हाइकु
----------------
तट उजड़े
देख वेग गंगा का
मन्दिर बहा
-------------------
प्राण शरीर
प्राणहीन शरीर
माटी शरीर
-------------------
गूँजी आवाज़
ध्वनि से प्रतिध्वनि
वापस आयी
---------------------
......आज से 25-30 साल बाद...जब दुनिया का इतिहास लिखा जाएगा...उस समय के नेता जब दुनिया मे कूटनीति का उदाहरण देंगे...तब ये बताया और पढाया जाए...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें