जियो और जीने दो एवं देशहित सर्व प्रथम।
जब 11 जनवरी 1966 की रात ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री जी की मौत हुई 😢🇮🇳, तो पूरा देश सदमे में था। लेकिन असली 'तमाशा' तो तब हुआ ...
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