सुनील जैन राना ब्लॉग स्पॉट
जियो और जीने दो एवं देशहित सर्व प्रथम।
गुरुवार, 1 सितंबर 2016
हाइकु
---------------
कामी पुरुष
जैसे नाली का कीड़ा
विष्ठा में लिप्त
------------------------
लड़ते हो क्यों
सब धर्म समान
इंसान बनो
----------------------
पापी कमाई
अधर्म का व्यापार
टिकाऊ नहीँ
----------------------
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
ज्ञानी - अज्ञानी
jainism muni images
jainism muni images
Jainism muni images
Jainism muni images
jianism muni images
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें