*"वोट चोरी" का प्रोपगंडा खड़ा करके अमेरिकी कठपुतलियों को स्थापित करने के लिए एक हथियार के रूप में किया जाता है।*
कुछ हालिया उदाहरण:
जॉर्जिया (2003): #वोटचोरी के आरोपों के कारण रोज़ क्रांति हुई। अमेरिका समर्थक सरकार सत्ता में आई।
यूक्रेन (2014): #वोटचोरी के आरोपों के कारण यानुकोविच को हटाया गया। अमेरिका समर्थक सरकार सत्ता में आई।
किर्गिस्तान (2005): #वोटचोरी के आरोपों के कारण अकायेव को हटाया गया। अमेरिका समर्थक सरकार सत्ता में आई।
पाकिस्तान (2022): #वोटचोरी के आरोपों के कारण इमरान खान को हटाया गया। अमेरिका समर्थक मुनीर सरकार सत्ता में आई।
बांग्लादेश (2024): #वोटचोरी के आरोपों के कारण शेख हसीना सरकार को हटाया गया। अमेरिका समर्थक सरकार सत्ता में आई।
भारत (2025): #वोटचोरी के आरोपों को कांग्रेस पार्टी और रवीश, बनर्जी और ध्रुव राठी जैसे यूट्यूबर्स जैसे डीप स्टेट एजेंटों का इस्तेमाल करके फैलाया जा रहा है। हिंसक विरोध प्रदर्शनों की योजना बनाई जा रही है। क्या अमेरिका भारत को गुलाम बनाएगा? यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
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