मंगलवार, 6 अक्टूबर 2020

बिना साबुन हाथ धोयें -स्वस्थ रहें

बिना साबुन हाथ धोयें -स्वस्थ रहें https://suniljainrana.blogspot.com/ October 6, 2020 • सुनील जैन राना • जनहित जी हाँ ,बहुत उपयोगी और लाभकारी है बिना साबुन के हाथ धोने की क्रिया करना। सम्पूर्ण शरीर के जोड़ो की अकड़न -जकड़न दूर हो जाती है ऐसा करने से। हमारे शरीर की अधिकांश ग्रंथियां हमारे हाथों की हथेलियों से ताल्लुक रखती हैं। यदि हम प्रतिदिन प्रातः और जब भी समय मिले पांच मिनट हथेलियों की कसरत में लगा दें तो अनेक प्रकार के जोड़ो से संबंधित रोगो से छुटकारा मिल सकता है। मैं खुद ऐसा करता हूँ जिससे मेरे घुटनो के दर्द में आराम है। कैसे करें ? जिस प्रकार हम शौच के बाद साबुन से हाथ धोते हैं ठीक उसी प्रकार प्रातः बिना साबुन लगाये हाथ धोने की क्रिया करें अर्थात दोनों हाथो को आपस में सीधे -उल्टे ,आगे पीछे ,ऊपर नीचे ,उँगलियों में उँगलियाँ डालकर खूब रगड़ें। हथेलियों के पर्वतों को आपस में ठोकें ,तालियां बजायें ,यानि की हथेलियों के प्रत्येक भाग को आपस में रगड़ें। ऐसा करने से आपको अपने शरीर के जोड़ो में आराम मह्सूस होगा। दरअसल हमारी हथेलियों में अधिकांश शरीर की ग्रंथियां होती हैं ,ऐसे में उन्हें आपस में रगड़ने से कमजोर सुस्त नसें चलायमान हो जाती हैं। इसी प्रकार हमारी उँगलियों के पोरो से शरीर के अधिकांश अंग जुड़े होते हैं। इन पोरो को अलग -अलग दबाने से संबंधित अंग के रोग में आराम मिलता है। यदि किसी पोरे को दबाने से दर्द होता है तो इसका मतलब उससे संबंधित अंग में व्याधि है। पोरो को दबाना एक्यूप्रेशर की तरह काम करता है। हम काफी समय खाली बैठे रहते हैं ,हमे खाली समय का सदुपयोग करना चाहिये। ऐसी बहुत सी कसरतें हैं जो हम खाली बैठे बैठे कर सकते हैं। अनुलोम -विलोम ,कपालभाति आदि से लेकर बिना साबुन हाथ धोने की क्रिया आदि से हम बिना खर्च अनेकों व्याधियों से मुक्ति पा सकते हैं। इसमें कोई हानि भी नहीं है। * सुनील जैन राना *

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

हमले नहीँ होते थे - राहुल

जब कांग्रेस सत्ता में थी तब राहुल गांधी कहते थे की आतं की हमलो को रोक पाना संभव नहीं है आपको आतंकी हमलो  की आदत डालनी होगी यह देखिए जब राहुल...