सोमवार, 23 अगस्त 2021
पहला फॉर्मेट अच्छा था
ब्लॉग पर लेख लिखने में पहले जैसा आनंद नहीं आ रहा है। पहला फॉर्मेट अच्छा था।
अब पैराग्राफ खत्म हो जाते हैं। अक्षर भी छोटे -बड़े नहीं हो रहे हैं .
पूर्णविराम मनमर्जी का हो गया है। कभी लग जाता है,कभी सिर्फ डॉट लग रही है।
ब्लॉग पर देखने पर ऐसा लगता है जैसे लगातार लिखा गया हो।
निवेदन है की इन बातों पर ध्यान दिया जाये।
धन्यवाद।
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मोदीजी हैं तो मुमकिन है
......आज से 25-30 साल बाद...जब दुनिया का इतिहास लिखा जाएगा...उस समय के नेता जब दुनिया मे कूटनीति का उदाहरण देंगे...तब ये बताया और पढाया जाए...
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