Monday, 19 February 2018

११३५६ करोड़ का पीएनबी महा घोटाला
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हर रोज एक नई खोज की तरह नये -नये घोटाले

उजागर हो रहे हैं। पक्ष -विपक्ष के बीच घमासान

जारी है। विपक्ष इस घोटाले को मोदी सरकार से

जोड़ रहा है तो वहीं मोदी सरकार अन्य घोटालो

की तरह इस घोटाले को भी कांग्रेस के समय में

हुआ घोटाला बता रही है।

२००८ में कांग्रेस की सरकार के समय जब की

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह थे ,वित्तमंत्री चिदंबरम

थे ,रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन थे। तब से

लेकर २०१४ तक कांग्रेस के कार्यकाल में प्रत्येक

साल के ऑडिट में क्लीन चिट मिलती रही। जबकि

बिना किसी सुरक्षा के हज़ारो करोड़ का लोन आपस

की मिलीभगत से दे दिया गया।

अब मोदी सरकार में सभी बैंको पर बसूल ना हो पाने

वाले लोन पर शिकंजा कसा गया। तभी बैंको द्वारा ऐसे

NPA की जानकारी दी जानी शुरू हुई है। उसी जानकारी

के तहत इस महान घोटाले का पर्दाफाश हुआ। तब से लेकर

अब तक नीरव मोदी समेत अन्य सभी आरोपी पकड़े जा रहे

हैं। नीरव मोदी की फर्म गीतांजली जेम्स पर देश भर में छापे

मारे जा रहे हैं। बहुमूल्य हीरे -जवाहरात सीज़ किये जा रहे हैं।

टीवी पर इस संबंध में बहस जारी है। सम्पूर्ण विपक्ष बीजेपी

सरकार को घेरने में लगा है। लेकिन जनता भी सब देख रही

है ,समझ रही है। जनता को समझ आ रहा है UPA के समय

घोटालों पर घोटाले हुए जिसमें कांग्रेस की तरफ से पूरी छूट

मिली हुई थी। अब तक ये घोटाले सामने आ रहे हैं।


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