हाइकु
------------------
अमावस थी
निकला न चन्द्रमा
अँधेरी रात
---------------------
परिन्दे भागे
अपने घोसलों में
छुपा सूरज
---------------------
आंख खोलकर पढ़िये....!! ईशा की पांचवी सदी में शाही राजा खिंगल ने अफगानिस्तान के गर्देज स्थान पर महाविनायक की प्राण प्रतिष्ठा कराई थी। समय के ...