हारे साथ खङा हूँ...!!

आज पुनः इतिहास हमारी परीक्षा ले रहा है और ये भी स्मरण रखो  कि एक गाल पर कोई मारे तो दुसरा आगे करो ये कोई गीता या माहाभारत का उपदेश नही ये उन डरपोक कायरो का संदेश है जो खुद के हत्यारे भी है...!!

अब तो उठो जागो और अपने सनातन धर्म की रक्षा के लिये मैदान मे उतर कर सेवा रुपी आंदोलन शुरु करो, और अपने को या अपने अंदर कृष्ण और माहाराणा को जिँदा रखो न की अंहिषा के पुजांरियो को...!!

आमोद सिंह वत्स

सोमवार, 19 जनवरी 2026

नेहरू का जिन्ना प्रेम

मुंबई के बेहद पास मालाबार हिल जहां तमाम देशों के राजदूत आवास हैं, जहां मुख्यमंत्री निवास है, वहीं पर यह एक विशाल बंगला है जिसे कभी जिन्ना हाऊस कहा जाता था | यह बंगला मोहम्मद अली जिन्ना का मुंबई का निवास था!!

मोहम्मद अली जिन्ना पाकिस्तान चला गया, लेकिन जवाहरलाल नेहरू का जिन्ना प्रेम देखिए और आप इसे चाहे तो गूगल पर सर्च कर सकते हैं | जिन्ना के साथ अपने व्यक्तिगत प्रेम के कारण जवाहरलाल नेहरू ने इस बंगले को शत्रु संपत्ति घोषित नहीं किया ।

१९५५ में, एक कैबिनेट भाषण में जवाहरलाल नेहरूने सुझाव दिया कि इसे पाकिस्तान सरकार को दिया जाए, ताकि पाकिस्तान सरकार यहां मेरे प्रिय दोस्त जिन्ना की एक मेमोरियल बना सके।
लेकिन उनके ही कैबिनेट की मंजूरी नहीं मिल सकी। क्योंकि, उस समय सिर्फ दो मंत्रियों को छोड़कर पूरा मंत्रीमंडल इसके खिलाफ था | फिर नेहरू को लगा की कही बगावत न हो जाए इसलिए वह खामोश हो गए ।

मोहम्मद अली जिन्ना ने उस वक्त पाकिस्तान में भारत के राजदूत श्री. प्रकाश के जरिए मुंबई के अपने आलीशान बंगले को पाने के लिए कई चिट्ठियां जवाहरलाल नेहरू को लिखी |

हालांकि भारत के विदेश मंत्री और भारतीय उच्चायोग ने सुझाव दिया कि हवेली को १९५६ में पाकिस्तान को सौंप दिया जाए, लेकिन इस सुझाव पर विचार नहीं किया गया।
फिर इस बंगले का असली मालिक कौन है इस पर एक लंबा मुकदमा चला | इस मुकदमे में जिन्ना की बेटी देना वाडिया, पाकिस्तान सरकार और भारत सरकार तीनों शामिल थे | दीना वाडिया ने यह तर्क दिया की चूंकि, मोहम्मद अली जिन्ना खोजा मुस्लिम था इसलिए इस संपत्ति को शत्रु संपत्ति घोषित नहीं किया जा सकता और इस संपत्ति पर मेरा मालिकाना हक है क्योंकि मैं उसकी बेटी हूं | पाकिस्तान सरकार का यह तर्क था कि यह संपत्ति पाकिस्तान सरकार की है क्योंकि मोहम्मद अली जिन्ना पाकिस्तान के नागरिक हैं |

उसके बाद मोदी सरकार आयी और मोदी सरकार ने एक शत्रु संपत्ति का विशेष एक्ट बनाकर इस बंगले का अधिग्रहण कर लिया और इसे विदेश मंत्रालय को सौंप दिया।
अब यह प्रॉपर्टी विदेश मंत्रालय की संपत्ति है ।

सोचिए भारत की सीमा के अंदर स्थित मोहम्मद अली जिन्ना के बंगले का अधिग्रहण भी मोदी सरकार ने किया किसी कांग्रेसी सरकार में यह हिम्मत नहीं थी कि जिन्ना के बंगले का अधिग्रहण कर सके ।

पोस्ट के लिए साभार 
फोटो सोर्स: इंटरनेट

शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

इतिहास का विनाश

भारत का पहला शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने इतिहास को किस तरह भ्रष्ट किया और कैसे एक मुस्लिम परस्त इतिहास हमे परोसा गया, उसकी धज्जियां उड़ाने में सहयोग करे,,,,।।।

1) भारत का इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से शुरू नही होता बल्कि सरयू तट से शुरू होता है जहाँ महर्षि मनु को अपने मनुष्य होने का ज्ञान हुआ और मानव सभ्यता विकसित हुई,,,,।

2) रामायण और महाभारत हिन्दुओ के धर्मग्रंथ हो सकते है मगर शैक्षिक रूप से ये भारत का इतिहास है, जिन्हें पाठ्यक्रम में शामिल नहीं किया गया,,,।

3) सिंध को अरबो ने जीता अवश्य था मगर बप्पा रावल ने उन्हें मार मार कर भगाया भी था, मगर सिर्फ अरबो की विजय पढ़ाई जाती है और बप्पा रावल को कहानी किस्सों के भरोसे छोड़ दिया जाता है,,।

4) व्यवस्था के अनुसार सम्राट पोरस ने सिकन्दर को रोका यह पढ़ाना आवश्यक नही था लेकिन अलाउद्दीन खिलजी ने मंगोलों को रोका ये बात याद से लिखी गयी,,,,।

5) बाबर से औरंगजेब तक हर बादशाह के लिये अलग अध्याय है जबकि मुगलो के इतिहास से हिंदुस्तान के वर्तमान को ज्यादा प्रभाव नही पड़ता।

6) मुगलो का 1707 तक का तो इतिहास बता दिया मगर बड़ी ही चतुराई से उसके बाद सीधे 1757 का प्लासी युद्ध लिखकर अंग्रेजो को ले आये। इतनी जल्दी क्या थी जनाब, जरा 1737 में पेशवा बाजीराव द्वारा मुगलो की धुलाई भी पढ़ा देते।

7) 1757 में मुगल सल्तनत का मराठा साम्राज्य में विलय हो गया था मगर जबरदस्ती उसका अंत 1857 मे पढ़ाया जाता है। 1757 से 1803 मुगल मराठा साम्राज्य के अधीन रहे और 1803 से 1857 अंग्रेजो के। 1757 के बाद कोई मुगल सल्तनत नही थी।

8) पानीपत में मराठो की हार हुई ठीक है मगर ये उनका अंतिम युद्ध नही था वे दोबारा खड़े हुए और अंग्रेजो को भी धो दिया, ये कब पढ़ाओगे? सिर्फ पानीपत पढ़ा दिया ताकि संदेश यह जाए कि हिन्दुओ ने हर युद्ध हारा है जबकि युद्ध के बाद महादजी सिंधिया ने अफगानों को जमकर कूटा था।

9) जितने कागज बलबन, फिरोजशाह तुगलक और बहलोल लोदी पर लिखने में बर्बाद किये उन कागजो पर महादजी सिंधिया, नाना फडणवीस और तुकोजी होल्कर का वर्णन होना चाहिए था।

10) भारत ब्रिटेन का गुलाम नही उपनिवेश था।

11) भारत 200 नही 129 वर्ष ब्रिटेन की कॉलोनी रहा, (1818 में मराठा साम्राज्य के पतन से 1947 में कांग्रेस शासन तक)।

12) आंग्ल मराठा युद्ध 1857 की क्रांति से भी बड़े थे इसलिए उनका विवरण पहले होना चाहिए मगर गायब है क्योकि बखान टीपू सुल्तान का करना था।

13) 1947 में 2 राष्ट्रों का उदय नही हुआ बल्कि एक ही का हुआ, हिंदुस्तान सदियों से उदित है और हमेशा रहेगा। ज्यादा सेक्युलर हो तो दूसरे आतंकी राष्ट्र की चिंता करो, नक्शे पर कुछ ही दिन का मेहमान है।

14) 1962 में भारत चीन से पराजित हुआ मगर 1967 में चीन को हराया भी, वो कौन पढ़ायेगा?

15) सामाजिक विज्ञान में एक पाठ आता है भारत और आतंकवाद, उसमे बड़े बड़े उदाहरण बताए जाते है मगर उनके पीछे का इस्लामिक कारण नही पढ़ाया जाता।

हमारी शिक्षा व्यवस्था बहुत ही रूढ़ हो चुकी है अतः आवश्यकता है ऐसे लोगो को जोड़ने की जो शिक्षा मंत्रालयों में कार्यरत हो, कार्यरत होने से ज्यादा वे भारतीय शिक्षा को लेकर सजग और तत्पर हो।

कृपया ऐसे व्यक्तियों तथा सभी मित्रों तक इस लेख को पहुचाने में हमारा सहयोग करे।
#wendyguevara #tvserial #hinduism #history #weatherforecast #wellness #viratkohli #hilights #health #styleideasdaily

भारत का पहला शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने इतिहास को किस तरह भ्रष्ट किया और कैसे एक मुस्लिम परस्त इतिहास हमे परोसा गया, उसकी धज्जियां उड़ाने में सहयोग करे,,,,।।।1) भारत का इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से शुरू नही होता बल्कि सरयू तट से शुरू होता है जहाँ महर्षि मनु को अपने मनुष्य होने का ज्ञान हुआ और मानव सभ्यता विकसित हुई,,,,।2) रामायण और महाभारत हिन्दुओ के धर्मग्रंथ हो सकते है मगर शैक्षिक रूप से ये भारत का इतिहास है, जिन्हें पाठ्यक्रम में शामिल नहीं किया गया,,,।3) सिंध को अरबो ने जीता अवश्य था मगर बप्पा रावल ने उन्हें मार मार कर भगाया भी था, मगर सिर्फ अरबो की विजय पढ़ाई जाती है और बप्पा रावल को कहानी किस्सों के भरोसे छोड़ दिया जाता है,,।4) व्यवस्था के अनुसार सम्राट पोरस ने सिकन्दर को रोका यह पढ़ाना आवश्यक नही था लेकिन अलाउद्दीन खिलजी ने मंगोलों को रोका ये बात याद से लिखी गयी,,,,।5) बाबर से औरंगजेब तक हर बादशाह के लिये अलग अध्याय है जबकि मुगलो के इतिहास से हिंदुस्तान के वर्तमान को ज्यादा प्रभाव नही पड़ता।6) मुगलो का 1707 तक का तो इतिहास बता दिया मगर बड़ी ही चतुराई से उसके बाद सीधे 1757 का प्लासी युद्ध लिखकर अंग्रेजो को ले आये। इतनी जल्दी क्या थी जनाब, जरा 1737 में पेशवा बाजीराव द्वारा मुगलो की धुलाई भी पढ़ा देते।7) 1757 में मुगल सल्तनत का मराठा साम्राज्य में विलय हो गया था मगर जबरदस्ती उसका अंत 1857 मे पढ़ाया जाता है। 1757 से 1803 मुगल मराठा साम्राज्य के अधीन रहे और 1803 से 1857 अंग्रेजो के। 1757 के बाद कोई मुगल सल्तनत नही थी।8) पानीपत में मराठो की हार हुई ठीक है मगर ये उनका अंतिम युद्ध नही था वे दोबारा खड़े हुए और अंग्रेजो को भी धो दिया, ये कब पढ़ाओगे? सिर्फ पानीपत पढ़ा दिया ताकि संदेश यह जाए कि हिन्दुओ ने हर युद्ध हारा है जबकि युद्ध के बाद महादजी सिंधिया ने अफगानों को जमकर कूटा था।9) जितने कागज बलबन, फिरोजशाह तुगलक और बहलोल लोदी पर लिखने में बर्बाद किये उन कागजो पर महादजी सिंधिया, नाना फडणवीस और तुकोजी होल्कर का वर्णन होना चाहिए था।10) भारत ब्रिटेन का गुलाम नही उपनिवेश था।11) भारत 200 नही 129 वर्ष ब्रिटेन की कॉलोनी रहा, (1818 में मराठा साम्राज्य के पतन से 1947 में कांग्रेस शासन तक)।12) आंग्ल मराठा युद्ध 1857 की क्रांति से भी बड़े थे इसलिए उनका विवरण पहले होना चाहिए मगर गायब है क्योकि बखान टीपू सुल्तान का करना था।13) 1947 में 2 राष्ट्रों का उदय नही हुआ बल्कि एक ही का हुआ, हिंदुस्तान सदियों से उदित है और हमेशा रहेगा। ज्यादा सेक्युलर हो तो दूसरे आतंकी राष्ट्र की चिंता करो, नक्शे पर कुछ ही दिन का मेहमान है।14) 1962 में भारत चीन से पराजित हुआ मगर 1967 में चीन को हराया भी, वो कौन पढ़ायेगा?15) सामाजिक विज्ञान में एक पाठ आता है भारत और आतंकवाद, उसमे बड़े बड़े उदाहरण बताए जाते है मगर उनके पीछे का इस्लामिक कारण नही पढ़ाया जाता।हमारी शिक्षा व्यवस्था बहुत ही रूढ़ हो चुकी है अतः आवश्यकता है ऐसे लोगो को जोड़ने की जो शिक्षा मंत्रालयों में कार्यरत हो, कार्यरत होने से ज्यादा वे भारतीय शिक्षा को लेकर सजग और तत्पर हो।कृपया ऐसे व्यक्तियों तथा सभी मित्रों तक इस लेख को पहुचाने में हमारा सहयोग करे।#wendyguevara #tvserial #hinduism #history #weatherforecast #wellness #viratkohli #hilights #health #styleideasdaily

मंगलवार, 13 जनवरी 2026

धर्म परिवर्तन

एक थे राघव राम कौल काश्मीरी ब्राह्मण, जिनको गौ मांस खिला कर मुसलमान बनाया गया था! इनके पुत्र का नाम शेख इब्राहीम था। शेख इब्राहीम के पुत्र का नाम शेख अब्दुल्ला! शेख अब्दूल्ला के पुत्र का नाम फारुक अब्दूल्ला... फारुक अब्दूल्ला के पुत्र है उमर अब्दूल्ला।
है राघव राम कौल का अब्दूल्ला परिवार। जब तक इनकी ताकत थी कश्मीर में इन्होंने भी लोगों के साथ वही व्यवहार किया है, वही नैरेटिव चल रहा था, डोगरा सिंधी कश्मीरी पंडित बाल्मीकि समाज, सब के मांस को नोच नोच कर खाया, पलायन हत्या से भरा काश्मीर के इतिहास का 70 साल।
एक थे चितपावन ब्राह्मण जिनका नाम तुलसीराम था! उन्होंने टीपू सुल्तान से बचने के लिए इस्लाम कुबूल कर लिया था और अपने गांव ओवैस को उन्होंने अपना सरनेम ओवैसी बना लिया! उन्ही तुलसीराम के पुत्र का नाम अब्दुल वाहिद ओवैसी था! अब्दूल वाहिद के पुत्र का नाम सुल्तान ओवैसी था! सुल्तान ओवैसी के पुत्र का नाम सलाहुद्दीन ओवैसी था! सलाहुद्दीन ओवैसी के पुत्र का नाम असद्दुदीन ओवैसी और अकबरूद्दीन ओवैसी। और विडंबना देखिये कि ओवैशी ब्रदर जिस गोडसे से घृणा करते हैं ये उसी समाज से हैं, यानि दोनो चितपावन ब्राहम्ण। इनका भी यही नैरेटिव दूसरे लोगों को डराना और हर साल 15 मिनट का समय मांगना।
एक थे मुहम्मद अली जिन्ना जो पाकिस्तान के बाप कहे जाते थे! इनके भी बाप का नाम पुंजालाल ठक्कर था! जो एक गुजराति हिंदू थे। ये पैसे के लिए धर्म छोड़ दिए! इनका भी वही नैरेटिव था और आज भी है! खुद तो पैसे के लिए कटोरा पकड़ लिये दूसरों को भी पकड़ाए।
भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश के लगभग सभी मुसलमानों के पूर्वज वास्तव में हिन्दू ही थे जो मुग़ल शासकों के भय व उनके द्वारा लोभ वश मुस्लिम बन गए। आज उन्हीं की औलादें अनजाने में इस्लाम के नाम पर आतंक अथवा मारकाट कर रहे हैं। काश कि वे अपने पूर्वजों की गलती को सुधार, घर वापसी कर उनकी आत्मा को शांति पहुंचाने का कार्य करते।
ईश्वर एक है तो धर्म भी एक ही होगा। सत्य शास्वत और सनातन होता है, धर्म भी शास्वत और सनातन होता है । धर्म के नाम पर कल या आज पैदा होने वाले मजहब, मत सम्प्रदाय, शास्वत नहीं, सनातन नहीं, धर्म न हैं न ही हो सकते हैं। जो इन्हें ही धर्म मानते हैं, वे ऐसा अज्ञानवश मानते हैं।
साभार 

शनिवार, 10 जनवरी 2026

मनरेगा, मिड डे मील

भारत में भ्र्ष्टाचार के कारण बहुत से सेवा कार्यों में भी व्यवधान हों जाता है. 2014 के बाद ऊपरी स्तर पर यानि मन्त्रीमंडल स्तर पर कोंग्रेस के समय जैसी लूट - छोटाले - दलाली तो मोदी सरकार में नहीँ है लेकिन निचले स्तर पर सरकारी विभागों में सुविधा शुल्क बहुत ज्यादा बढ़ गया है. 
आम आदमी, व्यापारी सभी को किसी न किसी सरकारी विभाग में काम पड़ता ही है. नियम - क़ानून इतने ज्यादा हैं जिनकी पूर्ति कुछ देकर ही होती है. मनरेगा की तरह स्कूलों में मिड डे मिल में भी बहुत गड़बड़ है. बच्चों को नियमानुसार कुछ नहीँ मिलता. हल्की सस्ती बस्तुए इस्तेमाल की जा रही हैं. न क्वालिटी है न ही कवंटिटी है. कोई देखने वाला नहीँ है. कभी कभाक किसी स्कूल का मौका मुआयना हों जाता है. बच्चों के स्वास्थ्य के लिए इसकी नियमित जाँच होनी चाहिए.

उत्तम विचार

गुरुवार, 8 जनवरी 2026

दान की महिमा

Close for charity ~
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में होने वाले कुल दान का 62% जैन समुदाय से प्राप्त होता है ।    अर्थात भारत में होने वाले परमार्थ कार्यों को संचालित रखने में जैन समुदाय 62% योगदान देता है । जैन समुदाय , +140 करोड़ भारत की सुख शांति और समृद्धि बनाये रखने लिए सदैव तत्पर सबसे आगे खड़ा रहता है । विज्ञापनों में खर्च नहीं करते । श्रम करते हैं । 
दान ही जिन-मार्गी की सबसे बड़ी ताकत है । भारत को सबसे बड़ी ताकत दान से ही मिलती है ।  तब भारत चल पाता है । यदि यह 62% दान बंद कर दिया जाए जैन समुदाय की तरफ से  तो भारत की रीढ़ हिल जाएगी । भारत में चल रहे अनेक पुण्यार्थ कार्य  बंद हो जायेंगे ।  देश में दो दिन के अंदर ही असर दिखाई देने लग जाएगा । इतना वृहत् रूप से देश के अंदरुनी हिस्से को मजबूत बनाकर रखा हुआ है जैन समुदाय ने। जैनियों के दान भोजन पानी , चिकित्सा, शिक्षा, आश्रय, वस्त्र, रोज़गार जैसी बुनियादी जरूरतें प्रदान करने पर केंद्रित होते हैं। जैन समुदाय जैसे जैसे कमजोर होता जाएगा । देश अंदर से बिखरते जाएगा । देश की आम जनता कमजोर होती जाएगी ।  आज वही हो रहा है । जैन संस्थानों के अंदर हाथ डालने की कोशिश की जा रही है । विभिन्न प्रकार के षड्यंत्रों से । जैनों को नहीं लूटा जा रहा । यह भारत को कमजोर करने का षड्यंत्र है । जब तक जैन डगमगायेगा नहीं, तब तक भारत अंदर से मजबूत रहेगा । कृषि क्षेत्र और जैन समुदाय, जिसने भारत को कभी भी हाथ फैलाने का मौका नहीं दिया । अनेकों आक्रमण हुए, अनेकों प्राकृतिक प्रकोपों को झेले । फिर खड़े हो गए । यह चमत्कार रहा है भारत  की मजबूत रीढ़ का ।  जैसे जैसे भारत के जैन कमजोर होते जाएंगे, भारत कमजोर होता जाएगा । निस्वार्थ पुण्यार्थ कार्य कम होते चले जाएंगे । भारत के अंदर चल रहे बुनियादी ढांचे बिखर जाएंगे।
टीप: जैन समुदाय चाहे , इसी दान बल से भारत की राजनीति में एक बड़ी भूमिका रख सकता है । दान ताकत है जैन समुदाय की । इसे जानों। 
#pikipedia

मंगलवार, 6 जनवरी 2026

उपयोगी जानकारियां

*100 जानकारी जिसका ज्ञान सबको होना चाहिए*
1.योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।
2. *लकवा* - सोडियम की कमी के कारण होता है ।
3. *हाई वी पी में* -  स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे ।
4. *लो बी पी* - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें ।
5. *कूबड़ निकलना*- फास्फोरस की कमी ।
6. *कफ* - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है , फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है । गुड व शहद खाएं 
7. *दमा, अस्थमा* - सल्फर की कमी ।
8. *सिजेरियन आपरेशन* - आयरन , कैल्शियम की कमी ।
9. *सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें* ।
10. *अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें* ।
11. *जम्भाई*- शरीर में आक्सीजन की कमी ।
12. *जुकाम* - जो प्रातः काल जूस पीते हैं वो उस में काला नमक व अदरक डालकर पियें ।
13. *ताम्बे का पानी* - प्रातः खड़े होकर नंगे पाँव पानी ना पियें ।
14.  *किडनी* - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये ।
15. *गिलास* एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेसटेन्स अधिक होता है । गिलास अंग्रेजो ( पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है अतः लोटे का पानी पियें,  लोटे का कम  सर्फेसटेन्स होता है ।
16. *अस्थमा , मधुमेह , कैंसर* से गहरे रंग की वनस्पतियाँ बचाती हैं ।
17. *वास्तु* के अनुसार जिस घर में जितना खुला स्थान होगा उस घर के लोगों का दिमाग व हृदय भी उतना ही खुला होगा ।
18. *परम्परायें* वहीँ विकसित होगीं जहाँ जलवायु के अनुसार व्यवस्थायें विकसित होगीं ।
19. *पथरी* - अर्जुन की छाल से पथरी की समस्यायें ना के बराबर है । 
20. *RO* का पानी कभी ना पियें यह गुणवत्ता को स्थिर नहीं रखता । कुएँ का पानी पियें । बारिस का पानी सबसे अच्छा , पानी की सफाई के लिए *सहिजन* की फली सबसे बेहतर है ।
21. *सोकर उठते समय* हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का *स्वर* चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें ।
22. *पेट के बल सोने से* हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है । 
23.  *भोजन* के लिए पूर्व दिशा , *पढाई* के लिए उत्तर दिशा बेहतर है ।
24.  *HDL* बढ़ने से मोटापा कम होगा LDL व VLDL कम होगा ।
25. *गैस की समस्या* होने पर भोजन में अजवाइन मिलाना शुरू कर दें ।
26.  *चीनी* के अन्दर सल्फर होता जो कि पटाखों में प्रयोग होता है , यह शरीर में जाने के बाद बाहर नहीं निकलता है। चीनी खाने से *पित्त* बढ़ता है । 
27.  *शुक्रोज* हजम नहीं होता है *फ्रेक्टोज* हजम होता है और भगवान् की हर मीठी चीज में फ्रेक्टोज है ।
28. *वात* के असर में नींद कम आती है ।
29.  *कफ* के प्रभाव में व्यक्ति प्रेम अधिक करता है ।
30. *कफ* के असर में पढाई कम होती है ।
31. *पित्त* के असर में पढाई अधिक होती है ।
33.  *आँखों के रोग* - कैट्रेक्टस, मोतियाविन्द, ग्लूकोमा , आँखों का लाल होना आदि ज्यादातर रोग कफ के कारण होता है ।
34. *शाम को वात*-नाशक चीजें खानी चाहिए ।
35.  *प्रातः 4 बजे जाग जाना चाहिए* ।
36. *सोते समय* रक्त दवाव सामान्य या सामान्य से कम होता है ।
37. *व्यायाम* - *वात रोगियों* के लिए मालिश के बाद व्यायाम , *पित्त वालों* को व्यायाम के बाद मालिश करनी चाहिए । *कफ के लोगों* को स्नान के बाद मालिश करनी चाहिए ।
38. *भारत की जलवायु* वात प्रकृति की है , दौड़ की बजाय सूर्य नमस्कार करना चाहिए ।
39. *जो माताएं* घरेलू कार्य करती हैं उनके लिए व्यायाम जरुरी नहीं ।
40. *निद्रा* से *पित्त* शांत होता है , मालिश से *वायु* शांति होती है , उल्टी से *कफ* शांत होता है तथा *उपवास* ( लंघन ) से बुखार शांत होता है ।
41.  *भारी वस्तुयें* शरीर का रक्तदाब बढाती है , क्योंकि उनका गुरुत्व अधिक होता है ।
42. *दुनियां के महान* वैज्ञानिक का स्कूली शिक्षा का सफ़र अच्छा नहीं रहा, चाहे वह 8 वीं फेल न्यूटन हों या 9 वीं फेल आइस्टीन हों , 
43. *माँस खाने वालों* के शरीर से अम्ल-स्राव करने वाली ग्रंथियाँ प्रभावित होती हैं ।
44. *तेल हमेशा* गाढ़ा खाना चाहिएं सिर्फ लकडी वाली घाणी का , दूध हमेशा पतला पीना चाहिए ।
45. *छिलके वाली दाल-सब्जियों से कोलेस्ट्रोल हमेशा घटता है ।* 
46. *कोलेस्ट्रोल की बढ़ी* हुई स्थिति में इन्सुलिन खून में नहीं जा पाता है । ब्लड शुगर का सम्बन्ध ग्लूकोस के साथ नहीं अपितु कोलेस्ट्रोल के साथ है ।
47. *मिर्गी दौरे* में अमोनिया या चूने की गंध सूँघानी चाहिए । 
48. *सिरदर्द* में एक चुटकी नौसादर व अदरक का रस रोगी को सुंघायें ।
49. *भोजन के पहले* मीठा खाने से बाद में खट्टा खाने से शुगर नहीं होता है । 
50. *भोजन* के आधे घंटे पहले सलाद खाएं उसके बाद भोजन करें । 
51. *अवसाद* में आयरन , कैल्शियम , फास्फोरस की कमी हो जाती है । फास्फोरस गुड और अमरुद में अधिक है 
52.  *पीले केले* में आयरन कम और कैल्शियम अधिक होता है । हरे केले में कैल्शियम थोडा कम लेकिन फास्फोरस ज्यादा होता है तथा लाल केले में कैल्शियम कम आयरन ज्यादा होता है । हर हरी चीज में भरपूर फास्फोरस होती है, वही हरी चीज पकने के बाद पीली हो जाती है जिसमे कैल्शियम अधिक होता है ।
53.  *छोटे केले* में बड़े केले से ज्यादा कैल्शियम होता है ।
54. *रसौली* की गलाने वाली सारी दवाएँ चूने से बनती हैं ।
55.  हेपेटाइट्स A से E तक के लिए चूना बेहतर है ।
56. *एंटी टिटनेस* के लिए हाईपेरियम 200 की दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दे ।
57. *ऐसी चोट* जिसमे खून जम गया हो उसके लिए नैट्रमसल्फ दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दें । बच्चो को एक बूंद पानी में डालकर दें । 
58. *मोटे लोगों में कैल्शियम* की कमी होती है अतः त्रिफला दें । त्रिकूट ( सोंठ+कालीमिर्च+ मघा पीपली ) भी दे सकते हैं ।
59. *अस्थमा में नारियल दें ।* नारियल फल होते हुए भी क्षारीय है ।दालचीनी + गुड + नारियल दें ।
60. *चूना* बालों को मजबूत करता है तथा आँखों की रोशनी बढाता है । 
61.  *दूध* का सर्फेसटेंसेज कम होने से त्वचा का कचरा बाहर निकाल देता है ।
62.  *गाय की घी सबसे अधिक पित्तनाशक फिर कफ व वायुनाशक है ।* 
63.  *जिस भोजन* में सूर्य का प्रकाश व हवा का स्पर्श ना हो उसे नहीं खाना चाहिए 
64.  *गौ-मूत्र अर्क आँखों में ना डालें ।*
65.  *गाय के दूध* में घी मिलाकर देने से कफ की संभावना कम होती है लेकिन चीनी मिलाकर देने से कफ बढ़ता है ।
66.  *मासिक के दौरान* वायु बढ़ जाता है , 3-4 दिन स्त्रियों को उल्टा सोना चाहिए इससे  गर्भाशय फैलने का खतरा नहीं रहता है । दर्द की स्थति में गर्म पानी में देशी घी दो चम्मच डालकर पियें ।
67. *रात* में आलू खाने से वजन बढ़ता है ।
68. *भोजन के* बाद बज्रासन में बैठने से *वात* नियंत्रित होता है ।
69. *भोजन* के बाद कंघी करें कंघी करते समय आपके बालों में कंघी के दांत चुभने चाहिए । बाल जल्द सफ़ेद नहीं होगा ।
70. *अजवाईन* अपान वायु को बढ़ा देता है जिससे पेट की समस्यायें कम होती है 
71. *अगर पेट* में मल बंध गया है तो अदरक का रस या सोंठ का प्रयोग करें 
72. *कब्ज* होने की अवस्था में सुबह पानी पीकर कुछ देर एडियों के बल चलना चाहिए । 
73. *रास्ता चलने*, श्रम कार्य के बाद थकने पर या धातु गर्म होने पर दायीं करवट लेटना चाहिए । 
74. *जो दिन मे दायीं करवट लेता है तथा रात्रि में बायीं करवट लेता है उसे थकान व शारीरिक पीड़ा कम होती है ।* 
75.  *बिना कैल्शियम* की उपस्थिति के कोई भी विटामिन व पोषक तत्व पूर्ण कार्य नहीं करते है ।
76. *स्वस्थ्य व्यक्ति* सिर्फ 5 मिनट शौच में लगाता है ।
77. *भोजन* करते समय डकार आपके भोजन को पूर्ण और हाजमे को संतुष्टि का संकेत है ।
78. *सुबह के नाश्ते* में फल , *दोपहर को दही* व *रात्रि को दूध* का सेवन करना चाहिए । 
79. *रात्रि* को कभी भी अधिक प्रोटीन वाली वस्तुयें नहीं खानी चाहिए । जैसे - दाल , पनीर , राजमा , लोबिया आदि । 
80.  *शौच और भोजन* के समय मुंह बंद रखें , भोजन के समय टी वी ना देखें । 
81. *मासिक चक्र* के दौरान स्त्री को ठंडे पानी से स्नान , व आग से दूर रहना चाहिए । 
82. *जो बीमारी जितनी देर से आती है , वह उतनी देर से जाती भी है ।*
83. *जो बीमारी अंदर से आती है , उसका समाधान भी अंदर से ही होना चाहिए ।*
84. *एलोपैथी* ने एक ही चीज दी है , दर्द से राहत । आज एलोपैथी की दवाओं के कारण ही लोगों की किडनी , लीवर , आतें , हृदय ख़राब हो रहे हैं । एलोपैथी एक बिमारी खत्म करती है तो दस बिमारी देकर भी जाती है । 
85. *खाने* की वस्तु में कभी भी ऊपर से नमक नहीं डालना चाहिए , ब्लड-प्रेशर बढ़ता है । 
86 .  *रंगों द्वारा* चिकित्सा करने के लिए इंद्रधनुष को समझ लें , पहले जामुनी , फिर नीला ..... अंत में लाल रंग । 
87 . *छोटे* बच्चों को सबसे अधिक सोना चाहिए , क्योंकि उनमें वह कफ प्रवृति होती है , स्त्री को भी पुरुष से अधिक विश्राम करना चाहिए 
88. *जो सूर्य निकलने* के बाद उठते हैं , उन्हें पेट की भयंकर बीमारियां होती है , क्योंकि बड़ी आँत मल को चूसने लगती है । 
89.  *बिना शरीर की गंदगी* निकाले स्वास्थ्य शरीर की कल्पना निरर्थक है , मल-मूत्र से 5% , कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ने से 22 %, तथा पसीना निकलने लगभग 70 % शरीर से विजातीय तत्व निकलते हैं । 
90. *चिंता , क्रोध , ईर्ष्या करने से गलत हार्मोन्स का निर्माण होता है जिससे कब्ज , बबासीर , अजीर्ण , अपच , रक्तचाप , थायरायड की समस्या उतपन्न होती है ।* 
91.  *गर्मियों में बेल , गुलकंद , तरबूजा , खरबूजा व सर्दियों में सफ़ेद मूसली , सोंठ का प्रयोग करें ।*
92. *प्रसव* के बाद माँ का पीला दूध बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता को 10 गुना बढ़ा देता है । बच्चो को टीके लगाने की आवश्यकता नहीं होती  है ।
93. *रात को सोते समय* सर्दियों में देशी मधु लगाकर सोयें त्वचा में निखार आएगा 
94. *दुनिया में कोई चीज व्यर्थ नहीं , हमें उपयोग करना आना चाहिए*।
95. *जो अपने दुखों* को दूर करके दूसरों के भी दुःखों को दूर करता है , वही मोक्ष का अधिकारी है । 
96. *सोने से* आधे घंटे पूर्व जल का सेवन करने से वायु नियंत्रित होती है , लकवा , हार्ट-अटैक का खतरा कम होता है । 
97. *स्नान से पूर्व और भोजन के बाद पेशाब जाने से रक्तचाप नियंत्रित होता है*। 
98 . *तेज धूप* में चलने के बाद , शारीरिक श्रम करने के बाद , शौच से आने के तुरंत बाद जल का सेवन निषिद्ध है 
99. *त्रिफला अमृत है* जिससे *वात, पित्त , कफ* तीनो शांत होते हैं । इसके अतिरिक्त भोजन के बाद पान व चूना ।  
100. इस विश्व की सबसे मँहगी *दवा। लार* है , जो प्रकृति ने तुम्हें अनमोल दी है ,इसे ना थूके ।

_*जनजागृति हेतु लेख को पढ़ने के बाद साझाअवश्य करे*

 ||हर हर महादेव||

सोमवार, 5 जनवरी 2026

हिंदी वर्णमाला

कभी हिन्दी वर्णमाला का क्रमबद्ध इतना सुन्दर प्रयोग देखा है। आप भी अद्भुत अद्वितीय अविस्मरणीय कह उठेंगे...   

यह कविता जिसने भी लिखी प्रशंसनीय है।

"अ"चानक
"आ"कर मुझसे
"इ"ठलाता हुआ पंछी बोला
"ई"श्वर ने मानव को तो
"उ"त्तम ज्ञान-दान से तौला
"ऊ"पर हो तुम सब जीवों में
"ऋ"ष्य तुल्य अनमोल
"ए"क अकेली जात अनोखी
"ऐ"सी क्या मजबूरी तुमको
"ओ"ट रहे होंठों की शोख़ी
"औ"र सताकर कमज़ोरों को
"अं"ग तुम्हारा खिल जाता है
"अ:"तुम्हें क्या मिल जाता है.?
"क"हा मैंने- कि कहो
"ख"ग आज सम्पूर्ण
"ग"र्व से कि- हर अभाव में भी
"घ"र तुम्हारा बड़े मजे से
"च"ल रहा है
"छो"टी सी- टहनी के सिरे की
"ज"गह में, बिना किसी
"झ"गड़े के, ना ही किसी
"ट"कराव के पूरा कुनबा पल रहा है
"ठौ"र यहीं है उसमें
"डा"ली-डाली, पत्ते-पत्ते
"ढ"लता सूरज
"त"रावट देता है
"थ"कावट सारी, पूरे
"दि"वस की-तारों की लड़ियों से
"ध"न-धान्य की लिखावट लेता है
"ना"दान-नियति से अनजान अरे
"प्र"गतिशील मानव
"फ़"ल के चक्कर में 
"ब"न बैठे हो असमर्थ
"भ"ला याद कहाँ तुम्हें
"म"नुष्यता का अर्थ.?
"य"ह जो थी, प्रभु की
"र"चना अनुपम...
"ला"लच लोभ के 
"व"शीभूत होकर
"श"र्म-धर्म सब तजकर
"ष"ड्यंत्रों के खेतों में
"स"दा पाप-बीजों को बोकर
"हो"कर स्वयं से दूर
"क्ष"णभंगुर सुख में अटक चुके हो
"त्रा"स को आमंत्रित करते हुए
"ज्ञा"न-पथ से भटक चुके हो।
 *हिंदी दिवस की शुभ कामनाये@*🌹🌹🌹🌹

कांग्रेस का सच